Responsive Scrollable Menu

Delhi World Book Fair | नयी दिल्ली विश्व पुस्तक मेला का आगाज! पाठकों के बीच एआई ऑडियो बुक बूथ बना आकर्षण का केंद्र

प्रगति मैदान में आयोजित 'नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला' इस बार न केवल किताबों के शौकीनों के लिए, बल्कि तकनीक प्रेमियों के लिए भी बेहद खास साबित हो रहा है। मेले में इस वर्ष एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) युक्त ऑडियोबुक बूथ स्थापित किया गया है, जो हर उम्र के जिज्ञासु पाठकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

ऑनलाइन बुकस्टोर बुक्सवैगन इसके लिए पाठकों को स्पॉटलाइट में आने और अपनी आवाज़ में ऑडियोबुक्स सुनने का अनुभव करने का एक अनोखा मौका दे रहा है। इसमें पाठक एक बार में केवल एक अंश पढ़ सकता है।

इसे भी पढ़ें: सिनेमा के जनक 'दादा साहब फाल्के' बनेंगे Aamir Khan, राजकुमार हिरानी मार्च 2026 से शुरू करेंगे शूटिंग

 

पुस्तक मेले में पाठक अपनी आवाज़ का नमूना रिकॉर्ड करने के लिए लाइन में लग रहे हैं और वे अपनी पसंदीदा कहानियों के खुद वाचक बन रहे हैं। यहां मोबी-डिक या, द व्हेल और ‘किम’ जैसी कृतियों से लेकर ‘रामायण’ और ‘भगवद गीता’ जैसे हिंदू महाकाव्य तक शामिल हैं। इसकी प्रक्रिया आसान है: एक छोटा सा हिस्सा रिकॉर्ड करें और फिर बुक्सवैगन के प्लेटफॉर्म पर 100 से ज़्यादा शीर्षक में से चुनें, ताकि आप अपनी आवाज़ में ऑडियोबुक सुन सकें।

बुक्सवैगनके संस्थापक शुभम जैन ने कहा, ‘‘सिर्फ़ 30 सेकंड का आवाज का नमूना ही काफ़ी है।’’ अभी यह फ़ीचर अपने डेमो फ़ॉर्मेट में है, और उपयोगकर्ता को अपनी क्लोन की हुई आवाज़ में पढ़े गए कुछ हिस्से सुनने की इजाज़त देता है। जैन ने कहा कि इसका एक पूरी तरह से विकसित संस्करण अगले महीने तक आने की उम्मीद है जो सुनने वालों को अपनी आवाज़ में पूरी ऑडियोबुक सुनने का अनुभव देगा।

इसे भी पढ़ें: अलगाववादी Asiya Andrabi पर NIA का शिकंजा, UAPA केस में Delhi Court ने ठहराया दोषी

इसका मतलब है कि अपनी आवाज़ में कहानियां सुनने के अलावा, सुनने वाले जल्द ही अपनी दादी को बच्चों की पंचतंत्र की कहानियां सुनाते हुए, माता-पिता को सोते समय कहानियां पढ़ते हुए, या किसी अपने की आवाज़ में पसंदीदा किताबों को एनिमेट करते हुए सुन सकते हैं।

अपनी आवाज़ से कहानी को ज़िंदा होते देखने के लिए उत्सुक, 14 साल की छात्रा वर्षा पुंज ने कहा कि अपनी आवाज़ सुनना एक कमाल का अनुभव था -- भले ही यह सिर्फ़ एक पैराग्राफ़ के लिए ही क्यों न हो। उन्होंने आगे कहा, “यह देखना दिमाग घुमा देने वाला है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कुछ ही मिनटों में क्या कर सकता है। यह सच में एक अनोखा अनुभव था।

प्रमुख बिंदु (Key Highlights):

स्थान: नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला (प्रगति मैदान)।

आकर्षण: AI आधारित ऑडियोबुक रिकॉर्डिंग बूथ।

अनुभव: पाठक अपनी आवाज में कहानियों को रिकॉर्ड कर सकते हैं।

उद्देश्य: तकनीक और साहित्य के बीच की दूरी कम करना। 

Continue reading on the app

अलगाववादी Asiya Andrabi पर NIA का शिकंजा, UAPA केस में Delhi Court ने ठहराया दोषी

