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DUSU Election Result: अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास 114 वोटों से आगे

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव के लिए शनिवार को जारी मतगणना के बीच अध्यक्ष पद के शुरुआती रुझानों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के यश डबास सबसे आगे हैं जबकि भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के विजय शंकर मीणा दूसरे स्थान पर हैं। इस चुनाव के नतीजों से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए डूसू के केंद्रीय पैनल की तस्वीर साफ होगी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), कांग्रेस से संबद्ध भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) और अखिल भारतीय छात्र संगठन (आइसा)-स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) का वाम गठबंधन देश के सबसे चर्चित छात्र संघ चुनावों में से एक में अपना वर्चस्व कायम करने की कोशिश कर रहे हैं।

पिछले साल अभाविप ने अध्यक्ष, सचिव एवं महासचिव पद पर जीत हासिल की थी जबकि एनएसयूआई ने केवल उपाध्यक्ष पद जीता था। शनिवार को पहले दौर की मतगणना के बाद डबास को 1,305 मत मिले जबकि मीणा को 1,191 और वाम गठबंधन की उम्मीदवार अनन्या रतूड़ी को 288 मत मिले। पहले दौर में कुल 3,270 मतों की गिनती हुई।

अधिकारियों ने बताया कि अभी मतगणना का केवल एक दौर पूरा हुआ है और दूसरे दौर की मतगणना शुरू हो गई है। केंद्रीय पैनल के चार पदों के साथ-साथ कॉलेज छात्र संघ के प्रतिनिधियों के चयन के लिए मतगणना शनिवार सुबह आठ बजे ‘नॉर्थ कैंपस’ स्थित विश्वविद्यालय खेल स्टेडियम के बहुउद्देश्यीय हॉल में शुरू हुई। प्रश्नपत्र लीक होने के मुद्दे को लेकर हाल में हुए छात्र आंदोलन के मद्देनजर चुनाव में प्रमुख छात्र संगठनों के प्रदर्शन को लेकर काफी उत्सुकता है।

चुनाव के लिए शुक्रवार को कई महाविद्यालयों में मतदान हुआ था। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि चुनाव के लिए कुल 1,000 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) लगाई गई थीं, जिनमें से 960 का इस्तेमाल मतदान के लिए किया गया जबकि 40 मशीन को सुरक्षित रखा गया था। ईवीएम को शुक्रवार शाम मतदान समाप्त होने के बाद पुलिस की सुरक्षा में मतगणना स्थल ले जाया गया।

दिल्ली विश्वविद्यालय में पुलिस एवं अर्धसैनिक बल के 2,000 से अधिक जवान तैनात किए गए हैं। प्रमुख सड़कों पर आवाजाही प्रतिबंधित की गई है और मतगणना केंद्र के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इस साल चुनाव प्रचार के प्रमुख मुद्दे विद्यार्थियों का कल्याण, परिसर में सुविधाएं, छात्रावास की व्यवस्था और सुरक्षा रहे।

इस महीने की शुरुआत में सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत ढहने की घटना के बाद सुरक्षा का मुद्दा विशेष रूप से चर्चा में रहा। इस हादसे में विद्यार्थियों समेत सात लोगों की मौत हो गई थी। दिल्ली में जून-जुलाई के दौरान राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के प्रश्नपत्र लीक होने के खिलाफ और परीक्षा सुधारों के मुद्दे पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के नेतृत्व में छात्र आंदोलन भी हुआ था।

एक अधिकारी ने बताया कि महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और परिसरों में पैदल गश्ती दल, मोटरसाइकिल दस्ते और पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) के वाहन लगातार गश्त कर रहे हैं। बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के तहत प्रमुख स्थानों पर अर्धसैनिक बलों के जवान भी तैनात किए गए हैं। विश्वविद्यालय की ओर से जारी परामर्श के तहत लगाए गए यातायात प्रतिबंध शनिवार को नतीजों की घोषणा होने तक लागू रहेंगे।

अधिकारियों ने बताया कि पुलिस मतगणना प्रक्रिया के दौरान प्रवेश और निकास बिंदुओं, विद्यार्थियों की आवाजाही तथा अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विश्वविद्यालय के अधिकारियों और कॉलेज प्रशासन के साथ समन्वय कर रही है।

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गोल्ड ETF में एक साल में 35% का रिटर्न मिला:इसके जरिए कम पैसों में सोने में निवेश, जानें इससे जुड़ी खास बातें

