सपा सत्ता में आई तो Remote Sensing से होगी विकास दुबे एनकाउंटर की जांच: Akhilesh Yadav
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कानपुर के गैंगस्टर विकास दुबे से जुड़ी कथित मुठभेड़ की तरफ इशारा करते हुए तंज किया कि उनकी पार्टी अगर उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में आती है तो वह रिमोट सेंसिंग विभाग (दूर संवेदी विभाग) से कार पलटने वाली घटना की जांच कराएंगे। कानपुर देहात के बिकरू इलाके में दो-तीन जुलाई 2020 की रात को आठ पुलिसकर्मियों की घात लगाकर छत से गोलियां चलाते हुए हत्या किये जाने की वारदात के मुख्य आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे की 10 जुलाई को उज्जैन से कानपुर लाते समय पुलिस की गाड़ी कथित रूप से दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गयी थी और पुलिस का दावा है कि हादसे के बाद भागने की कोशिश में दुबे पुलिस से हुई मुठभेड़ में मारा गया था। सपा प्रमुख ने लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि रिमोट सेंसिंग के साथ-साथ सभी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल मुख्य रूप से किसानों के फायदे के लिए और साथ ही स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और कृषि के क्षेत्रों में किया जाएगा।
यादव ने किसी का नाम लिये बगैर गैंगस्टर विकास दुबे की कथित मुठभेड़ में हुई मौत की ओर इशारा करते हुए कहा, रिमोट सेंसिंग विभाग एक बहुत पुराना विभाग है। हम निश्चित रूप से इस विभाग को उस घटना की जांच का काम सौंपेंगे कि आखिर गाड़ी कैसे पलटी थी। उन्होंने कहा, हम उन्हें अलग से फंड देंगे... चाहे वह 50 करोड़ रुपये हो या 100 करोड़ रुपये... और उन्हें उन गाड़ियों की आवाजाही का पता लगाने का निर्देश देंगे कि वे कहां से चली थी और उस जगह तक कैसे पहुंचीं?
इसके अलावा, हम अपराध से निपटने के लिए रिमोट सेंसिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल करेंगे, जिससे फर्जी एनकाउंटर जैसी घटनाओं पर भी रोशनी डालने में मदद मिलेगी। सपा प्रमुख ने गैंगस्टर विकास दुबे के मुठभेड़ में मारे जाने पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि कार पलटी नहीं थी, बल्कि यह सरकार को गिरने से बचाने की कोशिश थी ताकि सच सामने न आए।
पुलिस ने दावा किया था कि उज्जैन से कानपुर ले जाई जा रही पुलिस की गाड़ी के 10 जुलाई को दुर्घटनाग्रस्त होने और विकास दुबे के मौके से भागने की कोशिश करने के बाद हुई मुठभेड़ में वह मारा गया था।
Adiala Jail में Imran Khan का मेडिकल चेकअप, PIMS के डॉक्टरों ने की जांच
(सज्जाद हुसैन) इस्लामाबाद, 20 सितंबर पाकिस्तान की जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर जारी चिंताओं के बीच शनिवार को उनकी चिकित्सकीय जांच की गई। एक मीडिया रिपोर्ट से यह जानकारी मिली। इमरान खान (73) वर्ष 2023 से जेल में बंद हैं, जब भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
वर्तमान में वह रावलपिंडी स्थित उच्च सुरक्षा वाली अडियाला जेल में बंद हैं। ‘जियो न्यूज’ ने सूत्रों के हवाले से बताया कि सरकारी संस्था ‘पाकिस्तान आयुर्विज्ञान संस्थान’ (पीआईएमएस) की एक विशेष टीम ने पूर्व क्रिकेटर से नेता बने खान की चिकित्सकीय जांच की। रिपोर्ट के अनुसार, खान की व्यापक स्वास्थ्य जांच की गई, जिसमें रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल और आंखों की जांच भी शामिल थी।
रिपोर्ट में कहा गया कि पीआईएमएस के एक चिकित्सक के नेतृत्व में टीम ने जांच की, जबकि अडियाला जेल अस्पताल के चिकित्सा कर्मचारियों ने भी इस दौरान सहायता की। खान ने आंखों से जुड़ी समस्या की शिकायत की है और चिकित्सा उपचार के लिए उन्हें कई बार पीआईएमएस ले जाया जा चुका है। खान के समर्थकों का आरोप है कि उचित स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई है।
हालांकि, जेल अधिकारियों ने इस आरोप को खारिज कर दिया है। अप्रैल 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के बाद सत्ता से हटने के बाद से खान को कई कानूनी मामलों का सामना करना पड़ा है।
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