भारत ने जापानी लॉजिस्टिक्स दिग्गज एनएक्स ग्रुप के साथ किया समझौता, सेमीकंडक्टर मिशन को मिलेगा बढ़ावा
नई दिल्ली, 19 सितंबर (आईएएनएस)। भारत सरकार समर्थित इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) और जापान के निप्पॉन एक्सप्रेस ग्रुप की लॉजिस्टिक्स इकाई एनएक्स ग्रुप ने भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के लिए लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन समाधान विकसित करने संबंधी एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
एक सरकारी बयान के अनुसार, यह समझौता सेमीकॉन इंडिया 2026 के दौरान किया गया। इसके तहत दोनों पक्ष सेमीकंडक्टर उद्योग से जुड़ी लॉजिस्टिक्स आवश्यकताओं, बुनियादी ढांचे और सप्लाई चेन की मजबूती पर जानकारी साझा करेंगे और नियमित चर्चा करेंगे।
इस सहयोग का उद्देश्य सेमीकंडक्टर उद्योग से जुड़ी लॉजिस्टिक्स चुनौतियों का समाधान तलाशना और भारत में एक मजबूत तथा टिकाऊ सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के विकास को समर्थन देना है।
भारत तेजी से अपनी सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षमताओं का विस्तार कर रहा है और एक ऐसा घरेलू इकोसिस्टम विकसित कर रहा है, जो निर्माताओं, आपूर्तिकर्ताओं, लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाताओं और वैश्विक बाजारों को आपस में जोड़ सके।
सेमीकंडक्टर उद्योग में विशेष उपकरणों, कंपोनेंट्स और कच्चे माल की आवाजाही के लिए अत्याधुनिक और विशेषीकृत लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन ढांचे की आवश्यकता होती है। ऐसे में यह साझेदारी भारत की उभरती चिप विनिर्माण क्षमता को मजबूत आधार प्रदान कर सकती है।
वैश्विक चिप सम्मेलन के दौरान एनएक्स ग्रुप ने अपनी एंड-टू-एंड लॉजिस्टिक्स सेवाओं का प्रदर्शन भी किया। इसमें हवाई और समुद्री माल परिवहन, कस्टम क्लीयरेंस, वेयरहाउसिंग, घरेलू परिवहन, फैक्ट्री डिलीवरी, इंस्टॉलेशन सपोर्ट और आउटबाउंड लॉजिस्टिक्स जैसी सेवाएं शामिल हैं।
कंपनी ने कहा कि सेमीकंडक्टर लॉजिस्टिक्स में उसका वैश्विक अनुभव और नेटवर्क सरकार की सेमीकॉन 2.0 पहल के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। इससे विनिर्माण इकाइयों, आपूर्तिकर्ताओं और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित किया जा सकेगा।
एनएक्स ग्रुप के प्रतिनिधि कोबायाशी ने कहा कि कंपनी केवल परिवहन सेवाएं ही नहीं देती, बल्कि पूरे सप्लाई चेन प्रबंधन को शामिल करते हुए एंड-टू-एंड लॉजिस्टिक्स समाधान उपलब्ध कराती है। उन्होंने कहा कि समूह सेमीकॉन 2.0 के तहत भारत में विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में हर संभव सहयोग देगा।
कंपनी के अनुसार, भारत उसके लिए एक रणनीतिक विकास केंद्र और दीर्घकालिक विस्तार योजनाओं का महत्वपूर्ण बाजार है।
इससे पहले सितंबर में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के तहत देश में कम से कम 200 चिप डिजाइन कंपनियां उभरकर सामने आई हैं। उन्होंने कहा था कि यह घरेलू सेमीकंडक्टर बौद्धिक संपदा (आईपी) विकसित करने की दिशा में एक गेम चेंजर साबित हो रहा है।
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर डिजाइन प्रतिभा का प्रमुख केंद्र, दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत पेशेवर भारत में हैं: एस. कृष्णन
नई दिल्ली, 19 सितंबर (आईएएनएस)। सेमीकॉन इंडिया 2026 के तीसरे और आखिरी दिन शनिवार को उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने कहा कि भारत की प्रतिभा और स्थिर नीतियों पर वैश्विक कंपनियों का भरोसा कायम है, साथ ही सेमीकंडक्टर निवेश में जबरदस्त दिलचस्पी देखने को मिली रही है। उन्होंने कहा कि भारत की टैलेंट पूल और नीति समर्थन निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के सचिव एस. कृष्णन ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश को लेकर घरेलू और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के बीच जबरदस्त उत्साह दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा, सेमीकंडक्टर क्षेत्र में कौशल विकास सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में से एक है। भारत पहले से ही वैश्विक सेमीकंडक्टर डिजाइन प्रतिभा का प्रमुख केंद्र है और दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत सेमीकंडक्टर डिजाइन पेशेवर भारत में हैं।