निवेशकों इन दिनों सोने में निवेश लुभा रहा है। अगस्त में गोल्ड ETF में निवेश जुलाई के 1,558 करोड़ रुपए से बढ़कर 2,596 करोड़ रुपए रहा। गोल्ड ETF ने बीते एक साल में 35% से ज्यादा का रिटर्न दिया है। जेफरीज के ग्लोबल इक्विटी स्ट्रैटजी हेड क्रिस वुड का मानना है कि सोने के दाम में आगे भी तेजी देखने को मिल सकती है। ऐसे में अगर आप सोने में निवेश करने का प्लान बना रहे हैं तो गोल्ड ETF के जरिए इसमें निवेश कर सकते हैं। क्या होता है गोल्ड ETF? एक्सचेंज ट्रेडेड फंड सोने के गिरते-चढ़ते भावों पर बेस्ड होते हैं। गोल्ड ETFs की खरीद-बिक्री शेयर की ही तरह BSE और NSE पर की जा सकती है। हालांकि, इसमें आपको सोना नहीं मिलता। आप जब इससे निकलना चाहें तब आपको उस समय के सोने के भाव के बराबर पैसा मिल जाएगा। इसमें कैसे कर सकते हैं निवेश? गोल्ड ETF खरीदने के लिए आपको अपने ब्रोकर के माध्यम से डीमैट अकाउंट खोलना होता है। इसमें NSE पर उपलब्ध गोल्ड ETF के यूनिट आप खरीद सकते हैं और उसके बराबर की राशि आपके डीमैट अकाउंट से जुड़े बैंक अकाउंट से कट जाएगी। आपके डीमैट अकाउंट में ऑर्डर लगाने के दो दिन बाद गोल्ड ETF आपके अकाउंट में डिपॉजिट हो जाते हैं। ट्रेडिंग खाते के जरिए ही गोल्ड ETF को बेचा जाता है। सोने में सीमित निवेश फायदेमंद एक्सपर्ट के अनुसार, भले ही आपको सोने में निवेश करना पसंद हो तब भी आपको इसमें सीमित निवेश ही करना चाहिए। कुल पोर्टफोलियो का सिर्फ 10 से 15% ही सोने में निवेश करना चाहिए। किसी संकट के दौर में सोने में निवेश आपके पोर्टफोलियो को स्थिरता दे सकता

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  Sports

Asian Games 2026: भारत के 10 खिलाड़ी और टीमें, जिनसे गोल्ड की उम्मीद, क्रिकेट से मनु भाकर तक

Asian Games 2026: भारत एशियन गेम्स में अपने प्रदर्शन को नई ऊंचाई पर ले जाने की तैयारी कर रहा है। जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले इन खेलों में भारतीय दल से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है। हांगझोउ एशियन गेम्स 2023 में भारत ने रिकॉर्ड 107 मेडल जीते थे, जिसमें 28 गोल्ड शामिल थे। इस बार भारत के 503 एथलीट 36 खेलों में देश की चुनौती पेश करेंगे।

भारत की नजर अपने अब तक के सबसे बड़े मेडल टैली पर है। कबड्डी और क्रिकेट जैसे खेलों में भारतीय टीमें अपने खिताब का बचाव करने उतरेंगी, जबकि शूटिंग, आर्चरी, बैडमिंटन और एथलेटिक्स में भी कई खिलाड़ियों से गोल्ड की उम्मीद होगी। आइए जानते हैं वे 10 खिलाड़ी और टीमें, जिन पर भारत की गोल्ड मेडल की उम्मीदें टिकी हैं।

1. कबड्डी- पुरुष और महिला टीम
एशियन गेम्स में कबड्डी भारत के सबसे मजबूत खेलों में शामिल है। पुरुष और महिला दोनों भारतीय टीमों ने हांगझोउ एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था। दोनों टीमें 2025 कबड्डी वर्ल्ड कप में भी चैंपियन बनीं। एशियन गेम्स में भारत का शानदार रिकॉर्ड और हालिया प्रदर्शन देखते हुए इस बार भी पुरुष और महिला टीमों से गोल्ड की उम्मीद होगी।

2. क्रिकेट- पुरुष और महिला टीम
एशियन गेम्स में क्रिकेट के दोनों वर्गों में भारत डिफेंडिंग चैंपियन है। हांगझोउ में भारतीय पुरुष और महिला टीमों ने गोल्ड मेडल जीता था। इसके बाद भी दोनों टीमों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन जारी रखा है। ऐसे में आइची-नागोया में भारतीय टीमों के सामने अपने खिताब का बचाव करने की चुनौती होगी।

3. हॉकी- पुरुष और महिला टीम
भारतीय पुरुष हॉकी टीम एशियन गेम्स में पांच बार गोल्ड मेडल जीत चुकी है और 2023 में भी चैंपियन बनी थी। इस बार टीम की नजर छठे गोल्ड पर होगी। पाकिस्तान, मलेशिया, जापान और चीन जैसी टीमें चुनौती पेश कर सकती हैं। महिला टीम की बात करें तो भारत ने एशियन गेम्स में अपना एकमात्र गोल्ड 1982 में जीता था। 2026 वर्ल्ड कप में पांचवें स्थान के साथ अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की बराबरी करने वाली टीम इस बार लंबे अंतराल के बाद गोल्ड जीतने की कोशिश करेगी।

