गुजरात: राजकोट में 108 आपातकालीन टीम की मदद से महिला ने तीन बच्चों को दिया जन्म
राजकोट, 20 सितंबर (आईएएनएस)। गुजरात के राजकोट में एक महिला ने शनिवार रात टंकारा तालुका के रोहिशाला गांव स्थित अपने घर पर एम्बुलेंस पहुंचने से पहले ही एक बच्चे को जन्म दे दिया। इसके बाद 108 सेवा की आपातकालीन चिकित्सा टीम ने शेष दो बच्चों के प्रसव में सहायता की। महिला के गर्भ में तीन बच्चे पल रहे थे।
पडधरी 108 टीम को 19 सितंबर को रात 8:48 बजे प्रसव संबंधी आपातकालीन सूचना मिली। ईएमटी जिग्नाशा लुहार और पायलट सुरेशभाई तुरंत रोहिशाला के लिए रवाना हुए। जब एम्बुलेंस मरीज के घर पहुंची, तब तक तीन बच्चों में से पहले बच्चे का जन्म हो चुका था।
अभी दो बच्चों का प्रसव कराया जाना बाकी था। ऐसे में लुहार ने अपने प्रशिक्षण का इस्तेमाल करते हुए स्थिति का आकलन किया और उसे संभाला तथा शेष दोनों बच्चों के जन्म में सफलतापूर्वक सहायता की।
108 टीम के अनुसार, तीनों नवजात लड़के थे। आपात स्थिति के दौरान मरीज की हालत और अन्य विवरण फोन पर ईआरसीपी डॉ. जोत्सना के साथ साझा किए गए। डॉक्टर के मार्गदर्शन के अनुसार टीम ने आवश्यक देखभाल की और मां तथा नवजात बच्चों की लगातार निगरानी जारी रखी।
तीनों बच्चों के जन्म के बाद लुहार ने यह सुनिश्चित किया कि मां और नवजात बच्चों को आवश्यक देखभाल मिले। इसके बाद उन्हें जनाना अस्पताल ले जाया गया। मां और तीनों बच्चों को आगे के उपचार और देखभाल के लिए सुरक्षित रूप से अस्पताल की मेडिकल टीम को सौंप दिया गया।
108 टीम ने कहा कि सामान्य प्रसव की तुलना में तीन बच्चों का प्रसव अतिरिक्त चुनौतियां पेश करता है और इसके लिए सावधानीपूर्वक प्रबंधन की आवश्यकता होती है।
इस मामले में आपातकालीन टीम पहले बच्चे के जन्म के बाद मौके पर पहुंची और मरीज के घर पर ही शेष दो बच्चों का प्रसव सफलतापूर्वक कराया।
टीम ने आपात स्थिति के दौरान पायलट सुरेशभाई द्वारा दिए गए सहयोग और डॉ. जोत्सना द्वारा दिए गए चिकित्सकीय मार्गदर्शन की भी सराहना की।
प्रसव के बाद मां और तीनों नवजात लड़कों को सुरक्षित रूप से अस्पताल ले जाया गया।
--आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
उमेश यादव का विदर्भ क्रिकेट से टूटा 18 साल का नाता, जानिए अब किस नई टीम के लिए खेलते आएंगे नजर
Umesh Yadav: भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज उमेश यादव ने विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन (VCA) से नाता तोड़ लिया है. उन्होंने आगामी घरेलू सत्र 2026-27 में किसी अन्य राज्य की टीम से खेलने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त कर लिया है. 38 साल के तेज गेंदबाज ने उमेश यादव ने खुद इस बात की पुष्टि की है कि वे अपने करियर में आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं और हाल ही में उनका कुछ अन्य राज्य संघों के साथ बातचीत चल रही है.
उमेश यादव ने छोड़ा विदर्भ टीम का साथ
उमेश यादव का विदर्भ टीम छोड़ने का फैसला अचानक नहीं आया है. विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन के चयनकर्ता उनके भविष्य और टीम में उनकी भूमिका को लेकर कोई साफ तस्वीर सामने नहीं रख रहे थे. घरेलू क्रिकेट में विदर्भ को दो बार रणजी ट्रॉफी चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले उमेश यादव अब एक नई चुनौती और बेहतर अवसरों की तलाश में हैं.
द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान उमेश यादव ने अपने इस बड़े फैसले की पुष्टि की. उन्होंने कहा, "मैंने विदर्भ टीम से आगे बढ़ने का फैसला किया है. मुझे विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिल गया है. फिलहाल मैं कुछ अन्य राज्य क्रिकेट संघों के साथ बातचीत कर रहा हूं और जल्द ही तय करूंगा कि आगामी सीजन में मुझे किस टीम का प्रतिनिधित्व करना है.
????UMESH YADAV LEAVING VIDARBHA ✅
— Johns. (@CricCrazyJohns) September 20, 2026
- He has received the NOC, he is set to play for another state in the coming domestic season. [Devendra Pandey] pic.twitter.com/5ZlSqDWiNM
विदर्भ के लिए शानदार रहा है उमेश का सफर
नागपुर से अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत करने वाले उमेश यादव ने साल 2008 में मध्य प्रदेश के खिलाफ अपना फर्स्ट-क्लास डेब्यू किया था. अपने पहले ही रणजी सीजन में उन्होंने 14.60 की अविश्वसनीय औसत से 20 विकेट चटकाए थे, जिसके बाद वह अपनी रफ्तार के दम पर टीम इंडिया में अपनी जगह बनाई थी. विदर्भ टीम के साथ उनका सफर बेहद ऐतिहासिक रहा.उन्होंने टीम को भारतीय घरेलू क्रिकेट के टॉप पर पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation








