कौन हैं Achraf Hakimi? जिन्हें डेट कर रही हैं नोरा फतेही? एक्ट्रेस ने शेयर की फोटो
Nora Fatehi-Achraf Hakimi Relation: नोरा फतेही इन दिनों रूमर्ड बॉयफ्रेंड को लेकर सुर्खियों में बनी हुई हैं. इस बीच नोरा को एक फुटबॉल स्टेडियम में देखा गया. जहां वो मोरक्को टीम को सपोर्ट करती नजर आईं. जैसे ही एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर मैच से जुड़ी तस्वीरें शेयर कीं तो लोगो ने फोटो को खूब लाइक किया और कई यूजर्स ने अंदाजा लगाना शुरू कर दिया कि कहीं नोरा की लाइफ में किसी की एंट्री तो नहीं हुई है और अगर हुई है तो वो कौन हैं?
कौन हैं अशरफ हकीमी?
रिपोर्ट्स के मुताबिक नोरा जिन्हें डेट कर रही हैं वो स्टार फुटबॉलर अशरफ हकीमी (Achraf Hakimi) है. अशरफ हकीमी जाने-माने फुटबॉल खिलाड़ियों में से एक हैं और फिलहाल फ्रांस के मशहूर क्लब पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) के लिए खेलते हैं. अशरफ हकीमी मोरक्को की नेशनल टीम के कप्तान भी हैं और अपनी तेज रफ्तार और शानदार खेल के लिए जाने जाते हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक नोरा और हकीमी दोनों का ताल्लुक मोरक्कन बैकग्राउंड से है. यही वजह से फैंस इस कनेक्शन को और गहराई से देख रहे हैं.
फैंस ने दिए ऐसे रिएक्शन
हालांकि, अभी तक नोरा फतेही (Nora Fatehi) या अशरफ हकीमी (Achraf Hakimi) ने अपने रिश्ते को लेकर कोई भी ऑफिशियल बयान नहीं दिया है. दोनों की तरफ से चुप्पी बनी हुई है, लेकिन सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं. फैंस तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं और हर छोटी एक्टिविटी पर नजर बनाए हुए हैं. अब ये सिर्फ एक इत्तेफाक है या सच में कुछ बात है. इसका जवाब आने वाला समय में पता चलेगा.
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महिलाओं में बार-बार यूटीआई की समस्या? आयुर्वेद के उपाय देंगे तुरंत राहत
नई दिल्ली, 13 जनवरी (आईएएनएस)। महिलाओं में बार-बार होने वाला यूटीआई (मूत्र पथ संक्रमण) कोई आम समस्या नहीं है। चिकित्सा जगत में इसे एक साइलेंट एपिडेमिक भी कहा जाता है। आंकड़ों के मुताबिक, हर दो में से एक महिला अपने जीवनकाल में कम से कम एक बार इस संक्रमण का शिकार होती है और लगभग 25 प्रतिशत महिलाओं को बार-बार संक्रमण भी होता है।
इसकी वजह सिर्फ बैक्टीरिया नहीं हैं, बल्कि महिलाओं के शरीर की बनावट और जीवनशैली भी बड़ी भूमिका निभाती है। महिलाओं में मूत्रमार्ग पुरुषों की तुलना में छोटा होता है, इसलिए बैक्टीरिया को पेशाब की थैली (ब्लैडर) तक पहुंचने में ज्यादा दूरी तय नहीं करनी पड़ती।
इसके अलावा, मूत्रमार्ग का गुदा के पास होना भी संक्रमण को आसान बना देता है। मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजन हार्मोन कम होने से योनि के सुरक्षात्मक बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है। साथ ही, पानी कम पीना, पेशाब देर तक रोकना, सार्वजनिक शौचालयों का इस्तेमाल और माहवारी के दौरान स्वच्छता का ध्यान न रखना भी इस समस्या को आम बनाते हैं।
आयुर्वेद में यूटीआई को केवल बैक्टीरिया का हमला नहीं माना जाता, बल्कि इसे मूत्रकृच्छ्र या मूत्राघात कहा गया है और इसे शरीर के पित्त दोष के असंतुलन से जोड़ा गया है। अत्यधिक गर्म, तीखे, नमकीन या खट्टे भोजन और अपच या अजीर्ण की स्थिति पित्त को बढ़ा देती है, जिससे मूत्राशय में जलन, बार-बार पेशाब, पेट या कमर में दर्द जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं।
आयुर्वेद में इसका स्थायी और सुरक्षित समाधान बताया गया है। चंद्रप्रभा वटी मूत्राशय की मांसपेशियों को मजबूत करती है और जलन को कम करती है। गोक्षुरादि गुग्गुल पेशाब की मात्रा बढ़ाकर बैक्टीरिया को बाहर निकालता है। नीरी तुरंत राहत देती है और संक्रमण को किडनी तक पहुंचने से रोकती है।
इसके अलावा, चन्दनासय शरीर की गर्मी शांत करता है और पेशाब में जलन को जड़ से खत्म करता है। जड़ी-बूटियां जैसे पुनर्नवा, वरुण और गिलोय भी शरीर की सुरक्षा बढ़ाती हैं।
साथ ही, आयुर्वेद में तुरंत राहत के लिए सुबह धनिया और मिश्री का पानी पीने की सलाह दी जाती है। पर्याप्त पानी पीना, स्वच्छता का ध्यान रखना और तीखे या भारी भोजन से परहेज करना भी यूटीआई से बचाव में मदद करता है।
--आईएएनएस
पीआईएम/एबीएम
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