बिहार में बाढ़ के कहर के बीच बड़ी राहत, खतरे के निशान से नीचे उतरी उफनती गंगा
Bihar Weather Update: बिहार में पिछले कई दिनों से तबाही मचा रही बाढ़ के बीच लाखों लोगों के लिए एक बेहद सुकून देने वाली खबर सामने आई है. कई जिलों में रौद्र रूप दिखा चुकी गंगा नदी का जलस्तर अब लगातार नीचे गिर रहा है. शनिवार शाम छह बजे तक गंगा का जलस्तर तैंतीस दशमलव चार सात मीटर दर्ज किया गया, जो कि खतरे के निशान से करीब इक्कीस सेंटीमीटर नीचे है. पिछले दो हफ्तों से जलप्रलय का सामना कर रहे बिहार के तटवर्ती इलाकों के लिए यह बहुत बड़ा मोड़ माना जा रहा है. नदी का पानी घटने से उन पचास लाख लोगों ने राहत की सांस ली है, जिनका जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका था.
15 जिलों में मची थी भारी तबाही
गंगा के उफान की वजह से बिहार के करीब एक दर्जन से ज्यादा यानी चौदह से पंद्रह जिले बुरी तरह प्रभावित हुए थे. इस बार गंगा के जलस्तर ने पिछले तीस सालों का पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया था. पानी पचास मीटर के आसपास तक पहुंच गया था, जिससे चारों तरफ सिर्फ सैलाब ही सैलाब नजर आ रहा था. पटना, भागलपुर और राघोपुर समेत तमाम निचले इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए थे. गांव के गांव पानी में समा गए थे और सड़कों पर नावें चलने लगी थीं. लोगों के घरों में कई फीट तक पानी भरा हुआ था, जिसके चलते लाखों परिवारों को अपना आशियाना छोड़कर ऊंचे स्थानों या राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी थी.
IMD Weather Alert: 20 से अधिक राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना और ओडिशा रेड अलर्ट पर
सितंबर के उत्तरार्ध में मानसून की सक्रियता एक बार फिर बढ़ गई है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के तीव्र होकर डिप्रेशन में बदलने के कारण पूर्वी, दक्षिणी और मध्य भारत के मौसम पर इसका सीधा असर देखा जा रहा है।
मौसम विभाग ने दक्षिण भारत के तटीय राज्यों और पूर्वी भारत के तटीय इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
दक्षिण और पूर्वी भारत में भारी तबाही और अलर्ट
मौसम विभाग ने तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में बहुत भारी बारिश के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है, जिनकी रफ्तार बढ़कर 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही ओडिशा के 20 जिलों के कलेक्टरों को अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया है, क्योंकि तटीय इलाकों में भारी बारिश के कारण दोबारा बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति पैदा होने का खतरा मंडरा रहा है।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी लगातार तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। इसके अलावा तमिलनाडु, पुडुचेरी, तेलंगाना और केरल के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार बारिश की आशंका जताई गई है, जहां अकेले केरल के ही 7 जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। गांगेय पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में भी गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है।
मध्य और पश्चिमी भारत का मौसम
मध्य भारत के छत्तीसगढ़ में एकाध स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है, जबकि विदर्भ क्षेत्र में गरज-चमक के साथ रुक-रुक कर बारिश की स्थिति बनी रहेगी। पश्चिमी तट की बात करें तो कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के कई हिस्सों में तेज बौछारें पड़ने और बिजली कड़कने का अनुमान लगाया गया है।
उत्तर और पूर्वोत्तर भारत का हाल
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों, जिसमें दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और बिहार शामिल हैं, में कहीं-कहीं आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। इन इलाकों में हल्की आंधी के साथ छिटपुट बारिश या तेज बौछारें पड़ सकती हैं। पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश में भी छिटपुट बारिश के साथ बिजली गिरने का अंदेशा जताया गया है।
मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी
बंगाल की खाड़ी में मौसमी दबाव के चलते समुद्र में हलचल काफी तेज रहेगी और हवा की गति 45 से 55 किमी प्रति घंटा रहने का अनुमान है, जो समय-समय पर बढ़कर 65 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इस खतरनाक स्थिति को ध्यान में रखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह जारी की है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation
Haribhoomi











