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Gen Z को लेकर PM Modi का बयान सही है या Manish Tewari की चिंता सही है?

देश की राजनीति में इन दिनों जेन जी को लेकर एक वैचारिक घमासान तेज हो गया है। एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं जो जेन जी को भारत के भविष्य का वाहक बताते हुए उनसे मानसिक गुलामी की बेड़ियां तोड़ने का आह्वान कर रहे हैं तो दूसरी ओर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी हैं जो एशिया के कई देशों में जेन जी के नेतृत्व में हुए हालिया प्रदर्शनों को चेतावनी की तरह देखते हैं और उसके गहरे निहितार्थों की बात करते हैं।

हम आपको बता दें कि एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को संबोधित करते हुए साफ कहा कि जेन जी का सबसे बड़ा दायित्व देश को दासता की मानसिकता से बाहर निकालना है। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक स्वतंत्रता का सवाल नहीं बल्कि सोच की आजादी का प्रश्न है। उन्होंने कहा कि भारत लंबे समय तक औपनिवेशिक मानसिकता का शिकार रहा है जहां अपनी क्षमताओं पर संदेह किया गया और विदेशी मानकों को ही श्रेष्ठ माना गया। मोदी ने कहा कि आज का युवा उस दौर को नहीं जानता जब नीतिगत पंगुता और निर्णयहीनता ने देश की गति को थाम रखा था लेकिन यही युवा अब उस सोच को हमेशा के लिए दफन कर सकता है।

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प्रधानमंत्री ने जेन जी को आत्मनिर्भर भारत का असली सिपाही बताते हुए कहा कि स्टार्टअप संस्कृति, तकनीक आधारित नवाचार, अंतरिक्ष विज्ञान और डिजिटल भारत जैसी पहलों में युवाओं की भूमिका निर्णायक है। उनका जोर इस बात पर था कि जेन जी को केवल विरोध की राजनीति तक सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि समाधान और सृजन की राजनीति को आगे बढ़ाना चाहिए। मोदी ने कहा कि भारत का युवा अगर अपनी जड़ों और सांस्कृतिक आत्मविश्वास से जुड़ता है तो वह वैश्विक मंच पर भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है।

इसके विपरीत कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी का नजरिया कहीं अधिक सतर्क और चिंतित दिखाई देता है। उन्होंने हाल के महीनों में एशिया के कई देशों में जेन जी के नेतृत्व में हुए आंदोलनों का हवाला देते हुए कहा कि इन प्रदर्शनों को सिर्फ युवा आक्रोश कहकर खारिज नहीं किया जा सकता। तिवारी ने कहा कि इन आंदोलनों ने कई जगह सरकारों को हिला दिया और कहीं कहीं सत्ता परिवर्तन तक का कारण बने। उनका कहना है कि यह समझना जरूरी है कि ये आंदोलन केवल स्थानीय असंतोष का परिणाम नहीं हैं बल्कि इनके पीछे वैश्विक राजनीतिक प्रवृत्तियां और डिजिटल माध्यमों की बड़ी भूमिका है।

मनीष तिवारी ने आगाह किया कि सोशल मीडिया और डिजिटल नेटवर्क के जरिये जेन जी तेजी से संगठित होती है और भावनात्मक मुद्दों पर उग्र प्रतिक्रिया देती है। यह शक्ति जितनी रचनात्मक हो सकती है उतनी ही विनाशकारी भी साबित हो सकती है अगर इसे विवेकपूर्ण दिशा न मिले। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को अन्य एशियाई देशों के अनुभवों से सबक लेना चाहिए जहां युवा आंदोलनों ने लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव डाला और अस्थिरता पैदा की।

देखा जाये तो दुनिया भर में जेन जी के आंदोलनों ने एक नया राजनीतिक पैटर्न गढ़ा है। ये आंदोलन तेज हैं भावनात्मक हैं और डिजिटल प्लेटफार्म के सहारे सीमाओं को लांघते हैं। लेकिन भारत का संदर्भ अलग है। यहां का जेन जी सामाजिक, सांस्कृतिक विविधता, संविधानिक ढांचे और लोकतांत्रिक परंपराओं के बीच पला बढ़ा है। यही कारण है कि भारतीय जेन जी को केवल वैश्विक आंदोलनों की नकल करने वाला नहीं बल्कि अपने तरीके से प्रतिक्रिया देने वाला माना जा रहा है।

