महिला प्रीमियर लीग में मुंबई इंडियंस ने एक बार फिर दबाव में बेहतरीन खेल दिखाते हुए गुजरात जायंट्स को सात विकेट से मात दी हैं। बता दें कि इस मैच में लक्ष्य 193 रन का था, जिसे मुंबई ने तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया है।
गुजरात जायंट्स ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए मजबूत शुरुआत की है। शुरुआती ओवरों में रन गति तेज रही और मध्यक्रम ने भी जिम्मेदारी निभाई है। मौजूद जानकारी के अनुसार, बीच के ओवरों में कुछ विकेट गिरने के बावजूद अंतिम ओवरों में तेज़ रन बटोर कर टीम 192 के स्कोर तक पहुंचने में सफल रही है। आखिरी दो ओवरों में आई तेजी ने मैच को रोमांचक मोड़ पर ला दिया था।
जवाब में मुंबई इंडियंस की पारी की कमान कप्तान मुंबई इंडियंस की ओर से संभाली गई है। शुरुआती झटकों के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभालते हुए सूझबूझ के साथ बल्लेबाज़ी की है। उनके साथ मध्यक्रम से अहम सहयोग मिला, जिससे रन रेट काबू में रहा है। गौरतलब है कि हरमनप्रीत का यह अर्धशतक भी टीम के लिए शुभ साबित हुआ है।
मैच के अंतिम चरण में मुंबई ने बिना घबराए लक्ष्य का पीछा किया है। फील्डिंग में गुजरात से हुई कुछ चूकों का भी उन्हें फायदा मिला है। अंततः हरमनप्रीत ने निर्णायक बाउंड्री लगाकर मुकाबला खत्म किया है और टीम को लगातार जीत दिलाई है। इस जीत के साथ मुंबई इंडियंस ने गुजरात जायंट्स के खिलाफ अपना दबदबा कायम रखा है और टूर्नामेंट में अपनी स्थिति और मजबूत की है।
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अमेरिकी तेज़ गेंदबाज़ अली खान की एक इंस्टाग्राम स्टोरी के बाद यह चर्चा तेज़ हो गई थी कि भारत ने पाकिस्तान मूल के अमेरिकी क्रिकेटरों को वीज़ा देने से इनकार कर दिया है। हालांकि, मौजूद जानकारी के अनुसार, ऐसा कोई औपचारिक वीज़ा रद्द नहीं किया गया है और पूरा मामला अभी जांच और समीक्षा की प्रक्रिया में है।
गौरतलब है कि अली खान के साथ-साथ शायन जहांगीर, मोहम्मद मोहसिन और एहसान आदिल, ये चारों खिलाड़ी पाकिस्तान मूल के हैं और इस समय श्रीलंका में अमेरिकी टीम के साथ अभ्यास शिविर में मौजूद हैं। सभी खिलाड़ियों ने 13 जनवरी को कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग में तय प्रक्रिया के तहत वीज़ा आवेदन से जुड़ी अपॉइंटमेंट पूरी की है। सूत्रों के मुताबिक, खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी द्वारा बताए गए सभी दस्तावेज़ समय पर जमा किए हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार, अपॉइंटमेंट के दौरान खिलाड़ियों को यह बताया गया कि इस चरण में वीज़ा प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकती है। बाद में अमेरिकी टीम प्रबंधन को भारतीय दूतावास की ओर से यह सूचना भी दी गई कि कुछ जरूरी जानकारियां प्राप्त हो चुकी हैं, जबकि कुछ इनपुट विदेश मंत्रालय से अभी लंबित हैं। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई के लिए खिलाड़ियों से संपर्क किया जाएगा।
अधिकारियों ने साफ़ किया है कि इसे वीज़ा खारिज किया जाना नहीं माना जाना चाहिए। दरअसल, पाकिस्तान मूल के खिलाड़ियों के मामलों में, चाहे उनकी राष्ट्रीयता या टीम कोई भी हो, अतिरिक्त जांच की प्रक्रिया सामान्य मानी जाती है। इससे पहले भी भारत दौरे के दौरान मोईन अली, शोएब बशीर और उस्मान ख्वाजा जैसे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को इसी तरह की प्रक्रिया से गुजरना पड़ा है।
यह मामला तब और चर्चा में आ गया जब अली खान ने सोशल मीडिया पर “इंडिया वीज़ा डिनायड” जैसा संदेश पोस्ट किया, जिससे अटकलें तेज़ हो गईं। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े लोगों का कहना है कि आवेदन अब भी सक्रिय हैं और अंतिम मंज़ूरी के लिए कई विभागों से अनुमति ली जाती है।
गौरतलब है कि यही नियम अन्य टीमों पर भी लागू होते हैं। यूएई, कनाडा, ओमान और इटली जैसी टीमों में भी पाकिस्तान मूल के खिलाड़ी शामिल हैं और उन्हें भी इसी तरह की प्रक्रिया से गुजरना होगा।
अली खान ने अब तक अमेरिका के लिए 15 वनडे और 18 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं और वह 2024 के टी20 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ ऐतिहासिक जीत का हिस्सा भी रहे हैं। हालांकि, 2026 के लिए अमेरिकी टीम की अंतिम घोषणा अभी बाकी है, लेकिन वह चयन की दौड़ में बने हुए हैं।
बता दें कि आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप का आयोजन 7 फरवरी से 8 मई तक भारत और श्रीलंका में किया जाना है। अमेरिका को ग्रुप-ए में भारत, पाकिस्तान, नामीबिया और नीदरलैंड्स के साथ रखा गया है। फिलहाल, अधिकारियों का कहना है कि वीज़ा प्रक्रिया जारी है और किसी तरह के निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले धैर्य रखने की जरूरत है।
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