फॉर्मूला-1 खिलाड़ी के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं:ब्रिटेन के लिंडब्लाड ने अब ड्राइविंग थ्योरी टेस्ट पास किया; प्रैक्टिस में कार क्रैश हुई थी
ब्रिटेन के फॉर्मूला-1 के खिलाड़ी अरविड लिंडब्लाड ने ड्राइविंग थ्योरी टेस्ट पास कर लिया है। वह अब फुल ड्राइविंग लाइसेंस पाने से एक कदम दूर हैं। 19 साल के रेसिंग बुल्स ड्राइवर ने इंस्टाग्राम पर रिजल्ट शेयर किया। लिंडब्लाड ने यह टेस्ट स्पेनिश ग्रां प्री की 14वीं रेस के बाद दिया। वह मैड्रिड से ब्रिटेन लौटे थे और रेस में नौवें स्थान पर रहे थे। रेस से कुछ दिन पहले मैड्रिड के मैड्रिंग सर्किट पर प्रैक्टिस के दौरान उनकी कार टर्न-13 पर क्रैश हो गई थी। अभी ब्रिटेन की सड़कों पर चलाने का फुल लाइसेंस नहीं मिला लिंडब्लाड ने टेस्ट के मल्टीपल चॉइस सेक्शन में 50 में से 46 अंक हासिल किए। वहीं हेजर्ड परसेप्शन सेक्शन में उन्हें 75 में से 52 अंक मिले। हालांकि उन्हें ब्रिटेन की सड़कों पर सामान्य कार चलाने के लिए अभी फुल लाइसेंस नहीं मिला है। मैड्रिड सर्किट पर हादसा हुआ था लिंडब्लाड ने मैड्रिड के मैड्रिंग सर्किट पर प्रैक्टिस के दौरान रेसिंग बुल्स कार को टर्न-13 पर टक्कर मार दी थी। हालांकि इस हादसे में उन्हें कोई चोट नहीं लगी थी। यह मैड्रिंग सर्किट की पहली एफ-1 रेस थी। मर्सिडीज ड्राइवर जॉर्ज रसेल ने इस पर कहा था- ‘यह सर्किट बहुत मुश्किल है। यहां कई तेज कॉर्नर हैं और बैरियर ट्रैक की ओर वापस आते हैं। इसलिए अगर कार बाहर जाती है, तो वह बैरियर से उसी एंगल पर नहीं टकराती, जिस दिशा में कार जा रही होती है।’ ----------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढें… जिम्बाब्वे के ब्रेंडन टेलर ने तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा:सबसे लंबे समय तक वनडे खेलने वाले क्रिकेटर बने; 22 साल 4 महीने का हुआ करियर जिम्बाब्वे के विकेटकीपर बल्लेबाज ब्रेंडन टेलर ने मंगलवार को भारत के सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ दिया। वे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हरारे में पहला वनडे खेलने उतरे। इसके साथ ही वे सबसे लंबे समय तक वनडे खेलने वाले खिलाड़ी बन गए। पूरी खबर पढ़ें…
अश्विन बोले- संजू की जगह कोई क्यों नहीं समझता:टी-20 वर्ल्ड कप जिताया, प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे; अब वैभव से मिल रही चुनौती
संजू सैमसन की टीम इंडिया में जगह को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। पूर्व भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने उनके लगातार टीम में आने-जाने की स्थिति पर चिंता जताई है। अश्विन के मुताबिक, टी-20 वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनने के बाद भी अगर किसी खिलाड़ी को अपनी जगह को लेकर भरोसा न हो, तो यह उसके लिए मानसिक रूप से मुश्किल हो सकता है। इंग्लैंड सीरीज के बाद संजू को जिम्बाब्वे दौरे की टी-20 टीम में जगह नहीं मिली थी। हालांकि चयनकर्ताओं ने इसे ड्रॉप किए जाने के बजाय आराम बताया था। इसके बाद अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज में उनकी टीम में वापसी हुई। दिल्ली में खेले गए पहले टी-20 में संजू 8 गेंदों पर 10 रन बनाकर आउट हुए। भारत ने अभिषेक शर्मा की 82 रन की पारी और अर्शदीप सिंह के 3 विकेट की मदद से यह मुकाबला 7 