Jaipur Mayor Election 2026: मेयर की कुर्सी के लिए रिजॉर्ट पॉलिटिक्स! जयपुर में पार्षदों की 'गुप्त शिफ्टिंग'
राजस्थान की राजधानी में मेयर पद को लेकर सियासी ड्रामा अपने चरम पर पहुंच गया है. दरअसल, नामांकन की आखिरी घड़ी में भाजपा खेमे के 84 पार्षदों को देर रात अचानक अजमेर रोड स्थित एक रिसॉर्ट से पुष्कर शिफ्ट कर दिया गया. इसी बीच जयपुर, कोटा और जोधपुर में आज मेयर पद के नामांकन का आखिरी दिन भी है जिससे सियासी सरगर्मी और बढ़ गई है.
पार्षदों को अचानक पुष्कर क्यों ले जाया गया?
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस की तरफ से मेयर पद पर अपना उम्मीदवार उतारने की रणनीति सामने आने के बाद भाजपा ने कोई जोखिम नहीं लेने का फैसला किया. पार्टी को आशंका थी कि नामांकन से ठीक पहले उसके पार्षदों को तोड़ा या प्रलोभन दिया जा सकता है, इसीलिए एहतियातन उन्हें रातोंरात जयपुर से बाहर पुष्कर भेज दिया गया.
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— District Collector & Magistrate, Jaipur (@DcDmJaipur) September 19, 2026
नगर निगम जयपुर के अध्यक्ष पद के निर्वाचन की लोक सूचना जारी
19 सितम्बर को प्रातः 10.30 बजे से सांय 3ः00 बजे के मध्य नामांकन-पत्र किए जा सकेंगे प्रस्तुतhttps://t.co/uIkoqLeUi6@DIPRRajasthan @CeoRajasthan @ECISVEEP @SecRajasthan
क्या भाजपा के पास बहुमत नहीं है, जो इतनी सतर्कता बरती जा रही है?
दिलचस्प बात यह है कि भाजपा के पास पूरा बहुमत है. जयपुर नगर निगम की 150 वार्ड सीटों में से भाजपा ने अकेले 78 सीटें जीती हैं. इसके बावजूद पार्टी अपने पार्षदों को एक जगह इकट्ठा रखकर एकजुटता बनाए रखने की कोशिश कर रही है, ताकि मेयर पद की दावेदारी को लेकर पार्टी के भीतर की खींचतान का फायदा विपक्ष न उठा सके.
मेयर पद के लिए भाजपा में ही रस्साकशी क्यों चल रही है?
खुद भाजपा के भीतर भी मेयर पद के लिए कई दावेदार मैदान में हैं. पार्टी ने पार्षदों के बीच गुप्त तरीके से रायशुमारी कराई जिसमें हर पार्षद से पर्ची पर अपनी तीन पसंद लिखने को कहा गया. यह प्रक्रिया प्रदेश नेतृत्व और जयपुर के विधायकों की सहमति से आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि आम सहमति से नाम तय हो सके.
कांग्रेस का पुलिस को लेकर क्या आरोप है?
कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि जिस भी जगह उसने अपने पार्षदों को ठहराया है, वहां पुलिस पहुंचकर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है. पार्टी का कहना है कि यह सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग है और इसका मकसद कांग्रेस पार्षदों में डर पैदा करना है, ताकि नामांकन प्रक्रिया से पहले उनकी रणनीति कमजोर पड़ जाए.
क्या राजस्थान में 'रिजॉर्ट पॉलिटिक्स' का यह कोई नया चलन है?
जानकारी के अनुसार हाल के महीनों में देश के कई राज्यों में मेयर और निकाय चुनावों से पहले पार्षदों को रिसॉर्ट या सुरक्षित ठिकानों पर ले जाने की परंपरा तेजी से बढ़ी है. पार्टियों को डर रहता है कि आखिरी वक्त पर विरोधी दल पार्षदों को अपने पाले में खींच सकते हैं, इसीलिए यह 'बंदी बनाकर सुरक्षित रखने' वाली रणनीति अब आम होती जा रही है.
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— District Collector & Magistrate, Jaipur (@DcDmJaipur) September 18, 2026
नगर निगम जयपुर आम चुनाव 2026 : महापौर एवं उप महापौर निर्वाचन कार्यक्रम जारी
18 सितम्बर से शुरू होगी महापौर पद के निर्वाचन की प्रक्रियाhttps://t.co/CAYKSlVih1@DIPRRajasthan
आज के नामांकन का पूरा कार्यक्रम क्या है?
जयपुर नगर निगम में मेयर पद के लिए नामांकन प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू होकर आज यानी शनिवार को पूरी होनी है. इसी के साथ कोटा और जोधपुर में भी आज ही मेयर पद के नामांकन का अंतिम दिन है. दिलचस्प बात यह रही कि नामांकन के पहले दिन शुक्रवार को भाजपा की तरफ से किसी भी दावेदार के प्रतिनिधि ने नामांकन दाखिल नहीं किया, जिससे कयासों का बाजार और गर्म हो गया.
