जम्मू-कश्मीर- घर पर लगाया कैमरा, ISI को भेजी लाइव फीड:सेना के रूट की जानकारी देता था; पुलिस ने अरेस्ट किया, पिछले 4 महीने में दूसरा मामला
जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में 24 साल के ट्रक ड्राइवर को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के आरोप में अरेस्ट किया गया। आरोपी की पहचान अमन के रूप में हुई है। अमन ने अपने घर के बाहर सिम इनेबल्ड CCTV कैमरा लगाया था। कैमरे का रुख उस सड़क की ओर था, जिसका इस्तेमाल सुरक्षा बल अक्सर करते हैं। वहां से फुटेज ISI हैंडलर्स को लाइव भेजी जाती थी। आरोप है कि कैमरा लगाने के लिए उसे 20 हजार रुपये दिए गए थे। यह रकम दुबई स्थित एक चैनल के जरिए भेजी गई थी। जांच में कथित जासूसी नेटवर्क के दायरे और इसमें शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर में ISI से जुड़े नेटवर्क का पिछले चार महीने में यह दूसरा मामला सामने आया है। मई में भी पकड़ा गया था ISI का जासूस, बंकरों की फोटो भेजता था जम्मू-कश्मीर में चार महीने में डिजिटल सर्विलांस से जुड़े ISI नेटवर्क का यह दूसरा मामला सामने आया है। मई में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जम्मू के मकवाल गांव से 23 साल के करण कुमार को इसी तरह के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोप है कि उसे स्नैपचैट पर खुद को पंजाब में तैनात BSF जवान बताने वाली एक महिला ने अपने जाल में फंसाया था। उसने अश्लील वीडियो कॉल के जरिए करण को फंसाया और उसकी मां का वॉट्सएप ओटीपी हासिल कर अकाउंट हैक कर लिया। इसके बाद आरोप है कि महिला ने करण से बंकरों और फ्लाईओवर की तस्वीरें भेजने को कहा। इसके बदले उसे 2,000 रुपये दिए गए थे। ---------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी बोला- भारत में मेरे नाम का गलत इस्तेमाल, मेरा कोई राइट-लेफ्ट हैंड नहीं, लोगों को फंसाया जा रहा पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी का जुलाई में एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें उसने भारत में उसके नाम का गलत इस्तेमाल कर फिरौती मांगने और धमकी भरे फोन करने वालों को लेकर दावा किया है। वीडियो में भट्टी ने कहा कि उसका ऐसे किसी व्यक्ति या गिरोह से कोई संबंध नहीं है। उसने लोगों से अपील की कि उसके नाम से आने वाले किसी भी कॉल या संदेश पर भरोसा न करें। पढ़ें पूरी खबर…
मणिपुर के कांगपोकपी में प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे खोदा:टायर जलाए, सरकारी गाड़ियों पर पत्थर फेंके; 7 कुकी ग्रामीणों की हिरासत का विरोध कर रहे थे
मणिपुर के कांगपोकपी जिले में 7 कुकी ग्रामीणों की हिरासत के विरोध में हिंसक प्रदर्शन हुए। यह प्रदर्शन शनिवार रात करीब 10 बजे से आधी रात तक चले। मोतबुंग और आसपास के इलाकों में प्रदर्शनकारियों ने सड़कें रोकीं, टायर जलाए और सरकारी वाहनों पर पत्थर फेंके। सुरक्षा बलों ने भीड़ को हटाने के लिए कई राउंड आंसू गैस के गोले छोड़े। अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने बाद में सातों गांव स्वयंसेवकों को छोड़ दिया। इसके बाद प्रदर्शन खत्म हो गया और जिले में स्थिति नियंत्रण में है। प्रदर्शनकारियों का दावा था कि खोलेन गांव के सात लोगों को सुरक्षा बलों ने बिना कारण बताए हिरासत में लिया। खोलेन गांव जिले के नागा-बहुल चावांगकिनिंग गांव के पास है। खोलेन गांव पर हाल ही में हथियारबंद उपद्रवियों ने हमला किया था। अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों के वाहनों को रोकने के लिए मोतबुंग में राष्ट्रीय राजमार्ग-2 (इंफाल-दीमापुर) के कुछ हिस्से भारी निर्माण उपकरणों से खोद दिए। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग घायल हुए। उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा बलों ने बाद में सात गांव स्वयंसेवकों को रिहा कर दिया। अधिकारी ने कहा, “जिले में अब स्थिति नियंत्रण में है।” कुकी संगठन ने CRPF की कार्रवाई की निंदा की कुकी समुदाय के शीर्ष संगठन कुकी इनपी मणिपुर (KIM) ने सात ग्रामीणों की हिरासत की निंदा की। संगठन ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) पर हिरासत लेने का आरोप लगाया। KIM ने बयान में कहा कि हथियारबंद उपद्रवियों द्वारा कुकी महिलाओं की हत्या के जिम्मेदार लोगों पर अधिकारियों ने पर्याप्त कार्रवाई नहीं की। इसके बजाय स्थानीय नागरिकों को हिरासत में लिया गया। संगठन ने हिरासत को “कानून लागू करने में गंभीर विफलता” बताया। KIM ने तुरंत कार्रवाई और जवाबदेही तय करने की मांग की। KIM ने यह भी आरोप लगाया कि अपने अधिकारों और सुरक्षा के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नागरिकों पर सुरक्षा बलों ने बल प्रयोग किया। संगठन ने दावा किया कि घटना के दौरान असली गोलियां चलाई गईं और वाहनों में तोड़फोड़ की गई। रिहाई के बाद भी मैतेई स्वयंसेवकों की रिहाई की मांग उधर, हिरासत में लिए गए गांव स्वयंसेवकों की रिहाई के बाद काकचिंग जिले के एक महिला संगठन ने प्रदर्शन किया। लैंगमेइदोंग अपुनबा मीरा पैबी ने लैंगमेइदोंग में धरना दिया। संगठन ने सभी गिरफ्तार मैतेई गांव स्वयंसेवकों को रिहा करने की मांग की।
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