4. ज्योति सुरेखा वेन्नम- आर्चरी
ज्योति सुरेखा वेन्नम हांगझोउ एशियन गेम्स में तीन गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच चुकी हैं। उन्होंने कंपाउंड व्यक्तिगत, महिला टीम और मिक्स्ड टीम स्पर्धा में गोल्ड हासिल किया था। 2025 एशियन आर्चरी चैंपियनशिप में भी उन्होंने व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण जीता। हालिया प्रदर्शन और एशियन गेम्स के अनुभव को देखते हुए ज्योति से एक से ज्यादा पदक की उम्मीद होगी।

5. धीरज बोम्मदेवरा- आर्चरी
धीरज बोम्मदेवरा 2026 में शानदार फॉर्म में हैं। भारतीय रिकर्व तीरंदाज ने आर्चरी वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा और वर्ल्ड कप में व्यक्तिगत गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाज बने। वह 2025 एशियन चैंपियनशिप में भी गोल्ड जीत चुके हैं। हांगझोउ में सिल्वर जीतने वाले धीरज इस बार पदक का रंग बदलने के इरादे से उतरेंगे।

6. ईशा सिंह- शूटिंग
ईशा सिंह शूटिंग में भारत की प्रमुख गोल्ड मेडल उम्मीदों में शामिल हैं। 2026 में उन्होंने म्यूनिख और हांगझोउ ISSF वर्ल्ड कप में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में गोल्ड जीता। म्यूनिख में उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड स्कोर भी बनाया। इसके अलावा एशियन चैंपियनशिप में 10 मीटर एयर पिस्टल का गोल्ड भी उनके नाम रहा। उनकी मौजूदा फॉर्म को देखते हुए एशियन गेम्स में उन पर खास नजर होगी।

7. मनु भाकर- शूटिंग
पेरिस ओलंपिक में दो मेडल जीतने वाली मनु भाकर भारतीय शूटिंग की सबसे चर्चित खिलाड़ियों में शामिल हैं। 2026 में उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल और 25 मीटर पिस्टल में व्यक्तिगत गोल्ड के लिए चुनौती पेश की है, लेकिन अभी इस साल इन स्पर्धाओं में व्यक्तिगत खिताब उनके नाम नहीं आया है। अब मनु की नजर एशियन गेम्स में अपने पहले व्यक्तिगत गोल्ड पर होगी। ईशा सिंह के शानदार प्रदर्शन के बीच मनु का बड़ा अंतरराष्ट्रीय अनुभव भी अहम होगा।

8. सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी- बैडमिंटन
सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी भारत की सबसे बड़ी बैडमिंटन उम्मीदों में शामिल है। दोनों ने हांगझोउ एशियन गेम्स में पुरुष डबल्स का गोल्ड मेडल जीता था। 2026 में चीन मास्टर्स का खिताब जीतकर उन्होंने अपनी मजबूत फॉर्म का संकेत दिया है। आइची-नागोया में दोनों अपने एशियन गेम्स खिताब का बचाव करने उतरेंगे।

9. तजिंदरपाल सिंह तूर- शॉट पुट
तजिंदरपाल सिंह तूर एशियन गेम्स में लगातार तीसरा गोल्ड मेडल जीतने की कोशिश करेंगे। ऐसा करने पर वह पुरुष शॉट पुट में लगातार तीन एशियन गेम्स गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय बन सकते हैं। चोट की वजह से कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका प्रदर्शन प्रभावित हुआ था, लेकिन 2026 में उनका सीजन बेस्ट 21.03 मीटर रहा है, जो एशिया में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बताया गया है। ऐसे में उनकी नजर फिर गोल्ड पर होगी।

10. सर्वेश कुशारे- हाई जंप
सर्वेश कुशारे 2026 में अपने करियर की शानदार फॉर्म में हैं। हांगझोउ एशियन गेम्स में 2.26 मीटर की छलांग के साथ चौथे स्थान पर रहने वाले सर्वेश ने इस साल 2.31 मीटर का प्रदर्शन किया है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में उन्होंने 2.25 मीटर की छलांग के साथ सिल्वर मेडल जीता। एशियन गेम्स में अब तक पदक से दूर रहे सर्वेश इस बार अपना पहला मेडल जीतने की कोशिश करेंगे, जिसमें उनकी नजर गोल्ड पर होगी।

Sat, 19 Sep 2026 20:01:03 +0530

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