'दिखने में गोरा और फर्राटेदार अंग्रेजी बोलता है तो क्या दलित नहीं हो सकता?' पढ़ लें मद्रास हाईकोर्ट का ये फैसला
क्या किसी इंसान का साफ रंग, सुगठित शरीर, घुंघराले बाल या अंग्रेजी में बातचीत करना यह साबित करता है कि वह दलित नहीं हो सकता? मद्रास हाईकोर्ट ने इस बेहद संकीर्ण और रूढ़िवादी सोच को सिरे से खारिज करते हुए एक नजीर पेश करने वाला फैसला दिया है. अदालत ने जिला स्तरीय सतर्कता समिति के उस विवादित फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें कस्टम विभाग के एक रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर के हिंदू आदि द्रविड़ जाति प्रमाण पत्र को अमान्य ठहरा दिया गया था.
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