Jharkhand के गुमला में तापमान 0.8 डिग्री सेल्सियस पहुंचा
झारखंड में शीत लहर को लेकर 13 जिलों में जारी अलर्ट के बीच, बृहस्पतिवार को गुमला जिले में न्यूनतम तापमान लुढ़क कर 0.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि गढ़वा, पलामू, चतरा, हजारीबाग, लातेहार, रामगढ़, बोकारो, लोहरदगा, रांची, गुमला, खूंटी, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम के लिए शुक्रवार सुबह 8:30 बजे तक ठंड को लेकर येलो अलर्ट (सतर्क रहें) जारी किया गया है।
मौसम विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, बृहस्पतिवार को गुमला 0.8 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा। इसके बाद खूंटी में 2.7 डिग्री और डाल्टनगंज में 3.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
आईएमडी (भारत मौसम विज्ञान विभाग) के अनुसार, बोकारो और सिमडेगा में न्यूनतम तापमान क्रमशः 4.9 और 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि लोहरदगा में पारा 6.0 डिग्री सेल्सियस के स्तर पर रहा।
बुलेटिन में बताया गया कि राज्य की राजधानी रांची में नौ डिग्री सेल्सियस और सरायकेला में 6.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, झारखंड के निचले क्षोभमंडलीय स्तर में उत्तर-पश्चिमी से पश्चिमी हवाओं के चलने के कारण कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
रांची स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद ने कहा, अगले दो दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में किसी भी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद, तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
इस बीच, रांची प्रशासन ने एक परामर्श जारी कर लोगों से ठंड से सावधानी बरतने का आग्रह किया है। रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने एक बयान में कहा, ऐसी स्थिति में ठंड के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से खुद को बचाना बेहद जरूरी है।
Assam ने 2030 तक 3,500 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा: Himanta
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य ने वर्ष 2030 तक 3,500 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने धुबरी जिले के बिलासीपारा क्षेत्र के खुदीगांव में 70 मेगावाट के सौर ऊर्जा संयंत्र का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अतिक्रमण मुक्त कराई गई सरकारी जमीन पर विकास परियोजनाएं शुरू करेगी, जिससे रोजगार पैदा करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
शर्मा ने सौर पार्क का उद्घाटन करने के बाद एक्स पर लिखा, ‘‘आज हमारी सौर क्षमता 680 मेगावाट तक पहुंच गई है और अप्रैल तक हम 750 मेगावाट के आंकड़े को छू लेंगे। हम एक टिकाऊ और स्वच्छ उर्जा भविष्य की ओर निरंतर बढ़ रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, असम का सौर ऊर्जा लक्ष्य 2030 तक 3,500 मेगावाट है।’’ यह नयी परियोजना एसजेवीएन ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एसजीईएल) और असम पावर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एपीडीसीएल) द्वारा संयुक्त रूप से विकसित की गई है।
एसजीईएल, सार्वजनिक क्षेत्र की नवरत्न कंपनी एसजेवीएन लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया पर बताया कि 350 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनी यह परियोजना सालाना 14.1 करोड़ यूनिट बिजली पैदा करेगी और कार्बन उत्सर्जन में लगभग 1.15 लाख टन की कमी लाएगी। शर्मा ने उद्घाटन के बाद संवाददाताओं से कहा कि सरकार अतिक्रमण से मुक्त कराई गई भूमि पर ही विकास परियोजनाएं शुरू करेगी।
उन्होंने कहा, हमारा उद्देश्य सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करना और उन पर परियोजनाएं शुरू करना है। इससे रोजगार सृजन होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।
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