Vibrant Gujarat Regional Conference: सौराष्ट्र–कच्छ बने निवेश के नए पावरहाउस, गुजरात मॉडल पर निवेशकों को भरोसा
Vibrant Gujarat Regional Conference: वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस सौराष्ट्र एवं कच्छ ने सफलता हासिल की है. वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस की सफलता ने साबित कर दिया है कि गुजरात सरकार की दूरदर्शी नीतियों, मजबूत नेतृत्व और पारदर्शी प्रशासन पर देश-दुनिया का भरोसा लगातार बढ़ता जा रहा है और मजबूत हो रहा है. ये सम्मेलन गुजरात को वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है.
राज्य सरकार द्वारा प्राप्त आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि 12 जनवरी 2026 तक सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र को कुल 5,492 परियोजनाओं के प्रस्ताव मिले हैं. इन परियोजनाओं की मदद से करीब 5.79 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश की उम्मीद बन गई है. ये निवेश औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय समृद्धि को नई गति देगा.
The success of the Vibrant Gujarat Regional Conference Saurashtra & Kutch reflects the deep trust the world places in Gujarat’s vision and leadership.
— Harsh Sanghavi (@sanghaviharsh) January 12, 2026
As on 12.01.2026, the region has received:
• 5,492 projects
• ₹5.79 lakh crore (Rupees Five Lakh Seventy-Nine Thousand Crore)…
विकास और अवसरों के सशक्त इंजन बने सौराष्ट्र और कच्छ
गुजरात सरकार ने सीएम भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार किया है, जिसमें बेहतर बुनियादी ढांचा, सिंगल विंडो क्लियरेंस, उद्योग-हितैषी नीतियां और कुशल मानव संसाधन शामिल हैं. इसी वजह से आकांक्षाओं के प्रतीक माने जाने वाले सौराष्ट्र और कच्छ जैसे क्षेत्र आज विकास और अवसरों के सशक्त इंजन बनकर उभर रहे हैं.
सम्मेलन की मदद से एमएसएमई, उद्योग, पोर्ट-आधारित विकास, लॉजिस्टिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा और आधुनिक विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में निवेशकों की मजबूत रुचि देखने को मिली है. गुजरात सरकार की भूमिका और स्पष्ट दृष्टिकोण ने निवेशकों को दीर्घकालिक साझेदारी के लिए प्रेरित किया है.
निवेश को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह से सक्षम गुजरात
वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस सौराष्ट्र एवं कच्छ ने का संदेश है कि गुजरात न सिर्फ निवेश का स्वागत करता है, बल्कि धरातल पर भी उसे उतारने के लिए पूरी तरह से सक्षम और प्रतिबद्ध है. ये सफलता गुजरात के समावेशी, संतुलित और सतत विकास के मॉडल को और मजबूती प्रदान करता है.
IND vs NZ: राजकोट का ये रिकॉर्ड देख टेंशन में होंगे शुभमन गिल, Team India को रहना होगा सावधान
India vs New Zeland: भारत और न्यूजीलैंड के बीच दूसरा वनडे मैच राजकोट के निरंजन शाह क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा. 3 वनडे मैचों की सीरीज में टीम इंडिया 1-0 से आगे है. टीम इंडिया न्यूजीलैंड के खिलाफ काफी मजबूत टीम नजर आ रही है, लेकिन भारतीय टीम को ध्यान रखना होगा कि राजकोट में उसका रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है.
राजकोट के निरंजन शाह क्रिकेट स्टेडियम में पहला वनडे मैच साल 2013 में खेला गया था. तब भारत और इंग्लैंड की भिड़ंत हुई थी. उस मैच में टीम इंडिया को 9 रन से हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद साल 2015 में इस मैदान पर भारत का साउथ अफ्रीका से सामना हुआ था. इस मैच में भी भारतीय टीम को 18 रनों से हार मिली थी.
राजकोट में पहली बार भारत को मिली थी जीत
इस मैदान पर भारत को पहली बार साल 2020 में पहली जीत मिली थी. उस मैच में भारत की भिड़ंत ऑस्ट्रेलिया से थी. तब भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 36 रनों से हराया था. इस मैदान पर भारत ने चौथा और आखिरी वनडे मैच साल 2023 में खेला था. इस मैच में भारत को 66 रनों से हार झेलनी पड़ी थी.
राजकोट में अच्छा नहीं है टीम इंडिया का वनडे रिकॉर्ड
इस मैदान पर टीम इंडिया ने 4 वनडे मुकाबले खेले हैं, जिसमें से सिर्फ एक में जीत मिली है और 3 में हार का सामना किया है. इन आंकड़ो से पता चलता है कि इस मैदान पर टीम इंडिया का वनडे रिकॉर्ड कुछ खास नहीं रहा है. वहीं गौर करने वाली बात यह है कि यहां पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने जीत दर्ज किया है. भारत ने भी यहां पहले बैटिंग करते हुए जीत हासिल किया था.
ऐसे में इस ट्रेक रिकॉर्ड को देखकर टीम इंडिया टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करती है, उसकी जीत संभावना ज्यादा होगी. हालांकि दूसरी पारी में ओस भी होगी, जिसमें बल्लेबाजी करना आसान हो जाता है. टॉस की भूमिका अहम होने वाली है.
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