US-Iran Tension: अमेरिका से तनाव के बीच ईरान में अब तक 2000 लोगों की मौत, अब्बास अराघची ने ट्रंप को फिर किया चैलेंज
US-Iran Tension: ईरान इस समय अपने सबसे गंभीर आंतरिक संकटों में से एक से गुजर रहा है. देश में चल रहे व्यापक विरोध प्रदर्शनों को लेकर एक ईरानी अधिकारी ने बड़ा दावा किया है. एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में अधिकारी ने कहा कि मौजूदा आंदोलन के दौरान अब तक करीब 2,000 लोगों की मौत हो चुकी है. ईरानी सरकार का आरोप है कि इन मौतों के पीछे 'आतंकवादी तत्व' जिम्मेदार हैं, जो हालात को हिंसक बनाने की कोशिश कर रहे हैं.
⚠️ Update: It has been 108 hours since #Iran introduced a nationwide internet shutdown leaving Iranians isolated from the rest of the world and each other ????
— NetBlocks (@netblocks) January 13, 2026
The rights to free speech and free assembly are inviolable and must be protected #DigitalBlackoutIran pic.twitter.com/2pfCOpf6dm
अमेरिका को ईरान की सख्त चेतावनी
इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि ईरान अब किसी भी तरह के दबाव या सैन्य कार्रवाई का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है. अराघची ने दो टूक कहा, 'अगर वे फिर से सैन्य विकल्प आजमाना चाहते हैं, जिसे वे पहले भी आजमा चुके हैं, तो इस बार ईरान उसका पूरी ताकत से जवाब देगा.' उनके बयान से साफ है कि तेहरान अब किसी भी संभावित टकराव के लिए खुद को तैयार मान रहा है.
ईरानी दूतावास का बयान: 'हम अपने शत्रुओं को पहचानते हैं'
भारत स्थित ईरानी दूतावास ने भी अमेरिका और अन्य विरोधी ताकतों को कड़ा संदेश दिया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में दूतावास ने कहा कि सरकार समर्थक प्रदर्शनों ने विदेशी शत्रुओं की साजिशों को नाकाम कर दिया है.
बयान में कहा गया, 'ईरानी राष्ट्र मजबूत, शक्तिशाली और अपने दुश्मनों से भलीभांति परिचित है. अमेरिकी राजनेताओं को छल-कपट और भाड़े के हत्यारों पर भरोसा करना बंद करना चाहिए.'यह बयान ईरान की आक्रामक कूटनीतिक भाषा और आत्मविश्वास को दर्शाता है.
दिसंबर 2025 से जारी आंदोलन
ईरान में यह आंदोलन दिसंबर 2025 के अंत में शुरू हुआ था. शुरुआत में यह प्रदर्शन सरकार की आर्थिक और सामाजिक नीतियों के विरोध तक सीमित थे, लेकिन धीरे-धीरे यह आंदोलन इस्लामिक गणराज्य और सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ खुले विद्रोह में बदल गया.
प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरकर 'तानाशाह मुर्दाबाद', 'खामेनेई हटाओ' जैसे नारे लगा रहे हैं. इसके साथ ही निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी की वापसी की मांग भी जोर पकड़ रही है.
बढ़ता टकराव, अनिश्चित भविष्य
ईरान में बढ़ती हिंसा, हजारों मौतों के दावे और अमेरिका को दी गई खुली चेतावनियों ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है. एक ओर सरकार आंदोलन को विदेशी साजिश बता रही है, वहीं दूसरी ओर प्रदर्शनकारी इसे बदलाव की लड़ाई करार दे रहे हैं.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ईरान-अमेरिका तनाव एक बार फिर तेज होता दिख रहा है, जिससे आने वाले समय में पश्चिम एशिया की राजनीति और अधिक अस्थिर हो सकती है.
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International Kite Festival 2026: साबरमती के आसमान में रंगों का उत्सव, अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2026 का आगाज
International Kite Festival 2026: अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट पर अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2026 का भव्य आगाज हो गया है. एक दिन पहले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महोत्सव का उद्घाटन किया. कार्यक्रम का आयोजन गुजरात सरकार द्वारा आयोजित किया जा रहा है. महोत्सव गुजरात पर्यटन की प्रमुख पहल है. इसका उद्देश्य राज्य की समृद्ध संस्कृति और पर्यटन को वैश्विक स्तर पर बढ़ाना है.
Vadodara, Gujarat: The International Kite Festival 2026, organized by Gujarat Tourism with local authorities, filled the city’s skies with color as over 160 kite flyers from India and abroad showcased unique kites, attracting large crowds and creating a festive atmosphere pic.twitter.com/yJuSQYCVeS
— IANS (@ians_india) January 13, 2026
17 जनवरी तक बढ़ी तारीख
इस बीच, गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष सांघवी ने एक्स पर एक पोस्ट करते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव को 17 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है. अपने परिवार के साथ अहमदाबाद के आसमान में पतंग उड़ाने, संस्कृति और उत्सव का आनंद लेने का यह एक बेहतरीन अवसर है.
Gujarat Deputy CM Harsh Sanghavi posts, "International Kite Festival has been extended till 17 January. A perfect opportunity to visit with your family and enjoy the joy of kite flying, culture, and celebration in the skies of Ahmedabad." pic.twitter.com/QkMApTIChz
— Press Trust of India (@PTI_News) January 12, 2026
50 देशों के पतंगबाज भी हुए शामिल
गुजरात सरकार ने इस महोत्सव को सिर्फ अहमदबाद तक ही इसे सीमित नहीं रखा है. 10 जनवरी से शुरू हुआ महोत्सव राजकोट, धोलावीरा, सूरत, शिवराजपुर, वड़नगर और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी जैसी जगहों पर भी हो रहा है. महोत्सव में सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि 50 देशों के 135 अंतरराष्ट्रीय पतंगबाज और भारत के 13 राज्यों और गुजरात के 16 जिलों के कुल 1,071 से अधिक पतंगबाज शामिल हो रहे हैं.
स्थानीय कलाओं को दिया जा रहा है बढ़ावा
गुजरात सरकार द्वारा आयोजित महोत्सव में स्थानीय कला, शिल्प और व्यंजनों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिस वजह से यहां 25 हस्तशिल्प और 15 खाद्य स्टॉल लगाए गए हैं. यहां शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम और 13 जनवरी को नाइट काइट फ्लाइंग सेशन भी आयोजित किया गया है.
सीएम पटेल के कारण महोत्सव को मिली बड़ी सफलता
गुजरात पर्यटन विभाग ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में महोत्सव को अंतरराष्ट्रीय पंचांग में एक प्रमुख स्थान दिलाया है. सरकार की इस पहल की वजह से राज्य में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो रही है.
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