तमिलनाडु की सियासत में भूचाल! उपचुनाव से पहले PMK का बड़ा दांव, क्या रुकेगा 'विजय रथ'?
तमिलनाडु में दो अहम विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले सियासी पारा अचानक चढ़ गया है. दरअसल, पट्टाली मक्कल काची यानी PMK ने साफ कर दिया है कि पार्टी मदुरांतकम और धारापुरम सीटों पर किसी भी राजनीतिक दल का समर्थन नहीं करेगी. बता दें यह ऐलान ऐसे समय आया है जब राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी TVK अपने गठबंधन को मजबूत करने में जुटी है.
PMK ने आखिर क्या घोषणा की है?
PMK अध्यक्ष डॉ. अंबुमणि रामदास ने शुक्रवार को स्पष्ट कर दिया कि पार्टी इन दोनों आरक्षित विधानसभा सीटों पर न तो अपना उम्मीदवार उतारेगी और न ही किसी अन्य दल को समर्थन देगी यानी PMK ने पूरी तरह तटस्थ रुख अपनाने का फैसला किया है.
तमिलनाडु में उपचुनाव कब और किन सीटों पर हो रहे हैं?
तमिलनाडु में मदुरांतकम और धारापुरम दोनों ही आरक्षित विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होना है. ये दोनों सीटें फिलहाल खाली हैं और इनके नतीजे राज्य की मौजूदा राजनीतिक तस्वीर पर सीधा असर डाल सकते हैं.
PMK के इस फैसले का असर किस पर पड़ेगा?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि PMK का यह कदम दोनों सीटों के चुनावी समीकरण को उलझा सकता है. राजनीतिक जानकारों की मानें तो PMK का वन्नियार समुदाय में खासा प्रभाव माना जाता है. ऐसे में पार्टी का किसी को समर्थन न देना हर उम्मीदवार के लिए अपने दम पर वोट जुटाने की चुनौती बन सकता है.
PMK फिलहाल किस गठबंधन का हिस्सा है?
PMK भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा है. बावजूद इसके पार्टी ने इन उपचुनावों से खुद को पूरी तरह अलग रखने का फैसला किया है जो अपने आप में चौंकाने वाला कदम माना जा रहा है. अंदरखाते की मानें तो टीवीके चाहती थी कि पीएमके को भाजपा से दूरी बनाने के बाद वह उसे अपने गठबंधन में शामिल कर ले. लेकिन फिलहाल उपचुनाव से पहले पीएमके के खुद को किसी भी पार्टी से अलग रखने के ऐलान ने उसके इस सपने पर कुछ समय के लिए ब्रेक जरूर लगा दी है.
क्या PMK में अंदरूनी उठापटक हो रही है?
गौरतलब है कि PMK में पिछले साल से ही नेतृत्व को लेकर खींचतान चल रही है पार्टी के संस्थापक डॉ. एस रामदास और उनके बेटे डॉ. अंबुमणि रामदास के बीच पार्टी की कमान को लेकर विवाद सामने आया था. जिसके बाद संगठन दो खेमों में बंटा नजर आया हालांकि चुनाव आयोग ने अंबुमणि रामदास के नेतृत्व वाले गुट को मान्यता दी है.
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