एशियन गेम्स 2026 का धमाकेदार आगाज, मनु भाकर-पवन सहरावत ने थामी तिरंगा, खाली स्टेडियम ने उड़ाए आयोजकों के होश!
Asian Games 2026 Opening Ceremony: जपान के आइची-नागोया में एशियन गेम्स 2026 का धमाकेदार आगाज हो गया है. जापान के मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में शनिवार को रंगारंग और हाईटेक ओपनिंग सेरेमनी हुई. जापान के सम्राट नारुहिता ने आधिकारिक तौर पर इन खेलों के शुरुआत की घोषणा की. इस उद्घाटन समारोह में एक तरफ जहां भारतीय दल ने पूरे जोश के साथ मार्च पास्ट किया, वहीं दूसरी तरफ स्टेडियम में दर्शकों की भारी कमी ने इस बड़े आयोजन पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
जापान के सम्राट नारुहितो ने शाही परिवार के सदस्यों के साथ इन खेलों की शुरुआत का एलान किया. इस ऐतिहासिक पल के दौरान ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) के अध्यक्ष शेख जुआन बिन हमद अल थानी और इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (IOC) की चीफ कर्स्टी कोवेंट्री भी वहां मौजूद रहीं.
लगभग दो घंटे तक चले इस आकर्षक उद्घाटन समारोह का आगाज जापान के राष्ट्रगान और ध्वजारोहण के साथ हुआ. देश की सेल्फ डिफेंस फोर्स के 9 जवानों ने पूरे सम्मान के साथ राष्ट्रीय ध्वज को मंच तक पहुंचाया. इसके तुरंत बाद पूरा स्टेडियम अंधकार में डूब गया और सिर्फ एक चमचमाती स्पॉटलाइट के जरिए जापानी तिरंगे को केंद्र में रखकर रोशन किया गया.
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— Sony Sports Network (@SonySportsNetwk) September 19, 2026
Asia’s biggest sporting event officially kicks off! ????
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मनु भाकर और पवन सहरावत ने थामी तिरंगा
परेड ऑफ नेशंस (Athletes' Parade) के दौरान भारतीय दल का नेतृत्व दो स्टार एथलीटों ने किया. पेरिस ओलंपिक में इतिहास रचने वाली निशानेबाज मनु भाकर और भारतीय कबड्डी टीम के स्टार पवन सहरावत ने संयुक्त रूप से तिरंगा थामा और भारतीय दल के आगे-आगे चले.
दिलचस्प बात यह रही कि आखिरी समय पर पुरुष ध्वजवाहक में बदलाव करना पड़ा. पहले शॉटपुटर तजिंदरपाल सिंह तूर को ध्वजवाहक चुना गया था, लेकिन उनकी सेरेमोनियल किट समय पर न पहुंचने के कारण तकनीकी दिक्कतों की वजह से पवन सहरावत को यह जिम्मेदारी सौंपी गई, जिसे उन्होंने पूरी शान से निभाया. भारत ने इस बार 500 से अधिक एथलीटों का दल भेजा है, जो पिछले 106 मेडलों के रिकॉर्ड को तोड़ने के इरादे से मैदान पर उतरेंगे.
POV : You’re walking out along with our flag bearers at the Opening Cermony. ????????
— Team India (@WeAreTeamIndia) September 19, 2026
The incredible moments as our contingent marches during the Opening Ceremony! As the @asiangames_2026 are officially open, here’s wishing our contingent the very best on a successful games ahead.… pic.twitter.com/Kipe4elYGv
खाली स्टेडियम ने खिंचा ध्यान
एशियन गेम्स 2026 की ओपनिंग सेरेमनी की सबसे ज्यादा चर्चा इसके फीके माहौल और खाली स्टैंड्स को लेकर हो रही है. 30000 की क्षमता वाले इस मुख्य स्टेडियम में हजारों सीटें खाली पड़ी दिखाई दीं. खेलों के प्रति स्थानीय जनता की कम दिलचस्पी साफ तौर पर नजर आ रही थी और स्टेडियम में मौजूद दर्शक भी काफी शांत दिखे. विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार एशियन गेम्स के आयोजन को लेकर काफी प्रशासनिक और लॉजिस्टिकल गड़बड़ियां सामने आई हैं. आयोजकों ने लागत कम करने के लिए कोई पारंपरिक खेल गांव (Athletes' Village) नहीं बनाया है, बल्कि एथलीटों को कंटेनर नुमा केबिन, क्रूज शिप और होटलों में ठहराया गया है, जिससे कई देशों के खिलाड़ियों ने असंतोष जताया था. इस अव्यवस्था और प्रचार की कमी का असर ओपनिंग सेरेमनी में साफ देखने को मिला, जहां तकनीक और आतिशबाजी तो बेहतरीन थी, लेकिन दर्शकों का जोश नदारद था.
‘देश को हिंदू दक्षिणपंथी से खतरा’, पंडित नेहरू के बयान के हवाले से बोले हामिद अंसारी
देश के पूर्व उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने भारत में सांप्रदायिकता और राष्ट्रवाद को लेकर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि भारत के वास्तविक खतरा कम्युनिज्म नहीं बल्कि हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता है. अंसारी ने यह बातें पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के एक पुराने बयान का हवाला देते हुए कही.
दरअसल, 18 सितंबर को इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए थे. इस दौरान, उन्होंने ‘Remembering a Polymath: The Life and Times of Abdul Ghafoor Noorani’ विषय पर संबोधित किया. उन्होंने संविधान एक्सपर्ट और लेखक रहे दिवंगत एजी नूरानी के जीवन और उनकी लेखनी को याद किया.
VIDEO | Delhi: Addressing at AG Noorani Memorial Lecture, Former Vice President Hamid Ansari says, “…The RSS: A Menace to India was the title of the book, which was published in 2019… The latter couplet, which he (A.G. Noorani) wrote in the first line of the book's… pic.twitter.com/wbwUMryReQ
— Press Trust of India (@PTI_News) September 18, 2026
नूरानी की किताब का किया जिक्र
अपने भाषण में पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि नूरानी की वर्ष 2019 में प्रकाशित किताब ‘The RSS: A Menace to India’ का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि यह नूरानी की प्रमुख किताबों में से एक थी. अंसारी ने कहा कि नूरानी ने अपनी किताब में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के एक कथन का उल्लेख किया था। यह कथन विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की एक बैठक से जुड़ा बताया गया है। अंसारी के अनुसार, तत्कालीन विदेश सचिव जगत सिंह गुंडेविया ने नेहरू की इस टिप्पणी को दर्ज किया था। अंसारी ने नेहरू के हवाले से कहा कि “भारत के लिए वास्तविक खतरा कम्युनिज्म नहीं, बल्कि हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता है।”
Ayodhya, Uttar Pradesh: On former Vice President Mohammad Hamid Ansari's statement, Saket Bhawan Mahant Acharya Sitaram Das Ji Maharaj says, "Look, former Vice President Hamid Ansari, even after being given one of the country's highest constitutional posts, is making such a… pic.twitter.com/d2efZQvE2T
— IANS (@ians_india) September 19, 2026
बयान के बाद राजनीतिक बहस तेज
हामिद अंसारी के इस बयान के बाद राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। उनके बयान को लेकर अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। भारतीय जनता पार्टी की ओर से भी अंसारी के बयान की आलोचना की गई है. हालांकि, अंसारी ने अपने भाषण में जिस टिप्पणी का जिक्र किया, उसे उन्होंने खुद का निष्कर्ष बताने के बजाय एजी नूरानी की किताब के माध्यम से नेहरू से जोड़ा.
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