मोदी और मनीष तिवारी के बयानों के बीच की टकराहट असल में इस सवाल पर आकर टिक जाती है कि युवा शक्ति को प्रेरणा की जरूरत है या नियंत्रण की। मोदी जहां युवाओं में आत्मविश्वास और राष्ट्रीय चेतना भरना चाहते हैं वहीं मनीष तिवारी इस चेतना को विवेक और सावधानी के साथ देखने की बात करते हैं। हालांकि दोनों ही यह मानते हैं कि जेन जी अब हाशिये पर नहीं बल्कि राजनीति और समाज के केंद्र में है।

देखा जाये तो जेन जी को लेकर चल रही यह बहस भारत के भविष्य की बहस है। प्रधानमंत्री मोदी की बातों में एक स्पष्ट संदेश है कि युवा केवल शिकायत करने वाली पीढ़ी न बने बल्कि देश की दिशा बदलने वाली शक्ति बने। दासता की मानसिकता से मुक्ति का आह्वान दरअसल आत्मविश्वास और स्वदेशी सोच की पुकार है। वहीं मनीष तिवारी की चेतावनी यह याद दिलाती है कि ऊर्जा अगर दिशा विहीन हो जाए तो वह रचनात्मक कम और विध्वंसक अधिक हो सकती है।

हम आपको यह भी बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी और मनीष तिवारी के बीच चल रही जेन जी को लेकर बहस के समानांतर राहुल गांधी भी युवाओं से संवाद की अपनी अलग रणनीति के कारण चर्चा में रहे हैं। हाल के दिनों में जेन जी के साथ उनकी अनौपचारिक बातचीत के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए हैं जिनमें वे कॉलेज जीवन, प्रेम प्रसंगों, व्यक्तिगत पसंद और युवाओं की रोजमर्रा की चिंताओं पर खुलकर बात करते दिखाई देते हैं। यह संवाद कई बार गंभीर राजनीति से ज्यादा मीम संस्कृति का हिस्सा बन गया। दरअसल, कांग्रेस की रणनीति के तहत यह प्रयास जेन जी को सीधे संबोधित करने और उन्हें लोकतंत्र, संविधान और चुनावी प्रक्रिया से जोड़ने का है। राहुल गांधी बार बार युवाओं से अपील करते रहे हैं कि वह केवल दर्शक न बनें बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभाएं खासकर रोजगार, भ्रष्टाचार और चुनावी पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर। उन्होंने कुछ ऐसे बयान भी दिये जिन्हें जेन जी को उकसाने के तौर पर देखा गया। हालांकि यह साफ दिख रहा है कि जेन जी केवल राजनीतिक संदेश सुनने वाला वर्ग नहीं है बल्कि वह खुद विमर्श की दिशा तय करने लगा है।

बहरहाल, भारत का जेन जी इन दोनों ध्रुवों के बीच खड़ा है। उसके पास विरोध की ताकत भी है और निर्माण की क्षमता भी। असली चुनौती यही है कि वह वैश्विक उथल पुथल से सबक लेते हुए भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करे न कि उसे अस्थिरता की ओर धकेले। भारत का युवा अगर सोच समझकर आगे बढ़ा तो वह केवल सत्ता से सवाल नहीं करेगा बल्कि राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी भी उठाएगा। यही संतुलन भारत को बाकी दुनिया से अलग और मजबूत बनाता है।

-नीरज कुमार दुबे

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New Tata Punch का 'Command Max' अवतार! धांसू Look, Smart फीचर्स और CNG का भी ऑप्शन

भारतीय ऑटोमोबाइल जगत की अग्रणी कंपनी टाटा मोटर्स ने भारतीय सड़कों के लिए पंच फेसलिफ्ट का अपडेटेड वर्जन लॉन्च कर दिया है। अक्टूबर 2021 में लॉन्च होने के बाद से ही पंच टाटा की सबसे लोकप्रिय कारों में से एक और सबसे ज्यादा मांग वाली कॉम्पैक्ट एसयूवी बन चुकी है। अब कंपनी ने इस कार में एक बड़ा बदलाव किया है। नई टाटा पंच अपने विशिष्ट सिग्नेचर कमांड मैक्स इंजन के साथ बेजोड़ शक्ति, बेहतरीन आराम, अत्याधुनिक तकनीक और दमदार स्टाइल का संगम पेश करती है और यह महज ₹5.59 लाख (एक्स-शोरूम, नई दिल्ली) की शुरुआती कीमत पर उपलब्ध है।
 

