Bihar News: बिहार को मिलेगी पहली फिनटेक सिटी, 409 करोड़ की लागत से फतुहा में खुलेगा नेशनल–इंटरनेशनल दफ्तरों का हब
Bihar News: अब बिहार सिर्फ कृषि और परंपरागत उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा. फतुहा के जैतिया गांव से एक ऐसी शुरुआत होने जा रही है, जो राज्य को फाइनेंस और टेक्नोलॉजी के राष्ट्रीय नक्शे पर मजबूत पहचान दिला सकती है.
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PM मोदी ने 28वें कॉमनवेल्थ स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया:42 देशों के 61 स्पीकर्स-ऑफिसर्स शामिल, संविधान सदन में आयोजन
पीएम नरेंद्र मोदी ने आज संसद परिसर में 28वें कॉमनवेल्थ स्पीकर्स और प्रेसाइडिंग ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस (CSPOC) का उद्घाटन किया। पीएम नोदी ने कहा कि जिस स्थान पर आप सब बैठे हैं वो भारत के लोकतांत्रिक सफर का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने कहा कि गुलामी के आखिरी सालों में जब भारत की आजादी तय हो चुकी थी। उस समय इसी सेंट्रल हॉल में भारत के संविधान की रचना के लिए संविधान सभा की बैठकें हुई थी। भारत की आजादी के बाद 75 सालों तक ये इमारत भारत की संसद रही। इसी हॉल में भारत के भविष्य से जुड़े अनेक निर्णय और चर्चाएं हुईं। लोकतंत्र को समर्पित इस स्थान को भारत ने संविधान सदन का नाम दिया है। सम्मेलन की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला संभाल रहे हैं। इसमें कॉमनवेल्थ के 42 देशों से 61 स्पीकर्स और प्रेसाइडिंग ऑफिसर्स शामिल हो रहे हैं। इसके अलावा चार अर्ध-स्वायत्त संसदों के प्रतिनिधि भी सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। लोकसभा अध्यक्ष बोले- हम आज दुनिया की सबसे बड़े लोकतंत्र में जुटे हैं सीएसपीओसी को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि हम आज दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में लोकतांत्रिक संवाद, सहयोग और साझा मूल्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जुटे हैं। यहां संसदीय लोकतंत्र से जुड़ी प्रक्रियाओं, पहलों और अनुभवों को साझा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सात दशकों से अधिक की संसदीय यात्रा में जनकल्याण से जुड़ी नीतियां बनाकर लोकतंत्र को मजबूत किया गया है। CSPOC में संसद से जुड़े मौजूदा मुद्दों पर चर्चा होगी। मकसद लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करना और संसद के कामकाज को बेहतर बनाना है। चर्चा में स्पीकर्स की भूमिका, संसद में तकनीक का इस्तेमाल और नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने जैसे विषय शामिल होंगे। कॉन्फ्रेंस में इन 5 मुद्दों पर चर्चा होगी 14 से 16 जनवरी तक चलेगा सम्मेलन सम्मेलन से पहले बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्थायी समिति की बैठक की अध्यक्षता की थी। 28वां CSPOC सम्मेलन 14 से 16 जनवरी तक भारतीय संसद की मेजबानी में हो रहा है। भागीदारी के लिहाज से इसे अब तक का सबसे बड़ा CSPOC सम्मेलन बताया जा रहा है। ज्यादातर काम ऑनलाइन, कागज का इस्तेमाल नहीं सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओम बिरला ने कहा था कि सम्मेलन में साझा संसदीय मूल्यों, लोकतांत्रिक शासन और सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि सम्मेलन से जुड़ा ज्यादातर काम ऑनलाइन हुआ है और कागज का इस्तेमाल नहीं किया गया। पाकिस्तान शामिल नहीं, बांग्लादेश में स्पीकर नहीं सवालों के जवाब में ओम बिरला ने बताया कि पाकिस्तान इस सम्मेलन में हिस्सा नहीं ले रहा है। वहीं, बांग्लादेश में इस समय स्पीकर का पद खाली है और वहां अगले महीने आम चुनाव होने हैं। CSPOC का पिछला यानी 27वां सम्मेलन जनवरी 2024 में युगांडा में हुआ था। इस बार 28वें सम्मेलन की मेजबानी भारत कर रहा है।
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