कश्मीर की अलगाववादी आसिया अंद्राबी और दो अन्य लोगों को दिल्ली की अदालत ने यूएपीए मामले में दोषी ठहराया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश चंदरजीत सिंह ने अंद्राबी को यूएपीए की धारा 18 (षड्यंत्र के लिए दंड) और 38 (आतंकवादी संगठन की सदस्यता से संबंधित अपराध) के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने कहा कि सजा 17 जनवरी को सुनाई जाएगी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अंद्राबी पर कथित घृणास्पद भाषणों, आपराधिक साजिश और आतंकवाद विरोधी कानून के तहत आने वाली गतिविधियों के माध्यम से भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप लगाया था। उनके दो सहयोगियों को भी इस मामले में नामजद किया गया था।

इसे भी पढ़ें: Terror Funding Case | आखिर 6 साल से हिरासत में क्यों? अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह मामले में सुप्रीम कोर्ट ने NIA को लगाई कड़ी फटकार

अभियोजन पक्ष ने कहा कि अंद्राबी और उनके सहयोगियों ने अलगाववादी आंदोलनों के लिए समर्थन जुटाया और प्रतिबंधित संगठनों से संबंध बनाए रखे, जो यूएपीए के तहत अपराध की श्रेणी में आते हैं। रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों की जांच के बाद, निचली अदालत ने आरोपों को सही ठहराया और उन्हें दोषी ठहराया। अंद्राबी ने 1987 में महिलाओं के अलगाववादी संगठन 'दुख्तरान-ए-मिल्लत' की स्थापना की थी। उन्हें अप्रैल 2018 में जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी नेटवर्कों पर व्यापक कार्रवाई के तहत गिरफ्तार किया गया था। बाद में इस संगठन पर UAPA के तहत प्रतिबंध लगा दिया गया।

इसे भी पढ़ें: Bengal BLO death case: बंगाल में BLO हमीमुल इस्लाम ने क्यों दी जान? पुलिस की गिरफ्त में TMC के बुलेट खान

यह फैसला एक लंबे मुकदमे के बाद आया, जिसमें NIA ने तर्क दिया कि अंद्राबी ने भाषणों, बैठकों और संगठनात्मक कार्यों के माध्यम से अलगाववादी विचारधारा को बढ़ावा देने और आतंकी गतिविधियों को जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। फैसला सुनाए जाने के बाद, अदालत इस सप्ताह के अंत में सजा पर बहस सुनेगी और फिर UAPA के संबंधित प्रावधानों के तहत सजा तय करेगी।

Continue reading on the app

  Sports

ट्रम्प के टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला टला, IEEPA कानून के तहत राष्ट्रपति की शक्तियों पर टिकी निगाहें

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यकाल में लगाए गए अरबों डॉलर के वैश्विक टैरिफ की वैधता पर अपना फैसला टाल दिया है। इस मामले पर अगली सुनवाई की तारीख जल्द ही तय की जाएगी, जिससे वैश्विक व्यापार और अमेरिकी अर्थव्यवस्था से जुड़ी अनिश्चितता बढ़ गई है। यह मामला न केवल टैरिफ … Wed, 14 Jan 2026 22:37:14 GMT

  Videos
See all

Magh Mela Prayagraj: मकर संक्रांति स्नान पर्व की भव्य तैयारियां और संगम की अद्भुत छटा! Top News #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-14T17:10:00+00:00

वरुण धवन को लेकर इशिका गगनेजा का दिलचस्प किस्सा #aajtak #bollywood #entertainment #viral #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-14T17:08:44+00:00

बंगाल में ED छापेमारी पर अदालती लड़ाई #aajtak #bengalpolitics #mamtabanerjee #hindinews #bjp #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-14T17:09:12+00:00

ED ने की छापेमारी दीदी ले गई सीक्रेट सबूत #aajtak #bengalpolitics #mamtabanerjee #hindinews #bjp #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-14T17:09:08+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers