Dhurandhar 2 में होगी अक्षय खन्ना की वापसी? जानें अब क्या होगी रहमान डकैत की कहानी
Dhurandhar 2 Akshaye Khanna Comeback: आदित्य धर की फिल्म धुरंधर रिलीज हुए एक महीना से ज्यादा हो चूका है. फिल्म का क्रेज अभी भी लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है. रणवीर सिंह की दमदार लीड परफॉर्मेंस के साथ-साथ अक्षय खन्ना का रहमान डकैत वाला किरदार लोगों के दिल में बस गया. अक्षय खन्ना को इस रोल में देखकर कई लोग सरप्राइज भी हुए क्योंकि एक्टर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वो परफॉर्मेंस के मामले में कितने मजबूत एक्टर हैं. एक्टर का डांस उनका एक्सप्रेशन और डायलॉग डिलीवरी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुई.
धुरंधर 2 में अक्षय खन्ना की वापसी?
अब जब फिल्म के दूसरे पार्ट की बात चल रही है तो सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या धुरंधर 2 में अक्षय खन्ना की वापसी होगी. तो आपको बता दें फिल्मफेयर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अक्षय खन्ना दूसरे पार्ट में नजर आ सकते हैं. बताया जा रहा है कि वो कुछ दिनों के लिए शूट करेंगे और इस बार उनकी कहानी को और गहराई से दिखाया जाएगा. रहमान डकैत आखिर बना कैसे, मुस्की सोच क्या थी और उसका अंडरवर्ल्ड से कनेक्शन कैसे जुड़ा. इन सब पर फोकस हो सकता है. हालांकि मेकर्स की तरह से अभी तक कोई ऑफिशियल ऐलान नहीं किया गया है.
इस दिन होगी फिल्म रिलीज
धुरंधर के पहले पार्ट के एंड में ही दूसरे पार्ट का हिंट दें दिया गया था. जहां रणवीर सिंह का किरदार पूरी तरह गैंगस्टर की दुनिया में उतरता दिखा. धुरंधर 2 में रणवीर सिंह के साथ संजय दत्त, आर माधवन, अर्जुन रामपाल जैसे बड़े नाम नजर आएंगे. फिल्म 19 मार्च 2026 को रिलीज होगी और इसका क्लैश साउथ स्टार यश की फिल्म टॉक्सिक से होने वाला है. ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि रहमान डकैत की कहानी दोबारा कितना धमाल मचाती है.
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चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने भ्रष्टाचार विरोधी प्रयासों को और सख्त करने का आह्वान किया
बीजिंग, 14 जनवरी (आईएएनएस)। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की शीर्ष अनुशासनिक संस्था ने 15वीं पंचवर्षीय योजना अवधि (2026-2030) के दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान को और मजबूत करने का आह्वान किया है। यह आह्वान सोमवार से बुधवार तक बीजिंग में आयोजित सीपीसी केंद्रीय अनुशासन निरीक्षण आयोग (सीसीडीआई) के 20वें केंद्रीय समिति के पांचवें पूर्ण सत्र में पारित एक विज्ञप्ति में किया गया।
देश के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, जो सीपीसी केंद्रीय समिति के महासचिव और केंद्रीय सैन्य आयोग के अध्यक्ष भी हैं, ने सत्र में भाग लिया और संबोधन दिया। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, शी जिनपिंग ने पार्टी अनुशासन और स्वच्छ प्रशासन को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मंगलवार को पार्टी के मुखपत्र ‘पीपुल्स डेली’ ने कहा कि आर्थिक विकास और तकनीकी प्रगति भले ही अहम लक्ष्य हों, लेकिन कम्युनिस्ट पार्टी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में पार्टी की निष्कलंक छवि बनाए रखना शामिल है।
पीपुल्स डेली ने लिखा, “राष्ट्रपति शी जिनपिंग हमेशा मानते रहे हैं कि चीन में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है। वह भ्रष्टाचार को दुनिया की सबसे बड़ी मार्क्सवादी सत्तारूढ़ पार्टी की जीवन शक्ति के लिए कैंसर मानते हैं। उनके नेतृत्व में 2012 से चीन ने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। यह अभियान सुनिश्चित करता है कि सीपीसी जनता और राष्ट्र के व्यापक हितों के लिए काम करे, न कि अपने निजी हितों के लिए।”
अखबार ने यह भी रेखांकित किया कि सीपीसी की बहुस्तरीय भ्रष्टाचार-रोधी व्यवस्था केवल धन से जुड़े मामलों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कुप्रबंधन, संसाधनों की बर्बादी, काम में देरी और लापरवाही जैसी अनियमितताएं भी शामिल हैं।
चीनी मीडिया के हवाले से श्रीलंका के प्रमुख मीडिया संस्थान ‘डेली मिरर’ ने बताया कि वर्ष 2025 में रिकॉर्ड 65 वरिष्ठ अधिकारियों की हिरासत के बाद शी जिनपिंग का भ्रष्टाचार विरोधी अभियान और तेज होने की संभावना है। यह संख्या 2024 के 58 मामलों की तुलना में 12 प्रतिशत अधिक है और एक दशक से अधिक समय पहले शुरू हुए अभियान के बाद सबसे ज्यादा है।
सीसीडीआई के आंकड़ों के अनुसार, 2020 में जहां 18 वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई हुई थी, वहीं 2021 में यह संख्या 25, 2022 में 32, 2023 में 45 और 2025 में 65 तक पहुंच गई। यह बढ़ोतरी चीन की राजनीतिक, वित्तीय और सैन्य प्रणालियों में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के दायरे के विस्तार को दर्शाती है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि चीनी सेना में भी बड़े पैमाने पर कार्रवाई हुई है। रिकॉर्ड संख्या में सैन्य नेताओं को बाहर किया गया है, जिनमें केंद्रीय सैन्य आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष हे वेइडोंग भी शामिल हैं। यह कदम तेजी से हो रहे सैन्य आधुनिकीकरण के बीच सशस्त्र बलों में भ्रष्टाचार को लेकर बीजिंग की गंभीर चिंता को दर्शाता है।
डेली मिरर के अनुसार, हालिया मामलों में तेजी यह दिखाती है कि एक ओर लंबे समय से जमे भ्रष्टाचार का खुलासा हो रहा है, वहीं दूसरी ओर धीमी आर्थिक वृद्धि, नीतिगत चुनौतियों और भू-राजनीतिक दबावों के बीच बीजिंग नियंत्रण मजबूत करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। कार्रवाई की जद में प्रांतीय नेतृत्व, केंद्रीय मंत्रालय, सार्वजनिक उपक्रम, प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय और खासतौर पर वित्तीय क्षेत्र के लोग आए हैं। पूर्व प्रतिभूति नियामक यी हुईमान के पतन ने कमजोर निवेशक भरोसे से जूझ रहे बाजारों में हलचल मचा दी।
--आईएएनएस
डीएससी
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