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अक्टूबर 2021 में लॉन्च होकर सबकॉम्पैक्ट एसयूवी श्रेणी में अग्रणी भूमिका निभाने वाली और लगभग 7 लाख ग्राहकों का भरोसा जीतने वाली टाटा पंच, दो उन्नत पावरट्रेन विकल्पों के साथ उद्योग में नए मानक स्थापित करने की अपनी विरासत को आगे बढ़ा रही है। मौजूदा मॉडलों की तुलना में नई पंच में कई अपग्रेड किए गए हैं। टाटा ने कार को कॉम्पैक्ट रखते हुए, इसके नए 'कमांड मैक्स' डिज़ाइन कॉन्सेप्ट को अपनाकर इसका लुक और भी दमदार बना दिया है। इससे कार का लुक और भी बोल्ड और स्पोर्टी हो गया है, जो युवा शहरी खरीदारों और पहली कार खरीदने वालों को आकर्षित करने के लिए तैयार है।

नई पंच, मजबूती, परिष्कार और अत्याधुनिक नवाचार के बेजोड़ मिश्रण के साथ सबकॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट में अपना दबदबा कायम करती है। इसका दमदार, सीधा खड़ा लुक और तराशी हुई सतहें एक प्रभावशाली छवि प्रस्तुत करती हैं, जबकि मजबूत 3डी फ्रंट ग्रिल और बुल गार्ड बम्पर के साथ पावरसाइट एलईडी हेडलाइट्स और इन्फिनिटी ग्लो एलईडी कनेक्टेड टेललाइट्स आत्मविश्वास से भरे आगमन की घोषणा करते हैं। ऊंचे पिछले हिस्से, स्पोर्टी स्पॉइलर और आकर्षक अलॉय व्हील्स हर कोण से इसकी प्रभावशाली उपस्थिति को और भी बढ़ाते हैं।

अंदर से, बिल्कुल नई पंच एक विशाल केबिन प्रदान करती है जिसे एक दमदार डैशबोर्ड, प्रीमियम इंफोटेनमेंट और एम्बिएंट लाइटिंग के साथ नियंत्रण स्थापित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो एक ऐसा वातावरण बनाता है जो दिखने में जितना शक्तिशाली है, उतना ही महसूस भी होता है। ड्राइवर-केंद्रित एर्गोनॉमिक्स, एक आरामदायक सीटिंग पोजीशन और स्मार्ट पैकेजिंग आराम और व्यावहारिकता का पूरा ध्यान रखती है। पहाड़ों से प्रेरित ग्राफिक्स और गहरे भूरे रंग के धब्बेदार फिनिश से सजी साहसिक इंटीरियर डिजाइन, इसके हर जगह जाने के डीएनए को और मजबूत करती है।

एक्सटेंडेड थाई सपोर्ट वाली एग्जीक्यूटिव लाउंज सीटें लंबी दूरी की यात्रा के आराम को एक नया आयाम देती हैं, वहीं डुओटोन सिग्नेचर डैश इसे और भी शानदार बनाता है। फ्लैट रियर फ्लोर डिज़ाइन लेगरूम को अधिकतम करता है, जिससे हर यात्री को भरपूर जगह और आत्मविश्वास मिलता है। नई पंच को ड्राइवर को पूर्ण नियंत्रण देने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो उन्नत तकनीक और बेहतरीन आराम का बेजोड़ मिश्रण प्रदान करती है। हर फ़ीचर आत्मविश्वास जगाने और सुविधा बढ़ाने के लिए बनाया गया है, जिससे हर यात्रा सहज, कनेक्टेड और नियंत्रण में महसूस हो।
 

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अपने सेगमेंट में एक नया बेंचमार्क स्थापित करते हुए, नई पंच कई प्रीमियम नवाचारों को एकीकृत करती है जो आराम और क्षमता को फिर से परिभाषित करते हैं। एक शक्तिशाली 65-वॉट का फ्रंट टाइप-सी यूएसबी चार्जर तेज़ और विश्वसनीय डिवाइस चार्जिंग सुनिश्चित करता है, जबकि रेन सेंसिंग वाइपर अप्रत्याशित मौसम में अतिरिक्त सुविधा प्रदान करते हैं। अल्ट्रा व्यू 26.03 सेमी एचडी इंफोटेनमेंट सिस्टम सर्वश्रेष्ठ रिज़ॉल्यूशन, स्पष्टता और एक सहज इंटरफ़ेस प्रदान करता है, जिससे हर इंटरैक्शन सहज हो जाता है।

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IND vs NZ 2nd ODI LIVE SCORE: चौथे ओवर में आई पहली बाउंड्री, शुभमन गिल ने फोक्स पर लगाया शॉट

IND vs NZ 2nd ODI LIVE SCORE: भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैच की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला राजकोट में खेला जा रहा है. टॉस गंवाकर भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी कर रही है. दोनों ही टीम की प्लेइंग इलेवन में एक-एक बदलाव किया गया है. Wed, 14 Jan 2026 13:46:34 +0530

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