उन्होंने आईएएनएस से कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आने वाले हर निवेश प्रस्ताव का गहन मूल्यांकन किया जाएगा, क्योंकि इसमें सरकार की ओर से महत्वपूर्ण प्रोत्साहन राशि शामिल होती है।
एस. कृष्णन ने आगे कहा कि सार्वजनिक धन का उपयोग होने के कारण सरकार प्रत्येक प्रस्ताव का सावधानीपूर्वक परीक्षण करने के बाद ही प्रोत्साहन देगी।
उन्होंने कहा, बड़ी संख्या में वैश्विक कंपनियां भारत में निवेश करना चाहती हैं और इसके पीछे दो प्रमुख कारण हैं, पहला भारत की मजबूत प्रतिभा क्षमता और दूसरा सरकार की स्थिर एवं सहयोगी नीतियां। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे निवेशकों को प्रोत्साहित करने और उनके साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
एस. कृष्णन ने कहा कि सरकार ने डिजाइन प्रतिभा को विकसित करने पर विशेष जोर दिया है और वर्तमान में लगभग 85,000 डिजाइन इंजीनियरों को प्रशिक्षित करने का कार्यक्रम चलाया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ कंपनियों ने भारत में कौशल विकास से जुड़े अपने पायलट कार्यक्रमों में अन्य देशों की तुलना में बेहतर परिणाम मिलने की जानकारी दी है, जो भारत की प्रतिभा क्षमता को दर्शाता है।
इसके अलावा, इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) के चेयरमैन पंकज मोहिंद्रू ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि इस वर्ष सेमीकॉन इंडिया को जो प्रतिक्रिया मिली है, वह उम्मीदों से कहीं बेहतर है।
उन्होंने कहा कि भारत अभी इस क्षेत्र में अपेक्षाकृत नया खिलाड़ी है और केवल पिछले पांच वर्षों में उसने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने बताया कि हर साल सेमीकॉन इंडिया का दायरा और प्रभाव बढ़ रहा है, लेकिन इस बार 500 से अधिक प्रदर्शकों की भागीदारी और दुनिया भर से आए उद्योग प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने इसे अभूतपूर्व बना दिया है।
पंकज मोहिंद्रू ने आगे कहा, उद्योग, निवेशक, नीति निर्माता और तकनीकी विशेषज्ञ बड़ी संख्या में इस मंच से जुड़ रहे हैं, जो भारत के बढ़ते वैश्विक महत्व को दर्शाता है।
इसके साथ ही, सेमी इंडिया और इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन (आईईएसए) के सीईओ और अध्यक्ष अशोक के. चंदक ने आईएएनएस से कहा कि इस बार एशियाई देशों की भागीदारी विशेष रूप से मजबूत रही है।
उन्होंने बताया कि जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान, सिंगापुर और मलेशिया जैसे देशों की कंपनियां और प्रतिनिधिमंडल बड़ी संख्या में सम्मेलन में शामिल हुए हैं।
उन्होंने कहा कि जापान, सिंगापुर और मलेशिया जैसे देशों के कंट्री पवेलियन लगाए गए हैं, जबकि विभिन्न देशों के साथ विशेष राउंडटेबल चर्चाएं भी आयोजित की गई हैं। यह इस बात का संकेत है कि वैश्विक कंपनियां और सरकारें भारतीय कंपनियों के साथ मिलकर काम करने में गहरी रुचि दिखा रही हैं।
अशोक के. चंदक ने आगे कहा, पिछले कुछ दिन बेहद दिलचस्प रहे हैं। जाहिर है, लोगों ने आगंतुकों की संख्या पर नजर रखी। पहले दिन कुल 12,000 आगंतुक आए, दूसरे दिन 16,000 और आज भी यह सिलसिला जारी है। इसमें इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवा और छात्र समुदाय दोनों शामिल हैं। पहले दिन बड़ी संख्या में छात्र आए थे। आज सुबह भी मैंने कई छात्रों को आते देखा। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि छात्र समुदाय में सेमीकंडक्टर क्षेत्र के बारे में ज्ञान और समझ हासिल करने की प्रबल इच्छा है।
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