ये भी जानें
19 सितंबर: नामांकन की अंतिम तारीख
21 सितंबर: नामांकन पत्रों की जांच
22 सितंबर: नाम वापसी की अंतिम तारीख
25 सितंबर: मेयर पद के लिए मतदान और मतगणना
मेयर पद के लिए मतदान कब होगा?
जयपुर नगर निगम का मेयर चुनाव 25 सितंबर को होने वाला है. यानी नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भाजपा आखिरकार किसे अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित करती है.
क्या यह सिर्फ जयपुर तक सीमित मामला है?
राजस्थान में हाल ही में हुए नगर निकाय चुनावों के बाद प्रदेशभर के कई शहरों में मेयर पद को लेकर इसी तरह की खींचतान देखने को मिल रही है. जयपुर, कोटा और जोधपुर तीनों शहरों में एक साथ नामांकन की आखिरी तारीख होने की वजह से राज्य की सियासत में आज का दिन खासा अहम माना जा रहा है.
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‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ में सीएम धामी ने युवा प्रतिभाओं से किया संवाद, तकनीक और इनोवेशन पर हुई चर्चा
CM Dhami: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मुख्यमंत्री आवास में आयोजित ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ कार्यक्रम के तहत युवा प्रतिभाओं से संवाद किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने तकनीक, रोबोटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, कौशल विकास, स्वरोजगार और विकसित उत्तराखंड को लेकर अपने विचार एवं सुझाव मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। मुख्यमंत्री ने युवाओं की जिज्ञासाओं का उत्तर देते हुए उनके विचारों और फीडबैक को गंभीरता से सुना।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ कार्यक्रम में युवा प्रतिभाओं से संवाद कर तकनीक, रोबोटिक्स और साइबर सिक्योरिटी जैसे भविष्य के विषयों पर उनके इनोवेटिव विचारों को जानना उत्साहवर्धक रहा। युवाओं की नई सोच, बड़े सपने और आत्मविश्वास ही नए और विकसित उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत हैं।
उद्योगों और फैक्ट्रियों पर हुई बात
संवाद के दौरान एक छात्र ने मुख्यमंत्री से उत्तराखंड में स्थापित हो रहे उद्योगों और फैक्ट्रियों के मद्देनजर युवाओं के कौशल विकास के लिए सरकार द्वारा की जा रही तैयारियों के बारे में पूछा। इस पर मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षण देने की दिशा में कार्य कर रही है। इसके लिए उद्योगों और फैक्ट्रियों के साथ सीधे MOU किए जा रहे हैं और उनसे यह जानकारी ली जा रही है कि उन्हें किन-किन ट्रेड एवं स्किल में प्रशिक्षित युवाओं की आवश्यकता है। उद्योगों की जरूरत के अनुरूप युवाओं को संबंधित ट्रेड में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि प्रशिक्षण के बाद उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें और उद्योगों को भी स्थानीय स्तर पर कुशल मानव संसाधन उपलब्ध हो सके।
स्वरोजगार पर हुए सवाल
एक अन्य छात्र ने स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के संबंध में सवाल किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में भी लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने राज्य में संचालित विभिन्न स्वरोजगार एवं उद्यमिता से जुड़ी योजनाओं और पहलों की जानकारी साझा करते हुए कहा कि स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक उत्पादों को आधुनिक तकनीक, ब्रांडिंग और बेहतर बाजार से जोड़कर युवाओं के लिए नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
‘सगंध मिशन’ का हुआ जिक्र
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राज्य सरकार द्वारा संचालित ‘सगंध मिशन’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड की जैव विविधता और यहां पाई जाने वाली विभिन्न वनस्पतियों की विशिष्ट खुशबू को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इन वनस्पतियों से तैयार सुगंधित उत्पादों एवं परफ्यूम को ‘हाउस ऑफ हिमालय’ के माध्यम से देश और वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इससे स्थानीय संसाधनों का मूल्यवर्धन होने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका और उद्यमिता के नए अवसर विकसित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने पिरुल को भी रोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की सरकार की पहल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में पिरुल को 10 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा जा रहा है तथा इसका उपयोग विभिन्न उपयोगी उत्पाद तैयार करने में किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य जंगलों में उपलब्ध पिरुल के बेहतर उपयोग के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए आय के नए साधन विकसित करना भी है।
छात्र-छात्राओं से संवाद में विचारों को जाना
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छात्र-छात्राओं से संवाद के दौरान उनके शिक्षा, तकनीक, नवाचार, रोजगार, स्वरोजगार और भविष्य के उत्तराखंड से जुड़े विचारों को जाना। उन्होंने युवाओं को अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप नए क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि उत्तराखंड के विकास की यात्रा में युवाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं की प्रतिभा, नवाचार और नए विचारों को अवसर और मंच उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
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