भास्कर अपडेट्स:सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने 397 इमारतें ढहाईं, 80 में तोड़फोड़ के आदेश जारी किए
सत्य निकेतन में PG इमारत गिरने के बाद MCD ने दिल्ली में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। 6 से 18 सितंबर के बीच 397 प्रॉपर्टीज ढहाईं गई, जबकि 152 को सील किया गया। इस दौरान 310 शो-कॉज नोटिस भी जारी किए गए। MCD के मुताबिक, 13 दिनों में अवैध निर्माण को लेकर 310 और सीलिंग कार्रवाई से जुड़े 178 शो-कॉज नोटिस जारी हुए। इस दौरान 80 तोड़फोड़ आदेश भी जारी किए गए। 9 और 16 सितंबर को सबसे ज्यादा 46-46 प्रॉपर्टीज पर तोड़फोड़ की कार्रवाई हुई। 6 सितंबर को दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत गिर गई थी। इस इमारत में PG था। हादसे में कम से कम सात लोगों की मौत हुई थी। आज की अन्य खबरें… केरलम के सीएम ने फलस्तीन के राजदूत से मुलाकात की, फलस्तीन ने BRICS के लिए भारत को बधाई दी केरलम के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने शुक्रवार को नई दिल्ली में भारत में फिलिस्तीन के राजदूत अब्दुल्ला एम. अबू शावेश से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद सतीशन ने सोशल मीडिया (X) पर जानकारी दी कि सांसद हारिस बीरन भी उनके साथ मौजूद थे। राजदूत अबू शावेश ने बताया कि यह केरलम और फिलिस्तीन के बीच संबंध मजबूत करने और आपसी कार्यक्रमों की संभावनाएं तलाशने के लिए हुई बैठक थी। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपनी इस पहली मुलाकात को सम्मान की बात बताया। राजदूत ने भारत और फिलिस्तीन के पुराने ऐतिहासिक रिश्तों पर बात करते हुए कहा कि दोनों देशों के साझे इतिहास को सुरक्षित रखना बहुत जरूरी है। राजदूत ने नई दिल्ली में ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए भारत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बैठक में फिलिस्तीन का मुद्दा भी शामिल था। दिल्ली अपहरण और रेप मामले में पुलिस ने कैब ड्राइवर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को साकेत कोर्ट में करीब 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। यह चार्जशीट दक्षिण दिल्ली में 10 साल की बच्ची के अपहरण, रेप और हत्या के मामले में 29 साल के कैब ड्राइवर बाशू कुमार सिंह के खिलाफ की गई है। पुलिस के मुताबिक, जांच में घटना से पहले और बाद में आरोपी की हर गतिविधि का ब्योरा दिया गया है। पूरी घटना की कड़ी जोड़ने के लिए पुलिस ने भौतिक सबूतों, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी बाशू गुरुग्राम 22 जून को से एक सवारी लेकर दिल्ली के संगम विहार आया था। सवारी छोड़ने के बाद वह करीब ढाई घंटे तक उसी इलाके में रुका रहा, उसने कैब की दो बुकिंग रद्द कीं और फिर उसी जगह लौटा जहां बच्ची अपने परिवार के साथ फुटपाथ पर सो रही थी। पुलिस का आरोप है कि आरोपी ने वहां से बच्ची को अगवा किया और जंगल वाले इलाके में ले गया, जहां बाद में बच्ची का शव बरामद हुआ। जांच अधिकारियों के अनुसार, जिस जगह शव को छिपाया गया था, वहीं पास से आरोपी का ड्राइविंग लाइसेंस मिला। शव को छिपाने के लिए आरोपी ने उसके ऊपर तीन बड़े पत्थर रख दिए थे।
6 साल में साइबर क्राइम की 54 लाख शिकायतें:सिर्फ 2.4% मामलों में FIR; 6 साल में 78 गुना बढ़ी शिकायतें
देश में साइबर क्राइम के मामलों में एफआईआर दर्ज होने की दर बेहद कम है। 2019 से 2024 के बीच छह साल में नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर 53.93 लाख शिकायतें आईं। लेकिन, एफआईआर सिर्फ 1.30 लाख यानी 2.4% मामलों में ही दर्ज हुईं। राज्यसभा की गृह मामलों से संबंधित स्थायी समिति की रिपोर्ट में ये जानकारी सामने आई। 31 सदस्यीय समिति के अध्यक्ष डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल हैं। चिंता जताते हुए समिति ने अपराध के आंकड़ों और कानून-व्यवस्था के दावों पर सवाल उठाए। रिपोर्ट में कहा गया है कि साइबर हेल्पलाइन 1930 और cybercrime.gov.in पर शिकायत के बाद भी फॉलो-अप में देरी होती है। साइबर क्राइम पर संसदीय समिति की प्रमुख बातें… अपराध छिप जाते हैं: क्राइम रेट कम दिखाने के लिए पुलिस FIR के बजाय सिर्फ गैर-संज्ञेय रिपोर्ट देती है, जिससे गंभीर अपराध छिप जाते हैं और लोग न्याय से वंचित होते हैं। पूराना डेटा: राज्यों द्वारा NCRB को डेटा भेजने में 1.5 से 2 साल की देरी होती है, जिससे सुरक्षा नीतियां और बजट पुराने आंकड़ों पर बनते हैं। जनता पर मार: अपराधों की संख्या दबने से असुरक्षित इलाकों में नए थाने, CCTV और जरूरी पुलिस बल नहीं मिल पाते। प्रिंसिपल ऑफेंस रूल समिति ने बताया कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) 'प्रिंसिपल ऑफेंस रूल' पर काम करता है। यानी अगर किसी महिला का अपहरण करके उसके साथ लूटपाट की और फिर वीडियो ऑनलाइन लीक कर दिया गया। एनसीआरबी इसे सिर्फ अपहरण में दर्ज करेगा। साइबर अपराध, महिला उत्पीड़न और लूट का सेकेंडरी डेटा छोड़ दिया जाएगा। इस तरह लाखों सेकेंडरी अपराध डेटा से पूरी तरह गायब हो जाते हैं। --------------------------------- दिल्ली में साइबर ठगी का खुलासा, 9 आरोपी पकड़े:कतर-दुबई तक फैला था नेटवर्क, 16 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी सामने आई दिल्ली पुलिस ने देशभर में साइबर फ्रॉड से जुड़े 9 लोगों को गिरफ्तार किया। इन पर निवेश के नाम पर लोगों का ठगने का आरोप है। पूरी खबर पढ़ें…
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