Winter Special: अब Hot Chocolate नहीं करेगा बीमार, बस फॉलो करें ये Ayurvedic Health Tips
सर्दियों के दौरान जब ठंड ज्यादा लगती हैं, तो ऐसे में लोग हॉट चॉकलेट ड्रिंक का सेवन जरुर करते हैं। विंटर में गर्म दूध, हॉट चॉकलेट और कॉफी सहित कई हॉट ड्रिंक्स को लोग अपनी डाइट में जरुर शामिल करते हैं। इससे न केवल शरीर को अंदर से गर्माहट मिलती है, बल्कि ठंडे मौसम में इनका स्वाद भी खूब पसंद आता है। सबसे ज्यादा लोग सर्दियों में हॉट चॉकलेट का सेवन करते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि हॉट चॉकलेट को बनाते समय अगर आप कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरुरी है, ये आपकी सेहत के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। यदि आप इसे गलत तरीके से बनाएंगी, तो इससे अपच, थकान और डायबिटीज का बढ़ना जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं। आइए आपको बताते हैं हॉट चॉकलेट बनाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
आयुर्वेद से जानें हॉट चॉकलेट को बनाने का सही तरीका
- एक्सपर्ट ने बताया है कि यदि आप सर्दियों में हॉट चॉकलेट पीना चाहते हैं, तो ये इस मौसम के लिए सबसे बेस्ट है। इसको आप अपनी डाइट का हिस्सा बना सकती हैं, लेकिन आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि ये आपकी सेहत को नुकसान न पहुंचाए।
- इस बात को जान लीजिए कि हॉट चॉकलेट एक मिल्क बेस्ड ड्रिंक है और इसे पचाना काफी मुश्किल होता है। इसलिए इसे मील्स के साथ या भारी खाने के तुरंत बाद न लें।
- अक्सर इसे पीने के बाद पेट भारी रहता है या बहुत फूला हुआ लगता है। इसे कम करने के लिए आप हॉट चॉकलेट बनाते समय इसमें अदरक और दालचीनी (Cinnamon) मिलाएं।
- अदरक और दालचीनी का तासीर गर्म होती है और यह सर्दियों के मौसम में काफी फायदेमंद है। इसके सेवन से शरीर को गर्माहट मिलेगी, सर्दी-खांसी नहीं होती है और इंफेक्शन से बचाव होता है।
- हॉट चॉकलेट के लिए आप हल्का दूध चुनें। फुल क्रीम मिल्क इसके लिए ठीक नहीं है। आप A2 मिल्क या ओट मिल्क का इस्तेमाल कर सकती हैं। इसके ऊपर किसी भी तरह की हैवी क्रीम न डालें।
- अगर आप हैवी मिल्क के साथ इसे बनाकर पीने से गैस, अपच और बदहजमी हो सकती है। इसमें शक्कर भी न डालें वरना डायबिटीज का खतरा हो सकता है।
Tobacco-Quit line: कैसे एक फोन कॉल से छूट रही सिगरेट-तंबाकू की लत? पटेल चेस्ट डायरेक्टर से जानें
आमतौर पर लोगों को लगता है कि तंबाकू या सिगरेट की लत एक बार पड़ जाए तो उसे छोड़ना काफी मुश्किल है, लेकिन दिल्ली के वल्लभभाई पटेल चेस्ट अस्पताल,नई दिल्ली की ओर से चलाई जा रही नेशनल टोबेको क्विटलाइन के आंकड़ों ने इस बात को पलट दिया है. यह क्विटलाइन बताती है कि भारी-भरकम कोशिशें नहीं बल्कि सिर्फ एक कॉल भी आपकी जिंदगी बदल सकती है, लेकिन यह कॉल तो आपकी ही तरफ से होनी है. दिल्ली के टॉप अस्पतालों में शुूमार पटेल चेस्ट अस्पताल के डायरेक्टर प्रोफेसर राजकुमार बताते हैं कि 2016 से चल रही टोबेको क्विटलाइन के द्वारा रिसीव की गई कॉल्स में से करीब 35 फीसदी का परिणाम काफी सुखद रहा है, यानि ये लोग तंबाकू और तंबाकू से बने उत्पादों, सिगरेट-बीड़ी से तौबा कर चुके हैं. यह आंकड़ा कई सालों तक चली काउंसलिंग और फॉलोअप्स के बाद का है.. यह क्विटलाइन नंबर आपकी आंखों के सामने है, आइए जानते हैं प्रोफेसर राजकुमार से इसके बारे में विस्तार से.. देखें वीडियो...
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