Viral: 'कौन है ये बेवकूफ?' रेड कार्पेट पर पोज दे रहे खेसारी लाल पर भड़कीं मलाइका! Video शेयर कर बोलीं- 'घटिया'
Malaika Arora Slams Khesari Lal yadav: बॉलीवुड अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा ने हाल ही में एक वायरल वीडियो पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए भोजपुरी अभिनेता खेसारी लाल यादव की कड़ी आलोचना की है। यह मामला उस समय चर्चा में आया, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक रेड कार्पेट इवेंट के दौरान एक आवारा कुत्ते को कर्मचारियों ने जबरदस्ती घसीटकर हटा दिया।
रेड कार्पेट पर कुत्ते को घसीटने का वीडियो हुआ वायरल
बताया जा रहा है कि यह वीडियो अमेज़न प्राइम वीडियो के शो 'बैटलग्राउंड' के रेड कार्पेट इवेंट का है। वीडियो में देखा जा सकता है कि जैसे ही खेसारी लाल यादव फोटो खिंचवाने के लिए रेड कार्पेट पर पहुंचते हैं, वहां मौजूद एक आवारा कुत्ता उनके सामने आ जाता है। इसके बाद इवेंट स्टाफ कुत्ते को बेरहमी से पकड़कर रेड कार्पेट से बाहर घसीट देता है।
इस दौरान खेसारी लाल यादव वहीं खड़े होकर कैमरों के सामने पोज देते नजर आते हैं। उन्होंने न तो स्टाफ को रोकने की कोशिश की और न ही इस घटना पर कोई प्रतिक्रिया दी। इसी बात को लेकर सोशल मीडिया पर कई लोगों ने अभिनेता की आलोचना शुरू कर दी।
मलाइका अरोड़ा ने जताई नाराजगी
जानवरों के प्रति अपने प्रेम के लिए पहचानी जाने वाली मलाइका अरोड़ा ने इस वीडियो को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर साझा करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, "ये लोग आखिर हैं कौन? और ये शख्स वहां खड़े होकर पोज दे रहा है... बेहद शर्मनाक।"
इतना ही नहीं, मलाइका ने वीडियो के कमेंट सेक्शन में भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने पहले "घटिया" लिखते हुए घटना की आलोचना की और फिर एक अन्य कमेंट में लिखा, "ये बेवकूफ कौन है? क्या फोटो खिंचवाना इतना जरूरी था?"
जानवरों के प्रति खास लगाव रखती हैं मलाइका
मलाइका अरोड़ा अक्सर मुंबई की सड़कों पर रहने वाले आवारा कुत्तों के साथ समय बिताती नजर आती हैं। कई मौकों पर उन्हें जिम के बाहर स्ट्रे डॉग्स को खाना खिलाते, प्यार करते और उनके साथ खेलते हुए देखा गया है। सोशल मीडिया पर उनके ऐसे कई वीडियो वायरल हो चुके हैं, जिनमें कुत्ते उन्हें देखते ही उनकी कार के पास दौड़कर पहुंच जाते हैं। कई बार मलाइका उन्हें अपनी कार में बैठाकर भी दुलार करती नजर आई हैं।
वायरल वीडियो और बढ़ते विवाद के बावजूद खेसारी लाल यादव की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। उन्होंने न तो इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है और न ही सोशल मीडिया पर किसी तरह की सफाई दी है।
‘UP में शूट करते तो सर्टिफिकेट दे देते’, फिल्म ‘सहिया’ पर मचे विवाद के बीच संजय शर्मा का बड़ा दावा, कोर्ट जाने की तैयारी
मुंबई। फिल्म ‘सहिया’ के सर्टिफिकेशन को लेकर निर्माता-निर्देशक संजय शर्मा और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। संजय शर्मा का कहना है कि उनकी फिल्म नक्सलवाद को बढ़ावा देने वाली नहीं, बल्कि नक्सलियों और पुलिस के संघर्ष के बीच फंसे आदिवासी दंपती की प्रेम कहानी है। इसके बावजूद फिल्म के कंटेंट को नक्सलवाद से जोड़कर देखे जाने और सर्टिफिकेट नहीं मिलने पर उन्होंने CBFC की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
इस पूरे विवाद के बीच संजय शर्मा ने एक और बड़ा दावा किया है। उनके मुताबिक, सेंसर बोर्ड से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने उनसे कहा था कि अगर फिल्म की शूटिंग उत्तर प्रदेश में हुई होती तो उसे सर्टिफिकेट दे दिया जाता। शर्मा ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि कहानी और फिल्म वही रहने पर सिर्फ शूटिंग की जगह बदलने से उसका मतलब कैसे बदल सकता है।
जंगल और आदिवासी इलाका दिखाने पर नक्सलवाद कैसे?
संजय शर्मा का कहना है कि उन्होंने फिल्म को वास्तविक रूप देने के लिए जंगल और आदिवासी इलाकों में शूटिंग की। उनका तर्क है कि कहानी में जंगल, नदियां, झरने और आदिवासी जीवन दिखाना था, इसलिए वास्तविक लोकेशन पर शूटिंग की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि केवल जंगल और आदिवासी इलाके की पृष्ठभूमि होने से किसी फिल्म को नक्सलवाद से कैसे जोड़ा जा सकता है।
निर्माता का कहना है कि ‘सहिया’ में नक्सलवाद या हिंसा का समर्थन नहीं किया गया है। उनके मुताबिक फिल्म का केंद्रीय विचार प्रेम और इंसानी रिश्ते हैं और इसमें हिंसा को समस्या का समाधान बताने के बजाय उसके खिलाफ बात की गई है।
सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया में देरी पर भी सवाल
संजय शर्मा ने CBFC की प्रक्रिया को लेकर भी नाराजगी जाहिर की है। उनका आरोप है कि priority category में आवेदन करने के बावजूद फिल्म की स्क्रीनिंग तय समय में नहीं हुई। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि फिल्म के आखिर किस सीन या डायलॉग को नक्सलवाद से प्रेरित माना गया, इसकी स्पष्ट जानकारी उन्हें क्यों नहीं दी गई। ‘सहिया’ की शूटिंग झारखंड के नेतरहाट क्षेत्र में भी हुई है। फिल्म में रिंकू राजगुरु, शांतनु माहेश्वरी और नीरज काबी प्रमुख भूमिकाओं में हैं।
सर्टिफिकेट नहीं मिला तो हाई कोर्ट जाने की तैयारी
संजय शर्मा ने साफ किया है कि अगर सर्टिफिकेशन को लेकर उनके पक्ष में फैसला नहीं आता है तो वह कानूनी रास्ता अपनाएंगे। उन्होंने हाई कोर्ट जाकर पूरे मामले की जांच की मांग करने की बात कही है। फिलहाल उनकी नजर CBFC की प्रक्रिया और अगले फैसले पर है।
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