भूपेंद्र यादव और CM योगी ने यूपी के वायु प्रदूषण एक्शन प्लान की समीक्षा की, नियमों को सख्ती से लागू करने पर जोर
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता सुधारने के उपायों की प्रगति का जायजा लेने के लिए समीक्षा बैठक की. भूपेंद्र यादव ने सर्दियों के मौसम से पहले वायु प्रदूषण के स्तर में काफी कमी लाने के लिए उपायों को तेजी से लागू करने, अलग-अलग एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और नियमों को सख्ती से लागू करने की जरूरत पर जोर दिया.
नियमों का सख्ती से पालन बहुत जरूरी होगा
केंद्रीय मंत्री ने समय पर कार्रवाई की जरूरत पर जोर देते हुए कहा, "सर्दियों के मौसम से पहले के समय का पूरा इस्तेमाल करके प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को मिशन मोड में लागू किया जाना चाहिए. दिल्ली-एनसीआर की हवा की गुणवत्ता में साफ सुधार लाने के लिए समय पर काम पूरा करना, असरदार तालमेल और नियमों का सख्ती से पालन बहुत जरूरी होगा."
सफाई करने पर खास ध्यान दिया जाना चाहिए
उन्होंने सड़क की धूल को रोकने के उपायों की समीक्षा करते हुए कहा कि सड़कों को पूरी तरह पक्का करने और मानसून के दौरान स्थानीय किस्म की झाड़ियों/घास से हरियाली बढ़ाने का काम प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए. साथ ही, गड्ढों की पहचान और मरम्मत, फुटपाथ बनाने, सड़क के किनारे हरियाली बढ़ाने और सड़कों की अच्छी तरह सफाई करने पर खास ध्यान दिया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों (एमआरएसएम) को तैनात करने में जो भी कमियां हैं, उन्हें जल्द से जल्द दूर किया जाए. साथ ही, उन्होंने सुझाव दिया कि सड़क सफाई के काम की रियल-टाइम मॉनिटरिंग और जवाबदेही बेहतर बनाने के लिए सभी एमआरएसएम को जियो-टैग किया जाए.
सरकार के उपायों का स्वागत किया
सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार के उपायों का स्वागत किया. उन्होंने राज्य सरकार के सभी अधिकारियों को बैठक में चर्चा किए गए अलग-अलग उपायों पर समय पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया. उन्होंने समीक्षा बैठक आयोजित करने और इस मामले में अपना कीमती मार्गदर्शन देने के लिए केंद्रीय मंत्री का धन्यवाद किया.
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस मौके पर राज्य के वरिष्ठ अधिकारी; पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह; उत्तर प्रदेश के पर्यावरण और वन मंत्री अरुण कुमार; और परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह मौजूद थे. भूपेंद्र यादव ने इससे पहले, जनभागीदारी और संस्थागत तालमेल के साथ कार्रवाई के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि वायु प्रदूषण से असरदार ढंग से तभी निपटा जा सकता है जब 'पूरी सरकार' और 'पूरा समाज' मिलकर काम करे.
सरकार की सलाहों को सख्ती से लागू करने पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने वायु प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार की सलाहों को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया. केंद्रीय मंत्री ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की स्थिति की समीक्षा करते हुए इस बात पर जोर दिया कि उत्तर प्रदेश के एनसीआर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन इलाकों में इलेक्ट्रिक बसों को चलाने और ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाने का काम तेजी से किया जाना चाहिए, क्योंकि मौजूदा बेड़े में काफी कमियां हैं.
उन्होंने पूरे राज्य में तेजी से बढ़ रहे पेड़-पौधों वाले क्षेत्र (ट्री-कवर एरिया) के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को बधाई दी. भूपेंद्र यादव ने 'एंड-ऑफ-लाइफ' (ईओएल) यानी अपनी उम्र पूरी कर चुकी गाड़ियों के मामले पर अधिकारियों से कहा कि वे एनसीआर के बाहर योग्य ईओएल गाड़ियों को भेजने के लिए 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (एनओसी) जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाएं और साथ ही पुरानी व अनफिट गाड़ियों को वैज्ञानिक तरीके से स्क्रैप करने को बढ़ावा दें.
