Responsive Scrollable Menu

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में प्रदर्शनकारियों को ‘मदद’ का भरोसा दिया तो भड़का रूस! दे डाली वॉर्निंग

ईरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने मध्य पूर्व में तनाव को और हवा दे दी है। मंगलवार (13 जनवरी 2026) को ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों का खुलकर समर्थन करते हुए कहा कि ‘मदद रास्ते में है’। इस पर रूस …

Continue reading on the app

याह्या सिनवार के बाद कौन बनेगा हमास चीफ, चुनाव जल्द:खालिद मशाल सबसे बड़ा दावेदार, इजराइल ने जहर दिया था फिर खुद बचाया

गाजा जंग में अपने कई टॉप अधिकारियों के मारे जाने के बाद हमास अपने संगठन को मजबूत करने के लिए आंतरिक चुनाव कराने की तैयारी कर रहा है। हमास से जुड़े एक नेता ने न्यूज एजेंसी AFP से बताया कि इसकी तैयारियां चल रही हैं। जमीनी हालात ठीक होते ही चुनाव कराए जाएंगे। अधिकारी के मुताबिक ये चुनाव कुछ ही दिनों में होने की उम्मीद है। रिपोर्ट के मुताबिक, अब हमास चीफ बनने के लिए खालिद मशाल का नाम सबसे आगे चल रहा है। इजराइल ने उसे मारने के लिए जहर दिया था, लेकिन इससे जॉर्डन से उसके संबंध खराब हो गए थे। इजराइल को मजबूरी में उसे बचाना पड़ा था। 15 महीने से हमास चीफ की कुर्सी खाली अक्टूबर 2023 में इजराइल जंग की शुरुआत के बाद हमास के 2 चीफ मारे जा चुके हैं। इजराइल ने जुलाई 2024 में तेहरान में इस्माइल हानिया की हत्या कर दी थी। इसके बाद अगस्त में याह्या सिनवार को हमास चीफ बनाया गया, लेकिन दो महीने बाद अक्टूबर में सिनवार को राफा शहर में गोलीबारी के दौरान मारा गया। सिनवार के मारे जाने के बाद हमास में किसी को भी चीफ नहीं बनाया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जंग की हालत में चुनाव में होने वाली मुश्किलों के चलते किसी को चीफ नहीं बनाया गया। यह भी माना गया कि अगर कोई नया चीफ बनाया जाता है तो इजराइल उसे निशाना बना सकता है। इसके बाद हामास ने कतर में स्थित पांच सदस्यों वाली एक अंतरिम लीडरशिप कमिटी बनाई। ताकि जिम्मेदारी बंटी रहे और किसी एक शख्स पर पूरा खतरा न आए। बीते 15 महीने से यही कमिटी हमास से जुड़े फैसले ले रही है। हमास ने अपनी 5 मेंबर वाली इंटरिम के सभी नाम सार्वजनिक तौर पर घोषित नहीं किए हैं। हालांकि अलग-अलग रिपोर्ट्स और हमास से जुड़े सूत्रों के मुताबिक पांच लोगों में अलील अल हय्या, खालिद मशाल, मूसा अबू मरजूक, जहीर जबरीन और निजार अवादल्लाह शामिल हैं। 50 लोगों की नई शूरा काउंसिल चुनाव करेगी रिपोर्ट के मुताबिक हमास अपने संगठन के नए नेतृत्व को चुनने के लिए 50 लोगों की एक नई शूरा काउंसिल बनाएगा। शूरा काउंसिल का मतलब होता है सलाह देने वाली समिति। इसमें सीनियर लीडर होते हैं। इस काउंसिल के मेंबर हर चार साल में चुने जाते हैं। ये चुनाव हमास की तीन जगहों पर मौजूद इकाइयों द्वारा होते हैं… 1. गाजा पट्टी 2. वेस्ट बैंक और 3. विदेश में मौजूद हमास की लीडरशिप इजराइल की जेल में बंद कैदी भी वोट डालेंगे इजराइल की जेलों में बंद हमास के कैदी भी इन चुनावों में वोट डाल सकते हैं। इजराइल की जेलों में बंद कैदी कैदी खुले तौर पर बैलेट पेपर नहीं डालते। वे अपने पसंदीदा उम्मीदवारों के नाम अपने वकीलों या फिर संबंधियों के जरिए भेजते हैं। गाजा जंग से पहले पिछले पिछले चुनावों में, गाजा और वेस्ट बैंक के मेंबर मस्जिदों समेत अलग-अलग जगहों पर इकट्ठा होकर शूरा काउंसिल का चुनाव करते थे।यही शूरा काउंसिल हर चार साल में 18 मेंबर वाली पॉलिटिकल ब्यूरो और हमास चीफ का चुनाव करती है। इस प्रक्रिया से जुड़े एक अन्य हमास सूत्र ने AFP से कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए पॉलिटिकल ब्यूरो के चुनाव का समय अभी तय नहीं है, “क्योंकि हमारे लोग बेहद कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे हैं।” खालिद मशाल चीफ बनने का सबसे बड़ा दावेदार खालिद मशाल का दावा बेहद मजबूत माना जा रहा है। वह इजराइल के साथ चल रहे शांति वार्ता में हमास की तरफ से पैरवी करता है। वह कभी गाजा में नहीं रहा। उसका जन्म 1956 में वेस्ट बैंक में हुआ था। साल 1987 में जब हमास का गठन हुआ तो उसमें मशाल भी शामिल था। तब वह कुवैत में रह रहा था। बाद में वह जॉर्डन, सीरिया और कतर में भी रहा। वह 1996 में हमास का पॉलिटिकल चीफ बना और 2017 तक इस पद पर रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, उसके कार्यकाल में हामास एक राजनीतिक-सैन्य संगठन के रूप में और मजबूत हुआ। इसके बाद हानियेह ने उसकी जगह ली थी। मशाल फिलहाल कतर की राजधानी दोहा में रह रहा है। मशाल, हमास की विदेश नीति का बड़ा चेहरा है। उसे करिश्माई शख्सियत का बताया जाता है। वह डिप्लोमेसी में माहिर है। हमास के कई बड़े नेताओं पर यात्रा से जुड़े प्रतिबंध लगे हुए हैं, मगर विदेश में रहने की वजह से मशाल को कम प्रतिबंधों का सामना करना पड़ता है। इजराइल ने जहर दिया फिर खुद ही बचाया, नाम पड़ा- जिंदा शहीद दुनिया को पहली बार 1997 में मशाल की ताकत का अंदाजा हुआ। मशाल जॉर्डन में ठहरा हुआ था। इस दौरान उसे जहर दे दिया गया। जहर देने वाले मोसाद के एजेंट थे। भागते वक्त उन्हें पकड़ लिया गया था तभी पता चला इस घटना में इजराइल का हाथ है। उधर मशाल को अस्पताल ले जाया गया। उसकी सांसे धीमी हो रही थीं। डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द जहर का एंटीडोट नहीं मिला तो मशाल की जान नहीं बच पाएगी। इसके बाद जॉर्डन किंग हुसैन ने इजराइल को धमकी दी कि अगर आधी रात से पहले उस जहर का एंटीडोट नहीं भेजा गया तो वह इजराइल के साथ हुआ शांति समझौता तोड़ देंगे। इतना ही नहीं, जहर देने वाले मोसाद के एजेंट्स को फांसी पर लटका देंगे। पहले तो इजराइल ने इस मामले में अपना हाथ होने से ही इनकार कर दिया, लेकिन जब अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने खुद नेतन्याहू को समझाया तो उन्हें मजबूर होकर एंटिडोट भिजवाना पड़ा। मशाल जिंदा बच गया।ये पहली बार हुआ था कि इजराइल ने अपने किसी दुश्मन को मरने से बचाया। तब से उसका नाम ‘जिंदा शहीद’ पड़ गया। खलील अल-हय्या- इजराइल से जंग के अलावा कुछ और नहीं चाहता मशाल के बाद खलील अल-हय्या भी हमास चीफ पद का बड़ा दावेदार है। वह पहले हमास चीफ हानियेह के डिप्टी के तौर पद पर काम करता था। अल-हय्या कभी भी इजराइल से अच्छे रिश्ते करने के पक्ष में नहीं रहा। उसका मानना है कि इजराइल को हराकर ही फिलिस्तीन की समस्या का समाधान निकल सकता है। अल-हय्या को कड़े और संतुलित कदम उठाने के लिए जाना जाता है। उसकी लीडरशिप की तारीफ होती है। ईरान, तुर्की, सीरिया, कतर और मिस्र के साथ अल-हय्या के अच्छे संबंध हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक खलील अल-हय्या गाजा युद्धविराम, कैदी अदला-बदली और मध्यस्थ देशों से बातचीत में संगठन के प्रमुख चेहरों में रहा है। गाजा में मौजूद हामास के एक मेंबर ने AFP को बताया कि खलील अल-हय्या का अन्य फिलिस्तीनी गुटों के साथ भी अच्छा संबंध है। इस वजह से उसकी दावेदारी भी बहुत मजबूत है। अल-हय्या को शूरा काउंसिल और हमास की मिलिट्री विंग कस्साम ब्रिगेड का भी समर्थन हासिल है। -------------------- यह खबर भी पढ़ें... गाजा में मिलिशिया ग्रुप एक्टिव कर रहा इजराइल:रिपोर्ट- हमास लड़ाकों की खुलेआम हत्या में शामिल; गैंग गाजा की सत्ता में हिस्सा चाहती है गाजा में सीजफायर के बावजूद अंदरूनी संघर्ष जारी है। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक गाजा में 5 इजराइल समर्थित मिलिशिया ग्रुप (सिविलियन फोर्स) एक्टिव हो गए हैं। यह समूह गाजा के अलग-अलग इलाकों में हमास के सदस्यों को टारगेट करके हत्याएं कर रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर...

