WPL 2026: मेग लैनिंग ने रचा इतिहास, WPL में ऐसा करने वाली बनीं सिर्फ तीसरी खिलाड़ी
WPL 2026: यूपी वॉरियर्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच महिला प्रीमियर लीग 2026 का 7वां मैच खेला जा रहा है. इस मैच में यूपी वॉरियर्स की टीम टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी और बिना खाता खोले ही पहला विकेट गंवा दिया. किरण नवगिरे जीरो पर आउट हुईं. इसके बाद यूपी वॉरियर्स की कप्तान मैग लैनिंग ने पारी को संभाला. मैग लैनिंग ने 4 रन बनाते ही WPL में बड़ा कीर्तिमान रच दिया है. मैग लैनिंग ने WPL में 1000 रन बनाने वाली तीसरी खिलाड़ी बन गई हैं.
मेग लैनिंग WPL में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दूसरी खिलाड़ी बनीं
दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मैग लैनिंग ने 4 रन बनाते ही WPL में बड़ा कीर्तिमान बनाया. दरअसल मैग लैनिंग ने WPL में अपने 1000 रन पूरे किए. ऐसा करने वाली वो WPL इतिहास की सिर्फ तीसरी खिलाड़ी बन गई हैं. इससे ठीक एक दिन पहले मुंबई इंडियंस की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने WPL में अपने 1000 रन पूरे किए थे. उन्होंने गुजरात जायंट्स के खिलाफ 71 रनों की नाबाद पारी खेलकर अपनी टीम को जीत दिलाईं और 1000 रन के आंकड़े को पार किया था. अब मैग लैनिंग ने ये कारनामा किया है.
WPL में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली टॉप-5 बल्लेबाज
नेट साइवर-ब्रंट – 1101
मेग लैनिंग – 1050
हरमनप्रीत कौर – 1016
एलिस पेरी – 972
शैफाली वर्मा – 887
1000 runs and she’s still in the fast lane. Meg-nificent ????️????#UttarDega #UPWarriorz #TATAWPL #UPWvDC pic.twitter.com/VsJojM5xhY
— UP Warriorz (@UPWarriorz) January 14, 2026
मैग लैनिंग ने WPL में लगाया 10वां शतक
मैग लैनिंग ने इस मैच में 38 गेंदों पर 54 रनों की पारी खेलीं. इस दौरान उन्होंने 9 चौके और 1 छक्का लगाया. लैनिंग का WPL में यह 10वां अर्धशतक है. इसी के साथ WPL में सबसे ज्यादा फिफ्टी लगाने के मामले में संयुक्त रूप से टॉप पर पहुंच गई हैं. उन्होंने हरमनप्रीत कौर की बराबरी की है.
1⃣0⃣th #TATAWPL fifty for Meg Lanning ????
— Women's Premier League (WPL) (@wplt20) January 14, 2026
The joint-most in tournament history ????
She is leading from the front for @UPWarriorz ????
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कांग्रेस की गोद में बैठकर मराठी अस्मिता का ढोंग, उद्धव ठाकरे पर BJP का तीखा हमला
महाराष्ट्र के 29 महानगर पालिका में 15 जनवरी को होने वाले चुनाव से पहले बीजेपी ने ठाकरे बंधुओं पर आज जोरदार हमला बोला है. शिवसेना यूबीटी पर निशाना साधते हुए महाराष्ट्र बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने उद्धव ठाकरे को संयुक्त महाराष्ट्र के शहीदों की याद दिला दी. रविंद्र चव्हाण ने मुंबई में महापालिका चुनाव प्रचार के समापन अवसर पर कहा की संयुक्त महाराष्ट्र के लिए 105 शहीदों ने जिस संघर्ष में अपने प्राणों की आहुति दी, उन आंदोलनकर्ताओं पर गोलियां चलाने का कलंक कांग्रेस के नाम दर्ज है और यह इतिहास की निर्विवाद सच्चाई है.
यूबीटी ने बालासाहेब की विरासत को भूलकर कांग्रेस से हाथ मिलाया
रविन्द्र चौहान ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए बताया की 16 जनवरी 1956 को पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा मुंबई को केंद्रशासित करने की घोषणा ने मराठी अस्मिता को झकझोर दिया था. उसी अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते हुए बालासाहेब ठाकरे ने मराठी माणूस के अधिकार, सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए शिवसेना की स्थापना की थी.
लेकिन आज UBT गुट के नेता बालासाहेब की उसी विरासत को भूलकर कांग्रेस की गोद में जाकर बैठ गए हैं और यह सच्चाई जानबूझकर नजरअंदाज कर रहे हैं कि संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलनकारियों पर गोली चलाने वाली केंद्र और राज्य दोनों सरकार कांग्रेस की थी. रविन्द्र चव्हाण ने शिवसेना यूबीटी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा की आज यूबीटी और उनके नेता जिस तरह से कांग्रेस की गोद में बैठकर मराठी अस्मिता का झंडा उठाने का दावा कर रहे हैं ये बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा से खुला समझौता करने जैसा है.
कांग्रेस की बैसाखी के सहारे उद्धव बने मुख्यमंत्री
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने आगे कहा कि 1990 के दशक में कोंकण में रेलवे आई, लेकिन उस समय कांग्रेस सत्ता में नहीं थी. मधु दंडवते और जॉर्ज फर्नांडिस जैसे दूरदर्शी नेताओं के प्रयासों से कोंकण रेलवे शुरू हुई. 2014 के बाद कोंकण रेलवे के कई स्टेशनों और आसपास के इलाकों में जो विकास हुआ और जिस तरह से ये आधुनिक और सुसज्जित बने, यह सब बीजेपी सरकार में हुआ. शिवसेना यूबीटी और कांग्रेस दोनों पर एक साथ हमला करते हुए रवींद्र चव्हाण ने कहा की कांग्रेस के सत्ता में रहते हुए कोंकण के लिए कोई काम नही हुआ लेकिन उन्हीं कोंकण के लोगों के समर्थन से और कांग्रेस की बैसाखियों के सहारे उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री की कुर्सी हासिल की थी.
बाक़ी दलों में ग़ैर मराठियों को नहीं दिखता भविष्य, इसलिए बीजेपी के साथ
सिर्फ़ उबाठा ही नही राज ठाकरे और उनकी पार्टी मनसे भी बीजेपी के निशाने पर आ गई. रवीन्द्र चव्हाण ने एक सवाल का जवाब देते हुए पूछा की आख़िर उबाठा सेना और मनसे बाकी दलों से ज़्यादा मराठी के हितैषी कैसे हो गए? क्या किसी ने इसका ईमानदारी से उत्तर खोजने का प्रयास किया है? चव्हाण ने कहा कि महाराष्ट्र का कोई भी गैर मराठी बीजेपी के साथ इसलिए खड़ा है क्योंकि बाक़ी दलों में उन्हें नेतृत्व, विचारधारा और भविष्य नहीं दिखाई देता. एक और प्रश्न का उत्तर देते हुए रविंद्र चव्हाण ने स्पष्ट किया कि मुंबई की BDD चाली में रहने वाले मराठी भाइयों को उनका हक़ का घर केवल देवेंद्र फडणवीस की सरकार की पहल से ही मिल सका है.
चुनाव आते ही ठाकरे साहब को मराठी माणूस याद आता है, वरना पांच साल तक वे ‘मराठी’ शब्द भी भूल जाते हैं. चव्हाण ने ठाकरे को चुनौती देते हुए कहा की जब महापालिका के ठेके देने होते हैं तब उद्धव ठाकरे को परप्रांतीय ठेकेदार ही चाहिए होते हैं, और पिछले 30 वर्षों में उन्होंने मुंबई के मराठी माणूस के लिए वास्तव में क्या किया, इसका जवाब उद्धव ठाकरे सार्वजनिक रूप से बताने का साहस करें.
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