'इतनी फोर्स लगाऊंगा कि ठंडा कर दूंगा':गोरखपुर की यूनिवर्सिटी में छात्रों को धमकाते SI का वीडियो वायरल, एक महीने में 10 से ज्यादा कॉलेज प्रोटेस्ट
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी यानी DDU कैंपस का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में सब इंस्पेक्टर (दरोगा) स्टूडेंट्स को धमकाते हुए कह रहे हैं कि 'इतनी फोर्स लगाऊंगा कि ठंडा कर दूंगा, जानते नहीं हो ये गोरखपुर पुलिस है।' बता दें कि ये वीडियो DDU कैंपस का है, जहां कुछ स्टूडेंट्स अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। ये वीडियो इन स्टूडेंट्स को हटाने का है, जो अब वायरल हो रहा है। स्टूडेंट्स को हटाने पहुंचे थे एडिशनल प्रॉक्टर ये स्टूडेंट्स DDU कैंपस के प्रशासनिक भवन के सामने अपनी कुछ मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। इन्हें हटाने के लिए यूनिवर्सिटी के एडिशनल प्रॉक्टर डॉ. वेद प्रकाश राय, पुलिस फोर्स और यूनिवर्सिटी गार्ड पहुंचे थे। जब स्टूडेंट्स ने इसका विरोध किया तो उन्हें प्रशासनिक भवन से हटाने की कोशिश की गई। धक्का-मुक्की हुई और दरोगा (SI) ने धमकी दी DDU कैंपस से जब भूख हड़ताल कर रहे स्टूडेंट्स को हटाने की कोशिश की गई, तो उनके सपोर्ट में बैठे स्टूडेंट भड़क गए। देखते ही देखते छात्रों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बहस और नोकझोंक की स्थिति बन गई। विवाद बढ़ने के दौरान मौके पर धक्का-मुक्की भी हुई। स्थिति तनावपूर्ण होने के बाद एडिशनल प्रॉक्टर डॉ. वेद प्रकाश राय को वहां से निकलना पड़ा। ये धरना 25 अगस्त को शुरू हुआ और जब स्टूडेंट्स की मांगे नहीं मानी गईं तो स्टूडेंट्स 5 सितंबर को भूख हड़ताल पर बैठ गए। यूनिवर्सिटी में चल रही अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन DDU में छात्रों का ये प्रदर्शन 25 अगस्त से प्रशासनिक भवन के सामने चल रहा था। छात्र नेता यूनिवर्सिटी से जुड़ी अपनी समस्याओं और कथित अनियमितताओं को लेकर धरने पर बैठे थे। 5 सितंबर से ये धरना भूख हड़ताल में बदल गया। स्टूडेंट्स का कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं और मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सोशल मीडिया पर पुलिस से सवाल पूछ रहे हैं यूजर इसी पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस भी मौके पर मौजूद थी। इसी दौरान एक दारोगा का वीडियो रिकॉर्ड हुआ, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर दारोगा के इस बयान को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सोशल मीडिया पर यूजर स्टूडेंट्स के समर्थन में उतर आए हैं। हालांकि अभी तक इस वीडियो पर DDU ने कोई भी सफाई नहीं दी है। सुप्रीम कोर्ट- शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का सभी को अधिकार हाल ही में दिल्ली में जंतर-मंतर पर पेपर लीक को लेकर हुए बड़े प्रदर्शन में स्टूडेंट्स के खिलाफ हुई FIR पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम CJI सूर्यकांत ने कहा था कि संविधान शांतिपूर्ण ढंग से और कानून के दायरे में रहकर किये गए प्रदर्शन की पूरी तरह आजादी देता है। देशभर के कॉलेज में चल रहे प्रोटेस्ट ------------------- ये खबर भी पढ़ें.. भारत के 3 राज्यों में मेडिकल इंटर्न की हड़ताल:स्टाइपेंड बढ़ाने की कर रहे मांग, वाटर कैनन, लाठीचार्ज, कहा - हम डॉक्टर हैं, क्रिमिनल नहीं मध्य प्रदेश में MBBS इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर भोपाल में आज भी प्रदर्शन जारी है। पूरी खबर पढ़ें
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