AI की रफ्तार से 2030 तक खत्म हो जाएगी दुनिया? MNC कंपनी के CEO जेन्सेन हुआंग ने किया बड़ा दावा
AI Fast Development: इन दिनों की दुनिया में AI की बढ़ती रफ्तार पर चिंता जताते हुए लोग दो भागों में बटे हैं. एक पक्ष इसकी रफ्तार स्लो करना चाहता है तो कुछ एक्सपर्ट इसकी रफ्तार को विकास के लिए जरूरी बता रहे हैं. अमेरिका में खासकर इसको लेकर बड़ी बड़ी कंपनियों की बयानबाजी तेज हो गई है. इसी बीच एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग का पक्ष भी सामने आया है. उन्होंने एआई से दुनिया को खतरा पर सीधी बात की है. उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वजह से इंसानों के खत्म होने का खतरा नहीं है. उन्होंने AI से जुड़ी ऐसी आशंकाओं को बेबुनियाद बताया और इसके तेजी से विकास का समर्थन किया.
सीबीएस न्यूज के कार्यक्रम 'संडे मॉर्निंग' में बातचीत के दौरान हुआंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान का भी समर्थन किया, जिसमें ट्रंप ने AI के खतरों को लेकर जताई जा रही चिंताओं को 'धोखा' बताया था. AI को लेकर यह बहस तब और चर्चा में आ गई, जब ट्रंप ने इस सप्ताह की शुरुआत में 'ऑल-इन समिट' में अचानक जेन्सेन हुआंग को फोन किया था.
दुनिया खत्म होने का कितना चांस?
जेन्सेन हुआंग ने कहा कि वह इस बात से बिल्कुल सहमत नहीं हैं कि AI दुनिया को खत्म कर सकता है या 2030 में दुनिया का अंत हो जाएगा. उन्होंने कहा कि अमेरिका में AI को लेकर डर फैलाने वाले लोगों के दावे उन्हें बेतुके लगते हैं. हुआंग ने कहा कि ऐसा करने के पीछे राजनीतिक कारण, किसी दूसरे तरह का मकसद या सिर्फ लोगों का ध्यान खींचना जैसी वजहें हो सकती हैं. हालांकि, उन्होंने कहा कि उन्हें इसके पीछे की असली वजह नहीं पता. हुआंग ने साफ कहा कि 2030 में दुनिया खत्म नहीं होगी और इसकी संभावना शून्य प्रतिशत है.
तेजी से आगे बढ़ने का किया समर्थन
हुआंग का कहना है कि AI उद्योग को सुरक्षा का ध्यान रखते हुए तेजी से आगे बढ़ना चाहिए. उन्होंने सीबीएस न्यूज से कहा कि AI के विकास में किसी की चिंता किए बिना तेजी से आगे बढ़ना जरूरी है. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि जल्दबाजी में अधूरे या असुरक्षित AI उत्पाद बाजार में नहीं लाए जाने चाहिए. हुआंग ने कहा कि उनसे कोई भी असुरक्षित उत्पाद जारी करने की उम्मीद नहीं कर रहा है. इसके बजाय, लोग चाहते हैं कि AI उद्योग सफल हो और अमेरिका की अर्थव्यवस्था और समृद्धि को बढ़ाने में मदद करे.
कौन हैं हाईकोर्ट के जज जो रिटायर होने पर दान करेंगे 1.1 करोड़?
जस्टिस अवनिंद्र सिंह 31 मई 1990 को सिविल जज क्लास-2 के तौर पर ज्यूडिशियल सर्विस में शामिल हुए थे। बाद में 2018 में उन्हें छतरपुर में प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज और 2022 में धार में प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज के तौर पर तैनात किया गया।
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