Chhatron Ki Goonj: इंदौर के मंच पर Rahul Gandhi ने ऐसा क्या किया, जिस पर BJP भड़क गई?
इंदौर में शनिवार को कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी पर बीजेपी नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी ने राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री का मजाक उड़ाने और महिलाओं के अपमान का आरोप लगाया है।
कार्यक्रम में राहुल गांधी के साथ हास्य कलाकार पुलकित मणि भी मंच पर मौजूद थे। दोनों ने मंच पर कुछ पंक्तियां बोलने के साथ इशारे भी किए। बीजेपी नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नकल और उनका मजाक उड़ाने वाला बताया।
सीआर केसवन ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीआर केसवन ने रविवार सुबह एक वीडियो बयान जारी कर राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने एक कमजोर मां का मजाक उड़ाकर महिलाओं का अपमान किया।
केसवन ने कहा, "कोई भी समझदार व्यक्ति ऐसी घटिया हरकतों को मनोरंजक नहीं मानता।" उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी मंच पर इन हरकतों के दौरान हंसते नजर आए।
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि राहुल गांधी की ऐसी राजनीति की वजह से कांग्रेस युवाओं के बीच अपनी जगह नहीं बना पा रही है। उन्होंने कांग्रेस नेता शशि थरूर के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें पार्टी की इस मोर्चे पर नाकामी की बात कही गई थी।
My friend!! Great Harassment!! ???? pic.twitter.com/PqetUPxUWp
— Congress (@INCIndia) September 19, 2026
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दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव का जिक्र
सीआर केसवन ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने राहुल गांधी पर 'नफरत की राजनीति' करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके छात्र संगठन एनएसयूआई को दिल्ली विश्वविद्यालय में हार का सामना करना पड़ा।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में आरएसएस से जुड़े छात्र संगठन एबीवीपी ने ज्यादातर पदों पर जीत दर्ज की थी।
बुजुर्गों के सम्मान को लेकर भी निशाना
बीजेपी प्रवक्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के व्यवहार की तुलना भी की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने एक बुजुर्ग के लिए कुर्सी की व्यवस्था की थी, जबकि राहुल गांधी ऐसे मंच पर हंसते नजर आए, जहां बुजुर्गों के कथित अपमान की बात सामने आई।
केसवन ने राहुल गांधी पर हास्य कलाकारों और ऐसे कार्यक्रमों का समर्थन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसी संस्कृति को राहुल गांधी का समर्थन ही कांग्रेस और उनके बीच बढ़ती दूरी की वजह है।
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मोदी की विदेश नीति पर राहुल गांधी की टिप्पणी
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति को लेकर भी टिप्पणी की। पुलकित मणि के साथ मंच पर उन्होंने प्रधानमंत्री की आवाज की नकल की।
राहुल गांधी ने कहा, "आप सिर्फ किसी दोस्त के घर नहीं जा रहे हैं। भारत के प्रधानमंत्री की भूमिका सिर्फ दोस्ती निभाने की नहीं है। उनका काम देश की रक्षा करना है।" उन्होंने कहा कि दूसरे देशों के नेताओं से रिश्तों को केवल दोस्ती के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए और प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी देश के हितों की रक्षा करना है।
सितंबर में विदेशी-निवेशकों ने भारतीय बाजार से ₹20,974 करोड़ निकाले:2026 में अब तक ₹2.45 लाख करोड़ की बिकवाली; क्रूड-US यील्ड और रुपया बना वजह
भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी FPIs की बिकवाली का सिलसिला फिर लौट आया है। सितंबर महीने में 18 तारीख तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय इक्विटी से ₹20,974 करोड़ की भारी निकासी की है। वैश्विक अनिश्चितताओं, अमेरिका में बढ़ती ब्याज दरों और बॉन्ड यील्ड, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होते रुपए ने विदेशी निवेशकों को सतर्क कर दिया है। जुलाई में ₹20,200 करोड़ और अगस्त में ₹29,630 करोड़ की मजबूत खरीदारी के बाद सितंबर में फिर से बिकवाली देखने को मिल रही है। CDSL के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल 2026 में FPIs अब तक भारतीय शेयरों से कुल ₹2.45 ट्रिलियन यानी ₹2.45 लाख करोड़ निकाल चुके हैं। यह आंकड़ा पूरे 2025 में हुई ₹1.66 ट्रिलियन की कुल बिकवाली से भी काफी ज्यादा है। हालांकि, इस बिकवाली के बीच एक सकारात्मक पहलू यह है कि प्राइमरी मार्केट यानी IPOs के जरिए विदेशी निवेश का ट्रेंड सितंबर में भी जारी रहा है। FPIs बिकवाली की 3 मुख्य वजह चॉइस वेल्थ के मुख्य इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी ऑफिसर धीरज गौर के अनुसार, विदेशी निवेशकों की इस बिकवाली के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़ी वजह हैं… 1. अमेरिका में ऊंची ब्याज दरें और बॉन्ड यील्ड: अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को बढ़ाकर 3.75-4.00% कर दिया है। इसके चलते भारत और अमेरिका के बीच यील्ड का अंतर कम हो गया है, जिससे विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय एसेट्स की और आकर्षण घट गया है। 2. कच्चे तेल के दामों में उछाल: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड लगातार $100 प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है। इससे भारत में महंगाई बढ़ने और आयात बिल में इजाफे की चिंताएं बढ़ी हैं। 3. कमजोर होता रुपया: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए में तेज गिरावट आई है। हाल ही में रुपया चार महीनों की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट (1.1%) के साथ 95.92-95.96 के निचले स्तर पर आ गया और इंट्राडे में 96 के स्तर को भी पार कर गया। इससे विदेशी निवेशकों के रिटर्न पर बुरा असर पड़ रहा है। विदेशी निवेशकों की डेट मार्केट में भी बिकवाली इक्विटी के अलावा विदेशी निवेशकों ने डेट यानी लोन मार्केट से भी अपने हाथ खींचे हैं। सितंबर में अब तक विदेशी निवेशकों ने फुल्ली एक्सेसिबल रूट (FAR) से ₹10,296 करोड़ निकाले। वहीं वोलंटरी रिटेंशन रूट (VRR) से ₹1,817 करोड़ की बिकवाली की। इसके अलावा जनरल रूट से ₹1,068 करोड़ निकाले हैं। क्या होता है FAR और VRR?
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