एसआई भर्ती री-एग्जाम-2021 के एडमिट कार्ड अपलोड:2.18 लाख कैंडिडेट्स, 11 जिलों में 666 सेंटर; 20 दिन में मिलेगा रिजल्ट
राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से सब-इंस्पेक्टर/ प्लाटून कमांडर संयुक्त प्रतियोगी री एग्जाम-2021 का आयोजन 20 सितम्बर को होगा। इसके लिए कैंडिडेट्स के एडमिट कार्ड अपलोड कर दिए गए है। इसमें 2.18 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे, 11 जिलों में 666 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। आयोग प्रशासन का प्रयास है कि इस एग्जाम का रिजल्ट 20 दिन में जारी कर दिया जाए। 11 जिलों में 666 परीक्षा केंद्र प्रदेश के 11 जिलों में कुल 666 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें कुल 2 लाख 18 हजार 131 रजिस्टर्ड अभ्यर्थी शामिल होंगे। इसके लिए अजमेर में 74, अलवर में 48, भरतपुर में 58, बीकानेर में 47, हनुमानगढ़ में 23, जयपुर में सर्वाधिक 187, जोधपुर में 81, कोटा में 58, श्रीगंगानगर में 10, टोंक में 16 और उदयपुर में 64 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा का आयोजन दो पारियों में किया जाएगा। प्रथम पारी में सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक सामान्य हिंदी का पेपर होगा, जबकि द्वितीय पारी में दोपहर 03:00 बजे से शाम 05:00 बजे तक सामान्य ज्ञान व सामान्य विज्ञान की परीक्षा ली जाएगी। भर्ती में 7 लाख 97 हजार कैंडिडेट ने किया था आवेदन उपनिरीक्षक/प्लाटून कमांडर परीक्षा-2021 का विज्ञापन 3 फरवरी 2021 को जारी किया गया था। इस भर्ती के लिए पहले हुई परीक्षा में 7 लाख 97 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। इनमें से 3 लाख 83 हजार 97 अभ्यर्थी पिछली परीक्षा (13 से 15 सितंबर 2021) में शामिल हुए थे। पेपर लीक के कारण परीक्षा रद्द कर दी गई। जब री-एग्जाम कराने का निर्णय लिया गया, तब 8 मई 2025 को पहले केवल परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को ही मौका दिया गया था। बाद में सभी अभ्यर्थियों को इस परीक्षा में शामिल होने की छूट दे दी गई। लेकिन एग्जाम की सहमति 2.18 लाख कैंडिडेट्स ने दी। केंद्र पर 2 घंटे पहले पहुंचना होगा, 60 मिनट पहले बंद होंगे प्रवेश द्वार परीक्षा में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से 2 घंटे पहले परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होना अनिवार्य है। किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा शुरू होने के 60 मिनट पूर्व तक ही केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। इसके बाद प्रवेश द्वार पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे और किसी भी परिस्थिति में परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। बायोमेट्रिक जांच, मेटा ग्लासेस और हाईटेक डिवाइसेज पर पैनी नजर परीक्षा में किसी भी प्रकार की जालसाजी, नकल या डमी अभ्यर्थी को रोकने के लिए थंब इंप्रेशन और फेस रिकॉगनीशन का उपयोग करते हुए सघन बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण लागू किया गया है। प्रवेश के दौरान HHMD और बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के माध्यम से अभ्यर्थियों की गहन जांच की जाएगी। इसके अतिरिक्त मेटा ग्लासेस और ब्लूटूथ डिवाइसेज जैसे हाईटेक उपकरणों की रोकथाम के लिए भी पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।
पद्म पुरस्कार 2026: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 25 मई को 131 हस्तियों को करेंगी सम्मानित, गृह मंत्रालय ने दी जानकारी
गणतंत्र के सर्वोच्च नागरिक अलंकरणों में शुमार पद्म पुरस्कारों का बहुप्रतीक्षित समारोह इस वर्ष 25 मई को आयोजित होने जा रहा है। यह वह दिन होगा जब देश की महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उन असाधारण विभूतियों को सम्मानित करेंगी जिन्होंने अपने विशिष्ट योगदान से विभिन्न क्षेत्रों में भारत का गौरव बढ़ाया है। यह अलंकरण समारोह, जिसमें कुल 131 हस्तियों को प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों से नवाजा जाएगा, राष्ट्रपति भवन के गरिमामय प्रांगण में संपन्न होगा।
केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने रविवार को अपने सोशल मीडिया मंचों के माध्यम से इस शुभ आयोजन की पुष्टि की। मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रपति मुर्मू, पहले नागरिक अलंकरण समारोह में, पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री जैसे सम्मान स्वयं प्रदान करेंगी। यह क्षण वास्तव में उन सभी के लिए एक जादुई अनुभव होगा जिन्हें स्वयं राष्ट्रपति के हाथों यह सम्मान प्राप्त होगा, जो उनके जीवन की साधना और समर्पण की पराकाष्ठा का प्रतीक है।
कुल 131 हस्तियों को मिलेगा सम्मान
इस वर्ष भारत सरकार ने कुल 131 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की है, जो देश के कोने-कोने से आए उन प्रतिभाशालियों को पहचान देते हैं जिन्होंने अपने कार्यों से समाज और राष्ट्र के लिए अनुकरणीय मिसाल पेश की है। इन पुरस्कारों में पांच पद्म विभूषण, तेरह पद्म भूषण और एक सौ तेरह पद्म श्री शामिल हैं। यह वर्गीकरण उन व्यक्तियों के योगदान की गहराई और व्यापकता को दर्शाता है, जिनके अथक प्रयास और अटूट निष्ठा ने अपने-अपने क्षेत्रों में नए आयाम स्थापित किए हैं।
इन सम्मानों में 19 महिलाएं भी शामिल हैं, जो नारी शक्ति के बढ़ते प्रभाव और विभिन्न क्षेत्रों में उनके अप्रतिम योगदान को रेखांकित करता है। यह एक महत्वपूर्ण संदेश है कि राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका को अब और अधिक प्रमुखता से सराहा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, 16 व्यक्तियों को मरणोपरांत यह सम्मान प्रदान किया जाएगा, जो यह दर्शाता है कि उनका योगदान इतना गहरा और स्थायी था कि उनके जाने के बाद भी राष्ट्र उन्हें कृतज्ञतापूर्वक स्मरण कर रहा है। यह उन महान आत्माओं के प्रति एक श्रद्धांजलि है जिन्होंने अपना जीवन देश और समाज की सेवा में समर्पित कर दिया।
देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक पद्म पुरस्कार
पद्म पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक हैं, जिनकी स्थापना वर्ष 1954 में की गई थी। अपनी स्थापना के बाद से, ये सम्मान भारत के उन नागरिकों को दिए जाते रहे हैं जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में असाधारण योगदान देकर देश और समाज के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह एक गौरवशाली परंपरा है जो प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर इन पुरस्कारों की घोषणा के साथ एक नया अध्याय लिखती है।
ये पुरस्कार कला की अनुपम साधना, साहित्य और शिक्षा के आलोक, खेल के मैदान में विजय गाथा, चिकित्सा के क्षेत्र में सेवाभाव, सामाजिक कार्य के निस्वार्थ समर्पण, विज्ञान और इंजीनियरिंग के नवीन अनुसंधान, सार्वजनिक जीवन की प्रतिबद्धता तथा व्यापार और उद्योग के नवाचार जैसे विविध क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान के लिए दिए जाते हैं। प्रत्येक वर्ष, यह चयन प्रक्रिया उन व्यक्तियों को सामने लाती है जिनके कार्य प्रेरणा का स्रोत बनते हैं और जो राष्ट्र के सामूहिक चेतना को समृद्ध करते हैं। 25 मई को होने वाला यह समारोह केवल पुरस्कार वितरण नहीं, बल्कि राष्ट्र की उन महान आत्माओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक भव्य अवसर है जिन्होंने अपने जीवन को उत्कृष्टता के पथ पर अग्रसर किया है।
The President of India, Smt. Droupadi Murmu will present Padma Vibhushan, Padma Bhushan and Padma Shri Awards for the year 2026 at the Civil Investiture Ceremony-I to be held at Rashtrapati Bhavan on 25th May 2026.@rashtrapatibhvn #PeoplesPadma #PadmaAwards2026 pic.twitter.com/AEGjLjVrQx
— PIB – Ministry of Home Affairs (@PIBHomeAffairs) May 17, 2026
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