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Mahalakshmi Vrat 2026: मां लक्ष्मी का वाहन उल्लू क्यों है, धार्मिक मान्यताओं में छिपा है धन और बुद्धि का संदेश

हिंदू धर्म में माता लक्ष्मी को धन की देवी कहा जाता है। साधक शरद पूर्णिमा, दीपावली और महालक्ष्मी व्रत के दौरान माता लक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता के अनुसार, जो भक्तजन श्रद्धा और आस्था के साथ मां लक्ष्मी जी की पूजा करते हैं, उसकी आर्थिक तंगी दूर रहती है।

आपने भी हर देवी-देवता का कोई न कोई वाहन जरुर देखा होगा कि जो उनके शक्तियों और स्वभाव से जुड़ा एक गहरा संदेश देता है। जब हम धन और वैभव की देवी मां लक्ष्मी की बात करते हैं, तो हम सभी के मन में कमल के फूल पर बैठी या हाथ में धन बरसाती हुई मां की छवि सामने आती है। क्या आपने सोचा है कि माता लक्ष्मी का वाहन उल्लू क्यों माना गया है?

किसान का मित्र और अन्न रूपी धन की रक्षा

इसके पीछे एक पौराणिक कथा जुड़ी है। प्राचीन काल से भारत एक कृषि प्रधान देश रहा है, जहां अन्न को ही असली धन माना गया है। खेतों में खड़ी फसल को चूहे और अन्य कीट नुकसान पहुंचाते हैं। उल्लू रात के समय इन चूहों और कीटों का शिकार करता है और फसल का बचाता है। इसी तौर पर, उल्लू अप्रत्यक्ष रुप से किसानों की फसल यानी धन की रक्षा करता है। इसलिए, कृषि संस्कृति में इसे मां लक्ष्मी को वाहन के रुप में जोड़ा गया है।

अंधी दौड़ और धन का मोह न रखना

असल में उल्लू की एक खास विशेषता यह है कि उसे दिन के उजाले में साफ नजर नहीं आता है, वह रात के समय ही देख सकता है। इसके जरिए लोगों को यह संदेश मिलता है कि, जो लोग धन की चकाचौंध में पूरी तरह से अंधे हो जाते हैं, वे मां लक्ष्मी की असली कृपा को नहीं पहचान पाते। इसलिए धन जरुरी है, लेकिन उसके प्रति अंधापन इंसान को विवेकहीन बना देता है।

दूरदर्शिता और बुद्धिमत्ता का प्रतीक

असल में प्राकृतिक रुप से उल्लू को एकदम बेहद शांत, चौकन्ना और बुद्धिमान पक्षी माना गया है। इसकी आंखें स्थिर और बड़ी होती हैं जो हर दिशा में पैनी नजर रखता है। यह इस बात का प्रतीक है कि सच्चा धन वही संभाल सकता है, जिसके पास दूरदर्शिता हो, जो अपने खर्चे और निवेश को लेकर बुद्धिमान और सतर्क हो। बिना दूरदर्शिता के आया धन ज्यादा समय तक नहीं टिकता है।

विरोधाभास और संतुलन का संदेश

धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता लक्ष्मी का स्वभाव काफी चंचल होता है, जिसका मतलब है कि धन एक जगह नहीं टिकता है और उल्लू भी एक शांत और एकांत प्रिय जीव है जो रात में एक्टिव रहता है। इस बात से यह पता चलता है कि जीवन में स्थिरता और गतिशीलता दोनों बेहद जरुरी है।

इतना ही नहीं, उल्लू माता लक्ष्मी के साथ उनकी बड़ी बहन 'अलक्ष्मी' (कंगाली या दरिद्रता) का प्रतीक भी है, जो हमें सिखाती हैं कि धन के साथ अहंकार और बुराई जैसी नकारात्मक ऊर्जाएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। व्यक्ति को हमेशा सावधान रहना चाहिए।

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Shafali Verma Century: जापान में शतक लगाने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनीं शेफाली, भारत ने बांग्लादेश को हराकर कटाया फाइनल का टिकट

शेफाली वर्मा के ऐतिहासिक शतक और शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स के फाइनल में जगह बना ली है. भारत ने बांग्लादेश को 114 रन से करारी शिकस्त दी.