विकेट से जीत लिया। वर्ल्ड कप में 321 रन बनाया संजू ने 2026 टी-20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए सबसे ज्यादा 5 पारियों में 321 रन बनाए। उनका औसत 80.25 और स्ट्राइक रेट 199.37 रहा। ग्रुप मैच में वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 97 रन के बाद उन्होंने सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 89 और फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ भी 89 रन बनाए। फाइनल में उनकी पारी के दम पर भारत ने 255/5 का स्कोर बनाया और न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर तीसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप जीता। फिर तीन मैच में नहीं चले तो टीम से बाहर वर्ल्ड कप के बाद संजू की स्थिति तेजी से बदली। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर कुछ पारियों में रन नहीं बना पाने के बाद उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 की प्लेइंग-11 से बाहर कर दिया गया। उनकी जगह 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को मौका मिला। अब संजू सैमसन के सामने टीम में जगह बनाए रखने की चुनौती बढ़ गई है। वैभव ने इंग्लैंड दौरे पर टी-20 इंटरनेशनल डेब्यू किया। इसके बाद जिम्बाब्वे दौरे पर उन्होंने तीन मैचों में दो अर्धशतक लगाए। सीरीज के तीसरे टी-20 में वैभव ने 81 रन की पारी खेली और अपने प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने गए। अश्विन बोले- संजू सोचते होंगे, मेरी स्थिति कोई क्यों नहीं समझता अश्विन का सवाल इसी चयन प्रक्रिया पर है। उनका मानना है कि संजू के नजरिए से देखें तो स्थिति बेहद कठिन है। अगर वह वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन करने के बाद एक-दो मैच में असफल होते हैं और बाहर बैठ जाते हैं, तो उनके मन में यह सवाल आना स्वाभाविक है कि उनकी स्थिति को कोई क्यों नहीं समझ रहा। अश्विन ने कहा कि संजू ने 2014 में इंटरनेशनल क्रिकेट शुरू किया था, लेकिन इतने साल के बाद भी उन्हें टीम में अपनी जगह को लेकर स्थायी भरोसा नहीं मिला। उनके मुताबिक खिलाड़ी के लिए यह स्थिति मानसिक रूप से मुश्किल हो सकती है। दबाव संजू के प्रदर्शन का है या वैभव के बाहर बैठने का अश्विन ने एक और दिलचस्प सवाल उठाया। उनका कहना है कि जब संजू अच्छा खेलते हैं तो लोग कहते हैं कि उन्हें पहले ही टीम में बनाए रखना चाहिए था। लेकिन जब वह फेल होते हैं तो उनकी अस्थिरता पर सवाल उठते हैं। अब इसमें वैभव का नाम जुड़ गया है। ऐसे में यह साफ नहीं रहता कि संजू पर सवाल उनके अपने प्रदर्शन को लेकर उठ रहे हैं या इसलिए कि उनके खेलने से वैभव को बाहर बैठना पड़ रहा है। अश्विन के मुताबिक, संजू की जगह को लेकर यही अनिश्चितता उनके लिए सबसे मुश्किल हिस्सा हो सकती है। --------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… भारत-अफगानिस्तान दूसरा टी-20 आज:चोटिल वरुण की जगह रवि बिश्नोई को मिल सकता है मौका; सीरीज में टीम इंडिया 1-0 से आगे भारत-अफगानिस्तान के बीच दूसरा टी-20 मैच आज दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा। मुकाबला शाम 7:30 बजे से शुरु होगा। तीन मैचों की सीरीज में टीम इंडिया 1-0 से आगे है। भारत ने पहला मैच 7 विकेट से जीता था। पूरी खबर पढ़ें…
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