वैश्विक तनावों के बीच छठे सप्ताह भी बाजार पर दबाव बरकरार, सेंसेक्स और निफ्टी 0.65 प्रतिशत तक फिसले
मुंबई, 19 सितंबर (आईएएनएस)। वैश्विक तनावों के बीच भारतीय शेयर बाजार पर लगातार छठे सप्ताह दबाव बरकरार रहा। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली और लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरें बने रहने की आशंकाओं के बीच निवेशकों के सतर्क रहने के चलते घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्को में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।
साप्ताहिक आधार पर निफ्टी में 0.22 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन इसमें 0.33 प्रतिशत की बढ़त आई और यह 23,346 अंक पर पहुंच गया। वहीं सेंसेक्स शुक्रवार को 19 अंक या 0.03 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 74,294 अंक पर बंद हुआ। पूरे सप्ताह में सेंसेक्स 0.65 प्रतिशत कमजोर रहा।
सप्ताह की शुरुआत कमजोर रही, लेकिन बाद में कच्चे तेल की कीमतों में हालिया ऊंचाई से नरमी आने के कारण भारतीय शेयर बाजार में कुछ रिकवरी देखने को मिली।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और जापान के केंद्रीय बैंकों के नीतिगत फैसले काफी हद तक बाजार की उम्मीदों के अनुरूप रहे। ऊर्जा महंगाई को लेकर चिंताएं कम होने से सरकारी बॉन्ड यील्ड पर दबाव कुछ घटा और इससे इक्विटी बाजारों को सीमित राहत मिली।
हालांकि केंद्रीय बैंकों की भविष्य की नीति संबंधी टिप्पणियों ने संकेत दिया कि प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में मौद्रिक नीति का रुख अभी भी सख्त बना रह सकता है। इससे लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों का माहौल जारी रहने की संभावना बढ़ गई है।
विश्लेषकों का कहना है कि एफआईआई की लगातार बिकवाली ने रुपए पर दबाव बनाए रखा और बाजार की रिकवरी को सीमित कर दिया। इसी वजह से घरेलू शेयर बाजार सप्ताहभर दबाव में रहा।
इस दौरान मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने बड़े शेयरों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। निवेशकों का रुझान ऐसे घरेलू कारोबारों की ओर रहा, जिनकी आय की संभावनाएं मजबूत हैं, ऑर्डर बुक बेहतर है और बैलेंस शीट मजबूत है।
क्षेत्रीय आधार पर हेल्थकेयर और एफएमसीजी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। इन क्षेत्रों को उनकी स्थिर आय और घरेलू मांग से जुड़े होने के कारण समर्थन मिला।
शुक्रवार को रियल्टी और मेटल शेयर भी मजबूत सेक्टरों में शामिल रहे। दूसरी ओर आईटी सेक्टर पर दबाव जारी रहा और निफ्टी आईटी सूचकांक में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सप्ताह के दौरान मिड और स्मॉलकैप आईटी शेयरों तथा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में भी कमजोरी रही। इसके पीछे वैश्विक प्रौद्योगिकी खर्च को लेकर चिंताएं, ऊंची ब्याज दरों के माहौल में विवेकाधीन मांग पर असर और कीमतों पर दबाव प्रमुख कारण रहे।
तकनीकी दृष्टि से विशेषज्ञों का मानना है कि 23,000-23,100 अंक का दायरा निफ्टी के लिए तत्काल समर्थन (सपोर्ट) क्षेत्र बना हुआ है। वहीं 23,400-23,600 अंक का क्षेत्र निकट अवधि में प्रमुख प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) के रूप में देखा जा रहा है।
वहीं एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) लगातार पांचवें सप्ताह शुद्ध विक्रेता बने रहे और उन्होंने 7,620 करोड़ रुपए की बिक्री की। वहीं दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 11,232 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी के साथ अपनी खरीदारी का सिलसिला जारी रखा, जिससे बाजार को सप्ताह के मध्य के निचले स्तर से उबरने में मदद मिली।
इस महीने अब तक एफआईआई ने 7,041 करोड़ रुपए की शुद्ध बिक्री की है, जबकि डीआईआई ने 36,219 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदारी की है, जिसके चलते निफ्टी अगस्त के अंत में बंद हुए 24,080.40 से 3.05 प्रतिशत नीचे आ गया।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आगे चलकर, एफआईआई की लगातार बिकवाली और वैश्विक प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण बाजार अस्थिर रहने की संभावना है, हालांकि घरेलू संस्थागत खरीद में स्थिरता से गिरावट सीमित रहनी चाहिए।
आने वाले सप्ताह में निवेशकों की नजर घरेलू ऋण वृद्धि (क्रेडिट ग्रोथ) और पीएमआई आंकड़ों पर रहेगी, जो आर्थिक गतिविधियों की गति का संकेत देंगे।
इसके अलावा अमेरिका के प्रारंभिक बेरोजगारी दावों (जॉबलेस क्लेम्स) के आंकड़े और फेडरल रिजर्व अधिकारियों की टिप्पणियां वैश्विक तरलता, ब्याज दरों की दिशा और वित्तीय बाजारों की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
--आईएएनएस
डीबीपी
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अब AI करेगा ट्रेन टिकट की तलाश! चैटजीपीटी एस्ट्रा ने IRCTC पर खुद शुरू किया बुकिंग प्रोसेस
IRCTC Train Ticket Booking: ट्रेन से सफर करने वालों के लिए टिकट बुक करना कई बार काफी समय लेने वाला काम बन जाता है. IRCTC पर टिकट बुक करते समय स्टेशन, तारीख, ट्रेन और यात्रियों की जानकारी भरने के साथ कई दूसरे स्टेप भी पूरे करने पड़ते हैं. खासकर ज्यादा भीड़ के समय थोड़ी सी देरी होने पर कन्फर्म सीट मिलना मुश्किल हो जाता है. लेकिन अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के बढ़ते इस्तेमाल के बीच ऐसा प्रयोग सामने आया है, जिसमें एआई को ट्रेन टिकट खोजने और बुकिंग प्रक्रिया आगे बढ़ाने का काम दिया गया.