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  Sports

Asian Games 2026: वजन घटाने के चक्कर में बेहोश हुए फाइटर वरुण सन्याल, मेडल जीतने का सपना टूटा

Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 में भारत को मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) में बड़ा झटका लगा है। भारतीय फाइटर वरुण सन्याल वजन घटाने की प्रक्रिया के दौरान बेहोश हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच के बाद उनकी हालत स्थिर बताई गई। मेडिकल रूप से अनफिट घोषित होने के कारण वह प्रतियोगिता में आगे हिस्सा नहीं ले पाए।

वजन घटाने के दौरान बिगड़ी तबीयत
भारतीय MMA फाइटर वरुण सन्याल एशियन गेम्स के पुरुषों के ट्रेडिशनल 77 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टरफाइनल मुकाबले से बाहर हो गए हैं। वह तय वजन हासिल नहीं कर सके और मेडिकल जांच में अनफिट पाए गए।

मुकाबले से पहले वजन कम करने के लिए 28 वर्षीय वरुण ने खाने और पानी का सेवन काफी कम कर दिया था। इसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ी और वह बेहोश हो गए। बाद में उन्हें अस्पताल ले जाकर डॉक्टरों ने जांच की। इलाज के बाद वह अस्पताल से लौट चुके हैं और फिलहाल उनकी हालत स्थिर है।

मेडिकल रिपोर्ट में डिहाइड्रेशन और मांसपेशियों में ऐंठन का जिक्र
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेडिकल दस्तावेज में वजन घटाने के दौरान वरुण को चक्कर आने की बात दर्ज है। रिपोर्ट में बताया गया कि उन्होंने खाना और तरल पदार्थ कम करने के साथ सॉना का इस्तेमाल किया था। जापानी भाषा से अनुवादित मेडिकल दस्तावेज के अनुसार, सॉना लेने के करीब 30 मिनट बाद उन्हें चक्कर, कमजोरी और मांसपेशियों में ऐंठन की शिकायत हुई। वजन कम करने के दौरान वरुण को मांसपेशियों में क्रैंप और डिहाइड्रेशन की समस्या भी हुई थी।

नेपाली एथलीट ने जगाया, फेडरेशन अध्यक्ष को किया फोन
बेहोश होने के बाद वरुण को एक नेपाली एथलीट ने देखा और उन्हें होश में लाया। इसके बाद वरुण ने फेडरेशन के अध्यक्ष निखिल कुंदर से संपर्क किया। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच की। सूत्र के अनुसार, डॉक्टरों ने वरुण को मुंह के जरिए नमक और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स लेने की सलाह दी। इसके अलावा किसी अतिरिक्त उपचार की जरूरत नहीं बताई गई।

IOA ने भी जारी किया बयान
भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने बताया कि वरुण की परेशानी शनिवार शाम सॉना में शुरू हुई थी। उन्हें क्रैंप और शरीर में दर्द की शिकायत हुई। मेडिकल जांच और एहतियाती ब्लड टेस्ट किए गए, जिनके नतीजे सामान्य रहे। हालांकि अगले दिन सुबह वरुण खुद को कॉम्बैट स्पोर्ट्स में हिस्सा लेने के लिए पूरी तरह फिट महसूस नहीं कर रहे थे। कोच से चर्चा के बाद उन्होंने मेडिकल आधार पर प्रतियोगिता से हटने का फैसला किया।

चीन में जीता था ब्रॉन्ज मेडल
वरुण सन्याल एशियन गेम्स में हिस्सा लेने वाले भारत के दो MMA फाइटर्स में शामिल थे। उन्हें भारतीय दल में अंतिम समय पर जगह मिली थी। उन्होंने चीन में आयोजित एशियन चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर एशियन गेम्स का टिकट हासिल किया था।

वहीं, भारत की दूसरी MMA फाइटर सुचिका तरियाल ने महिलाओं के ट्रेडिशनल 60 किलोग्राम वर्ग में क्वार्टरफाइनल मुकाबला जीतकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। उनकी जीत से भारत का एक पदक पक्का हो गया है।

Sun, 20 Sep 2026 18:18:20 +0530

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