5 करोड़ में बनी फिल्म, कमाई 24 Cr पार, जीते 23 अवॉर्ड्स, गांव की स्टोरी पावर ने सिनेमाहॉल से OTT तक मचाया गदर
महज 5 करोड़ रुपये में बनी इस कंटेंट-ड्रिवन फिल्म ने यह साबित कर दिया कि मजबूत कहानी ही असली स्टार होती है. गांव की पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म ने सिनेमाघरों में 24 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की और दर्शकों से शानदार रिस्पॉन्स पाया. इसके बाद ओटीटी पर रिलीज होते ही यह ट्रेंडिंग में पहुंच गई. फिल्म को कुल 23 प्रतिष्ठित अवॉर्ड्स मिले, जिसने इसे हाल के वर्षों की सबसे सफल फिल्मों में शामिल कर दिया.
मनोज कुमार की हीरोइन, डायरेक्टर के प्यार में ताउम्र नहीं रचाई शादी, 57 साल पहले 1 गाने से बन गई थीं स्टार
नंदा ने अपने करियर में राजेश खन्ना, जितेंद्र, संजीव कुमार समेत हर बड़े स्टार के साथ काम किया. एक वक्त में तो वह हर फिल्म का हिस्सा हुआ करती थी. लेकिन साल 1969 में आई जितेंद्र की धरती कहे पुकार के में उनके रोल को काफी पसंद किया गया था. इस फिल्म का एक गाना 'खुशी की वो रात आ गई, कोई गीत बजने दो' तो काफी पसंद किया गया था. इस गाने में नंदा पर्दे पर पीछे खड़ी खूब रोती है और जितेंद्र डपली लेकर गा रहे थे. इस गाने में समाज की पीड़ा को उन्होंने बहुत खूबसूरती से दर्शाया था. आज 57 साल बाद भी ये गाना लोगों का फेवरेट बना हुआ है. यूं तो नंदा की रील लाइफ बेहतरीन थी, लेकिन रियल लाइफ दुखों से भरी थी. वो और डायरेक्टर मनमोहन देसाई एक-दूसरे से प्यार करते थे और उनकी सगाई भी हो चुकी थी, लेकिन सगाई के दो साल बाद ही एक दुर्घटना में मनमोहन देसाई का निधन हो गया, जिससे नंदा को गहरा सदमा लगा और वे कभी उबर नहीं पाईं और ताउम्र सफेद साड़ी पहनती रही. उन्होंने कभी शादी नहीं की.
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