Radha Ashtami 2026: गाय ही नहीं, इन जानवरों से भी था श्रीराधा रानी का गहरा प्रेम, जानें उनके पालतू पशु
Radha Ashtami 2026: आज है राधाष्टमी. इस दिन बरसाना की मालकिन उर्फ ठकुराइन श्रीराधा जी का प्राकट्य दिवस. धार्मिक कथाओं के अनुसार, श्रीजी का जन्म वृषभान के आंगन में हुआ था, जो बरसाना में था. वहीं, कुछ कथाओं और ग्रंथों में बताया जाता है कि एक दिन वृषभान जी यमुना तट पर स्नान करने गए थे, तो राधा जी उन्हें वहां कमल के पुष्प पर मिली थी. उनका आकर्षण और मनमोहक स्वरूप देख वृषभान जी ने उन्हें अपनी पुत्री स्वीकारा थी. राधा जी के आगमन से वृषभान का जीवन सफल हो गया था, उन्हें अपार तरक्की और वैभव प्राप्त हुआ था.
कहते हैं कि राधाष्टमी का पर्व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के 15 दिन बाद मनाई जाती है. हालांकि, दोनों का जन्म अष्टमी तिथि पर हुआ था. भगवान कृष्ण भाद्रपद की कृष्ण पक्ष की अष्टमी में पैदा हुए थे, तो वहीं राधा रानी शुक्ल पक्ष की अष्टमी पर. मगर हमारी श्रीजी आयु में श्रीकृष्ण से एक वर्ष बड़ी थी. आज श्रद्धा भाव के साथ उनका जन्मोत्सव मनाया जा रहा है.
प्रेम की करुणा-सागर श्री राधा रानी
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, राधा रानी को प्रेम और करुणा का आधार माना जाता है. कहते हैं उनसे अधिक प्रेम को न कोई समझ सका है और न ही कोई समझ पाया है. श्रीजी ने ही संसार को प्रेम की व्याख्या की है. भगवान कृष्ण और राधा-रानी का प्रेम आज भी श्रद्धा के साथ स्मरण किया जाता है. पर क्या राधा रानी का प्रेम सिर्फ श्रीकृष्ण के लिए ही था? बिल्कुल नहीं, राधा रानी का प्रेम पशु-पक्षियों के लिए भी था. कहते हैं कि ब्रज क्षेत्र में जितने पक्षी चहचहाते थे और जानवर घूमा करते थे, उन सभी में राधा रानी का प्रेम झलकता है.
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राधा रानी के पास कुछ पालतु पशु भी थी, जिनके साथ उनका लगाव बिल्कुल परिवार जनों के जैसा ही था. उनके पास सिर्फ गाय नहीं आती थी बल्कि तोते, हिरण, हंस जैसे जानवर भी आते थे. चलिए जानते हैं राधा रानी के प्रिय पशुओं के बारे में.
राधा रानी के पालतु जानवर
1.गाय- श्रीजी के पास अनेकों गायें थी. उनमें से एक यमुना नामक गौ हैं, जो बिल्कुल यमुना नदी के समान है. इस गाय का रंग श्वेत है. वहीं, उनकी दूसरी गाय बहुला थी, जिसका रंग काला था. ये गायें मधुर ध्वनियां निकालती हैं. इसके अलावा, उनके पास सुरभि, सुनदा नामक गायें भी थी.
2.बछड़ा- बछड़ा यानी कि गाय का बच्चा. राधा रानी की प्रिय पशुओं में तुंगी बछिया भी था. ये काफी लंबा और गोल-मटोल बछड़ा माना जाता है, जो राधा रानी को काफी प्रिय था.
3.बूढ़ी मादा बंदरिया- राधा जी के प्रिय पशुओं में एक बूढ़ी मादा बंदरिया भी थी, जो दृढ़ निश्चयी वाली मानी जाती थी. उस बंदरिया का नाम कक्खाती बताया जाता है.
4.हिरणी- राधा रानी के पास एक हिरणी भी थी. ये हिरणी अत्यंत सुंदर थी. कहा जाता है कि इसका रंग सिर्फ भूरा नहीं था. ये रंग-बिरंगी थी इसलिए इसका नाम भी रंगिनी था.
5.चकोरी पक्षी- देवी राधा के पालतु पशुओं में पक्षी भी शामिल है. कारु-कन्द्रिका नाम सुख देने वाली चकोरी पक्षी भी उनके पास थी. ये चांदनी रात जैसी चमकती थी.
6.हंसनी- राधा रानी को अतिप्रिय औक राधाकुंड में निवास करने वाली हंसनी. ये सुंदर चोच वाली हंसनी थी. इसका नाम टुंडिकेरी बताया जाता है.
7.मोरनी- उनके पास एक मोरनी भी थी, जिसका नाम टुंडिका बताया जाता है. ये भी बेहद सुंदर थी
8.बोलने वाले तोता और तोती- श्रीराधा रानी के पास दो तोते थें, जो बोल सकते थे. एक सूक्ष्म-धी और सुभा. कहते हैं कि सूक्ष्म-धी तीव्र बुद्धि का था और सुभा बेहद शुभ थी.