Continue reading on the app

  Sports

अब OTT पर होंगे गुस्ताख इश्क के चर्चे, जानें कब और कहां कर सकते हैं स्ट्रीम

आजकल बड़े पर्दे पर रिलीज होने वाली हर फिल्म थोड़े दिनों बाद ऑनलाइन रिलीज कर दी जाती है। जो दर्शक सिनेमाघर जाकर फिल्मों का आनंद नहीं ले पाते हैं वह घर बैठे इन्हें कभी भी देख सकते हैं। पिछले साल नवंबर के महीने में विजय वर्मा और फातिमा सना शेख की फिल्म गुस्ताख इश्क रिलीज … Wed, 14 Jan 2026 08:42:53 GMT

  Videos
See all

Delhi में कारोबारी के घर पर Firing, CCTV में कैद हुए Lawrence Bishnoi Gang के बदमाश #shortsvideo #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-14T04:12:14+00:00

Bengal Politics: Bankura में TMC-BJP आमने-सामने, बीजेपी ने टीएमसी पर लगाए गंभीर आरोप #shortsvideo #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-14T04:14:07+00:00

US-Iran War Breaking LIVE: ईरान-अमेरिका तनाव में Russia की एंट्री | Trump Vs Khamenei | Protest News #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-14T04:14:02+00:00

Breaking News: कल से 17 जनवरी तक Tajmahal में होगी फ्री एंट्री, शाहजहां के उर्स पर लिया गया फैसला #tmktech #vivo #v29pro
2026-01-14T04:12:13+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers