एशियन गेम्स के बारे में सबकुछ:45 देश, 43 खेल और 469 मेडल; भारत के 314 खिलाड़ी पहली बार उतरेंगे, वैभव सबसे कम उम्र के
एशियन गेम्स का 20वां एडिशन आज से जापान के आइची-नागोया में शुरू हो रहा है। इसमें 45 देशों के खिलाड़ी 43 खेलों के 469 मेडल इवेंट में हिस्सा लेंगे। ओपनिंग सेरेमनी शनिवार को 2:30 बजे से होगी। भारत इस बार किन खेलों में उतर रहा है, नए खेल कौन-से हैं, ओलिंपिक का टिकट कैसे मिलेगा और तैयारी पर कितना खर्च हुआ। 10 सवालों में एशियन गेम्स के बारे में.. 1. एशियन गेम्स की शुरुआत भारत से हुई एशियन गेम्स पहली बार 1951 में नई दिल्ली में हुए थे। तब 11 देशों ने 6 खेलों में हिस्सा लिया था। भारत ने अब तक दो बार, 1951 और 1982 मे, इन खेलों की मेजबानी की है। एशियन गेम्स की नींव सिर्फ खेल प्रतियोगिता के तौर पर नहीं पड़ी थी। 1947 में नई दिल्ली में हुए एशियाई संबंध सम्मेलन में एशियाई देशों के बीच एकता और सहयोग की बात सामने आई थी। चार साल बाद इसी विचार ने खेल आयोजन का रूप लिया। 2. इस बार भारत का दल कैसा है? भारत के 501 खिलाड़ी 36 खेलों में उतरेंगे। इनमें 267 पुरुष और 234 महिलाएं हैं। 314 खिलाड़ी पहली बार एशियन गेम्स में हिस्सा ले रहे हैं। यानी दल का करीब 63% हिस्सा डेब्यूटेंट है। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी भारतीय दल के सबसे युवा और 55 साल की श्रुति वोरा सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं। वैभव क्रिकेट और श्रुति घुड़सवारी में हिस्सा लेंगी। खिलाड़ियों की संख्या के लिहाज से एथलेटिक्स में 79, हॉकी में 40, क्रिकेट और शूटिंग में 30-30, कबड्डी में 24 और रोइंग में 22 भारतीय खिलाड़ी हैं। 3. भारत कितने इवेंट में चुनौती पेश करेगा? भारत 43 में से 36 खेलों के कुल 256 इवेंट में हिस्सा लेगा। इनमें एथलेटिक्स के 43, शूटिंग के 27, कयाकिंग-कैनोइंग के 14, साइकिलिंग ट्रैक के 11 और बैडमिंटन के 7 इवेंट शामिल हैं। क्रिकेट में पुरुष और महिला दोनों टीमें टी-20 प्रारूप में खेलेंगी। 4. इस बार कौन-से नए खेल शामिल हुए हैं? 6 खेल पहली बार मेडल स्पोर्ट के तौर पर एशियन गेम्स कार्यक्रम का हिस्सा बने हैं- मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में बॉक्सिंग, रेसलिंग, ब्राजीलियन जिउ-जित्सु और किकबॉक्सिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल होता है। टेकबॉल में फुटबॉल और टेबल टेनिस का मेल है, जबकि पैडेल टेनिस जैसा रैकेट स्पोर्ट है। वर्चुअल ताइक्वांडो में मोशन-ट्रैकिंग और वर्चुअल रियलिटी तकनीक इस्तेमाल होगी। बीएमएक्स फ्रीस्टाइल में खिलाड़ी हवा में जंप और अलग-अलग ट्रिक्स के आधार पर अंक हासिल करेंगे। इसके साथ ड्रैगन बोट, रोलर स्पोर्ट्स और माइंड स्पोर्ट्स को इस बार कार्यक्रम से बाहर कर दिया गया है। 5. ओलिंपिक का टिकट भी मिलेगा आइची-नागोया एशियन गेम्स को लॉस एंजेलिस 2028 ओलिंपिक के लिए चार खेलों में क्वालिफिकेशन पाथवे बनाया गया है। आर्चरी, हॉकी, स्क्वॉश और टेनिस। स्क्वॉश में पुरुष और महिला सिंगल्स के चैंपियन को ओलिंपिक कोटा मिलेगा। हॉकी के पुरुष और महिला चैंपियन भी ओलिंपिक कोटा हासिल कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए संबंधित खेल के क्वालिफिकेशन नियम लागू होंगे। 6. भारत की तैयारी पर कितना खर्च हुआ? नवंबर 2023 से अगस्त 2026 तक एशियन गेम्स की तैयारी पर करीब ₹703 करोड़ खर्च किए गए। इसमें करीब ₹252 करोड़ अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने, ₹118 करोड़ घरेलू ट्रेनिंग और राष्ट्रीय कोचिंग कैंप, ₹89 करोड़ खेल उपकरण, ₹86 करोड़ विदेशी कोच और सपोर्ट स्टाफ तथा ₹40 करोड़ विदेशी ट्रेनिंग पर खर्च हुए। 30 खेलों में 50 विदेशी विशेषज्ञ और कोच भी जोड़े गए। इनमें एथलेटिक्स के 14, हॉकी के 8 और शूटिंग के 5 विशेषज्ञ शामिल हैं 7. भारत के किन खिलाड़ियों पर नजर रहेगी? 8. भारत ने अब तक कितने मेडल जीते हैं? 1951 से 2022 तक भारत ने एशियन गेम्स में 778 मेडल जीते हैं। इनमें 183 गोल्ड, 238 सिल्वर और 357 ब्रॉन्ज शामिल हैं। ऑल टाइम मेडल टेबल में भारत पांचवें स्थान पर है। 2023 के हांगझोउ गेम्स में भारत ने पहली बार 100 मेडल का आंकड़ा पार किया था। 28 गोल्ड, 38 सिल्वर और 40 ब्रॉन्ज के साथ कुल 106 मेडल मिले थे। यह भारत का एक एशियन गेम्स में अब तक का सबसे बड़ा मेडल टैली है।। 9. एशियन गेम्स में भारत का सबसे सफल खेल कौन-सा है? भारत ने अब तक 34 अलग-अलग खेलों में मेडल जीते हैं। एथलेटिक्स सबसे आगे है, जहां भारतीय खिलाड़ियों ने 283 मेडल हासिल किए हैं। इसके बाद शूटिंग में 80, रेसलिंग में 65 और बॉक्सिंग में 61 मेडल हैं। एशियन गेम्स में भारत की सबसे ज्यादा व्यक्तिगत मेडल जीतने वाली एथलीट पी.टी. उषा हैं। उनके नाम 11 मेडल हैं, जिनमें 4 गोल्ड और 7 सिल्वर शामिल हैं। 10. नागोया में आयोजन का तरीका और थीम क्या है? इस बार पारंपरिक एथलीट विलेज नहीं बनाया गया है। खिलाड़ियों के लिए होटल, अस्थायी कंटेनर हाउस और कोस्टा सेरेना क्रूज शिप का इस्तेमाल होगा। प्रतियोगिताएं जापान के 54 वेन्यू पर होंगी। आइची-नागोया गेम्स की आधिकारिक थीम ‘एक एशिया की कल्पना’ है। भारत में एशियन गेम्स का लाइव प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर और डिजिटल स्ट्रीमिंग सोनी लिव पर होगी। दैनिक भास्कर एप पर गेम्स की लाइव कवरेज और अपडेट मिलेंगे।
जरूरत की खबर- चेहरे से अनचाहे तिल कैसे हटाएं:डर्मेटोलॉजिस्ट से समझें पूरा प्रोसेस, संभावित खतरे, तिल हटवाने के बाद 10 सावधानियां
यूनाइटेड स्टेट्स के ‘नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट’ के मुताबिक, लगभग हर वयस्क के शरीर पर 10 से 40 तिल होते हैं। ये बहुत सामान्य है। चेहरे पर तिल होना भी बहुत कॉमन है। कुछ लोग इन्हें अपनी खूबसूरती का हिस्सा मानते हैं, जबकि कुछ इन्हें हटाना चाहते हैं। खासकर जब तिल उभरा हुआ हो और शेविंग, मेकअप या चश्मा पहनने में बाधा पैदा करे। ज्यादातर तिल सामान्य और नुकसान रहित होते हैं। लेकिन अगर किसी तिल का रंग, साइज या स्ट्रक्चर बदलने लगे, उसमें खुजली, दर्द या खून आने जैसी समस्या हो तो यह किसी गंभीर बीमारी या स्किन कैंसर का संकेत भी हो सकता है। इसलिए किसी भी तिल को हटाने से पहले उसकी जांच कराना जरूरी है। इसलिए आज 'जरूरत की खबर' में स्किन से तिल हटाने के सुरक्षित तरीकों पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- डॉ. विजय सिंघल, सीनियर कंसल्टेंट, डर्मेटोलॉजी, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली सवाल- तिल (Mole) क्या होता है? जवाब- तिल स्किन पर बनने वाला एक सामान्य उभार या धब्बा होता है। मेडिसिन की भाषा में इसे नेवस (Nevus) कहा जाता है। सवाल- शरीर और चेहरे पर तिल क्यों बनते हैं? जवाब- इसके पीछे जेनेटिक्स, सूरज की अल्ट्रावायलेट (UV) किरणों का एक्सपोजर, हार्मोनल बदलाव और बढ़ती उम्र जैसे कई फैक्टर्स हो सकते हैं। शरीर में तिल बनने के सभी प्रमुख कारण ग्राफिक में देखिए- सवाल- एक व्यक्ति की बॉडी में कितने तिल होना सामान्य माना जाता है? जवाब- ‘नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट’ के अनुसार, एक वयस्क व्यक्ति के शरीर पर आमतौर पर 10 से 40 तिल होना सामान्य माना जाता है। यह संख्या हर व्यक्ति में अलग हो सकती है। सवाल- क्या सभी तिल एक जैसे होते हैं? जवाब- नहीं, तिल मुख्य तौर पर तीन प्रकार के होते हैं। इनके आकार, रंग, बनावट और जोखिम अलग-अलग हो सकते हैं। ग्राफिक से समझिए- सवाल- क्या चेहरे के तिल को हटाया जा सकता है? जवाब- हां, चेहरे के अधिकांश तिल सुरक्षित तरीके से हटाए जा सकते हैं। इसके लिए डर्मेटोलॉजिस्ट तिल के प्रकार, साइज और स्थिति के अनुसार लेजर, शेव एक्सिशन या सर्जिकल एक्सिशन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि तिल हटाने से पहले यह जांचना जरूरी होता है कि वह सामान्य तिल है या उसमें कैंसर का कोई जोखिम तो नहीं है। सवाल- डॉक्टर किन तरीकों से तिल हटाते हैं? जवाब- तिल हटाने का तरीका उसके आकार, गहराई, स्थान और प्रकार पर निर्भर करता है। इसके लिए डर्मेटोलॉजिस्ट पहले तिल की जांच करते हैं, फिर उपयुक्त प्रक्रिया चुनते हैं। आमतौर पर तिल हटाने के लिए इन तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है- सवाल- क्या तिल हटाने में दर्द होता है? जवाब- आमतौर पर नहीं। तिल हटाने की प्रक्रिया लोकल एनेस्थीसिया देकर की जाती है। इसलिए प्रक्रिया के दौरान दर्द महसूस नहीं होता। बाद में 1-2 दिन हल्क–हल्की जलन या असहजता हो सकती है। सवाल- तिल हटाने में कितना समय लगता है? जवाब- तिल हटाने की प्रक्रिया आमतौर पर 15-30 मिनट में पूरी हो जाती है। हालांकि तिल के आकार, संख्या और इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक के आधार पर समय कम या ज्यादा लग सकता है। अधिकांश मामलों में मरीज उसी दिन घर जा सकता है। सवाल- क्या तिल हटाने के बाद निशान रह जाते हैं? जवाब- यह तिल के आकार, गहराई, हटाने की तकनीक और स्किन की हीलिंग क्षमता पर निर्भर करता है। छोटे तिल हटाने पर बहुत हल्का निशान रह सकता है, जबकि बड़े या गहरे तिल हटाने के बाद कुछ निशान रह सकते हैं। उचित देखभाल से निशान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। सवाल- क्या तिल हटाने के बाद दोबारा आ सकता है? जवाब- हां, अगर तिल पूरी तरह नहीं हटाया गया हो तो कुछ मामलों में वह दोबारा उभर सकता है। अगर ऐसा हो तो तुरंत डर्मेटोलॉजिस्ट से कंसल्ट करें। सवाल- क्या घरेलू उपायों से भी तिल हटाया जा सकता है? क्या ऐसा करना सेफ है? जवाब- नहीं, तिल हटाने के लिए घरेलू उपाय अपनाना सुरक्षित नहीं है, जैसेकि- सवाल- क्या तिल के कारण स्किन कैंसर भी हो सकता है? जवाब- ज्यादातर तिल नुकसानरहित होते हैं और कभी कैंसर में नहीं बदलते। हालांकि कुछ मामलों में खासकर एटिपिकल या बहुत बड़े कॉन्जेनिटल तिलों में मेलानोमा (स्किन कैंसर) का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए अगर किसी तिल के आकार, रंग, किनारों या बनावट में बदलाव दिखे, खुजली हो, दर्द हो या खून आए तो तुरंत डर्मेटोलॉजिस्ट से कंसल्ट करना चाहिए। सवाल- कोई तिल कैंसरस है या नहीं, इसका पता कैसे चलता है? जवाब- इसके लिए डॉक्टर ‘ABCDE’ नियम इस्तेमाल करते हैं, जिससे सामान्य और कैंसरस तिल में फर्क समझा जा सकता है। अगर तिल संदिग्ध लगे तो डर्मोस्कोपी या बायोप्सी कराते हैं। इसे ग्राफिक से समझिए- सवाल- किन लक्षणों पर तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए? जवाब- अगर तिल में अचानक बदलाव दिखने लगे या उसमें असामान्य लक्षण नजर आएं तो तुरंत डर्मेटोलॉजिस्ट से मिलें। ऐसे बदलाव कभी-कभी स्किन कैंसर के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। सभी गंभीर संकेत ग्राफिक में देखिए- सवाल- तिल हटाने के बाद क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? जवाब- तिल हटाने के बाद घाव की सही देखभाल जरूरी है, ताकि संक्रमण का रिस्क कम हो और निशान भी कम-से-कम रहे। इसके लिए डॉक्टर द्वारा बताई गई देखभाल से जुड़ी सलाह का पालन करना चाहिए। प्रमुख सावधानियां ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या नए तिल को बनने से रोका जा सकता है? जवाब- पूरी तरह नहीं, लेकिन जोखिम कम किया जा सकता है। इसके लिए- …………………………… ग्राफिक- महेंद्र वर्मा ……………………………. ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- बाल झड़ने के 10 बड़े कारण:डर्मेटोलॉजिस्ट से जानें बालों को कैसे हेल्दी रखें, कैसे केयर करें, डाइट में क्या खाएं बाल हमारे व्यक्तित्व का अहम हिस्सा हैं। घने, मजबूत और चमकदार बाल न सिर्फ आत्मविश्वास बढ़ाते हैं, बल्कि अच्छी सेहत की भी निशानी होते हैं। अचानक बालों का झड़ना चिंता का विषय है। अक्सर लोग इसका दोष मौसम, पानी या शैंपू को देते हैं। जबकि कई बार समस्या की जड़ शरीर में होती है। पूरी खबर पढ़ें…
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