चैटजीपीटी एस्ट्रा ने IRCTC पर शुरू किया प्रोसेस
सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक एक्सपेरिमेंट में चैटजीपीटी एस्ट्रा को ट्रेन टिकट खोजने का काम दिया गया. AI को बताया गया कि 20 सितंबर को रात 9 से 11 बजे के बीच मुंबई से राजकोट जाना है और दो यात्रियों के लिए AC क्लास में ट्रेन चाहिए. इसके बाद AI ने ब्राउजर के जरिए IRCTC की वेबसाइट खोलकर टिकट से जुड़ी जानकारी भरने और ट्रेन खोजने की प्रक्रिया शुरू की. उसने यात्रा की तारीख, स्टेशन और समय जैसी जानकारी के आधार पर उपलब्ध ट्रेनों को देखने की कोशिश की.
AI ने ट्रेनों और सीटों की स्थिति भी देखी
इस प्रयोग में AI ने सिर्फ ट्रेन के विकल्प बताने तक खुद को सीमित नहीं रखा. दावे के मुताबिक, उसने उपलब्ध ट्रेनों को चेक किया और सीटों की स्थिति भी देखने की कोशिश की. कुछ ट्रेनों में सीट उपलब्ध नहीं थी या वेटिंग दिखाई दे रही थी. इसके बाद AI ने आगे की प्रक्रिया के बारे में पूछा। जब उसे अगले दिन की ट्रेनें देखने के लिए कहा गया तो उसने दोबारा सर्च करके दूसरे विकल्प सामने रखे.
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पेमेंट का काम अभी बाकी रहा
इस प्रयोग में AI ने टिकट बुकिंग की प्रक्रिया के कई हिस्सों को खुद करने की कोशिश की, लेकिन पूरा काम अपने आप नहीं हो पाया। खास तौर पर पेमेंट का स्टेप पूरा नहीं हुआ. इसका मतलब यह है कि फिलहाल इस तरह के AI एक्सपेरिमेंट को पूरी तरह ऑटोमेटेड टिकट बुकिंग सिस्टम नहीं माना जा सकता. यह बात ध्यान रखना जरूरी है कि सोशल मीडिया पर दिखाया गया यह एक प्रयोग था. इसे IRCTC की ओर से शुरू की गई आधिकारिक AI टिकट बुकिंग सुविधा नहीं समझना चाहिए. फिलहाल IRCTC पर टिकट बुक करने के लिए यात्रियों को खुद वेबसाइट या ऐप पर जाकर जरूरी प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है.
आगे कितना बदल सकता है टिकट बुकिंग का तरीका?
AI अब सिर्फ सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं रह गया है. ऐसे प्रयोग दिखा रहे हैं कि भविष्य में AI वेबसाइट खोलकर जानकारी भरने, विकल्प खोजने और कई ऑनलाइन काम खुद करने में मदद कर सकता है. हालांकि, असली चुनौती तब सामने आएगी जब AI को तत्काल टिकट, पेमेंट, कैप्चा और वेबसाइट पर आने वाली दूसरी तकनीकी दिक्कतों के बीच पूरा प्रोसेस संभालना होगा. फिलहाल यह प्रयोग इस बात का संकेत जरूर देता है कि आने वाले समय में ऑनलाइन टिकट बुकिंग जैसे कामों में AI की भूमिका बढ़ सकती है.
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