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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
अमेरिका में H-1B वीजा को लेकर बड़ा बदलाव, छंटनी करने वाली कंपनियों पर होगी नजर
व्हाइट हाउस की फैक्ट शीट और एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ एच-1बी वीजा आवेदनों के लिए 100,000 डॉलर की फीस को फिर से लागू कर दिया है और अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी करने वाले नियोक्ताओं की कड़ी जांच के आदेश दिए हैं.
इन उपायों में फीस रिन्यूअल के साथ-साथ स्पॉन्सर करने वाले एम्प्लॉयर के रोजगार से जुड़े तौर-तरीकों की नई जांच भी शामिल है. स्किल्ड-वर्कर वीजा प्रोग्राम के तहत आवेदनों की समीक्षा करते समय एजेंसियों को हाल ही में हुई और भविष्य में होने वाली छंटनी पर विचार करना होगा. एग्जीक्यूटिव ऑर्डर में स्टेट, लेबर और होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी को यह देखने का निर्देश दिया गया है कि क्या एम्प्लॉयर ने पिछले साल सीधे या परोक्ष रूप से छंटनी की थी, या क्या वे भविष्य में ऐसी कटौती की योजना बना रहे हैं जिससे उसी तरह की स्थिति वाले अमेरिकी वर्कर प्रभावित होंगे. यह जरूरत लेबर कंडीशन एप्लीकेशन, याचिकाओं, वीजा और अमेरिका में प्रवेश पर लागू होती है. ऑर्डर में केवल इसलिए आवेदन को अपने-आप अस्वीकार करने की बात नहीं कही गई है कि एम्प्लॉयर ने छंटनी की घोषणा की है.
ट्रंप ने ऑर्डर में कहा, "मैंने तय किया है कि अमेरिकी वर्कफोर्स की सुरक्षा और उन्हें प्राथमिकता देने के लिए लगातार प्रयास किए जाने चाहिए." व्हाइट हाउस ने कहा कि एक अलग घोषणापत्र के जरिए 19 सितंबर, 2025 को पहली बार लागू की गई 100,000 डॉलर की फीस की जरूरत को रिन्यू किया गया. इसकी फैक्ट शीट में बताया गया कि यह शुल्क कुछ एच-1बी आवेदनों पर लागू होता है. इसमें रिन्यूअल की अवधि या छूट के बारे में विस्तार से नहीं बताया गया. ऑर्डर में लेबर सेक्रेटरी के लिए 30 दिन की समय-सीमा भी तय की गई है, जिससे वे वेज एंड आवर डिवीजन के जरिए पहले जमा किए गए लेबर कंडीशन एप्लीकेशन के डेटा की समीक्षा शुरू कर सकें. समीक्षा से यह तय होगा कि क्या स्पॉन्सर करने वाले एम्प्लॉयर के खिलाफ आगे कोई कार्रवाई जरूरी है.
एच-1बी मामलों की प्रोसेसिंग करते समय स्टेट, लेबर और होमलैंड सिक्योरिटी विभागों को कॉमर्स और एजुकेशन विभागों तथा स्मॉल बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन से सलाह लेनी होगी. ये एजेंसियां कानूनी जरूरतों के पालन का आकलन करने में मदद के लिए वेतन, रोजगार, शैक्षणिक, औद्योगिक और अन्य आर्थिक जानकारी उपलब्ध कराएंगी. प्रशासन ने इन उपायों को अमेरिकी वर्करों की कथित विस्थापन और कुछ एम्प्लॉयर तथा आउटसोर्सिंग फर्मों द्वारा प्रोग्राम के दुरुपयोग के जवाब के तौर पर पेश किया. ऑर्डर में आरोप लगाया गया कि टेक्नोलॉजी एम्प्लॉयर ने सामूहिक रूप से लाखों वर्करों के लिए एच-1बी वीजा की मांग की, जबकि 2022 से 2026 के बीच 800,000 से 1.3 मिलियन अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी की.
इसमें यह भी आरोप लगाया गया कि कुछ एम्प्लॉयर ने नौकरी की जिम्मेदारियों, काम की स्थितियों या आवेदकों की योग्यताओं के बारे में गलत जानकारी दी. न तो ऑर्डर और न ही फैक्ट शीट में इन आरोपों पर एम्प्लॉयर या आउटसोर्सिंग फर्मों की प्रतिक्रिया शामिल थी. व्हाइट हाउस ने कहा कि 2025 के घोषणापत्र के लागू होने के बाद से सबसे बड़ी इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी आउटसोर्सिंग फर्मों द्वारा जमा किए गए रजिस्ट्रेशन में 92 प्रतिशत की गिरावट आई है. इसमें कॉन्सुलर प्रोसेसिंग के अनुरोधों में लगभग 97 प्रतिशत की गिरावट की भी जानकारी दी गई.
ये नए उपाय व्हाइट हाउस की फैक्ट शीट में बताए गए बदलावों के तहत किए गए हैं. इनमें दिसंबर 2025 का डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी का वह नियम भी शामिल है, जिसके तहत रैंडम सिलेक्शन (यादृच्छिक चयन) की जगह वेतन-स्तर के आधार पर वेटेज देने वाली प्रणाली लागू की गई. फैक्ट शीट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2027 में इसका पहली बार इस्तेमाल किया गया और रजिस्ट्रेशन में लगभग 40 प्रतिशत की कमी आई.
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