ट्रंप के 100 टैरिफ पर टूट पड़े भारत-चीन, हिला डाला अमेरिका!
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों के खिलाफ टैरिफ बम फोड़ने वाला संसद में बिल पास कराया तो गुस्से में आए भारत ने अमेरिका को तगड़ा जवाब देते हुए ऐसा अल्टीमेटम दिया कि जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। यही नहीं बल्कि भारत का तगड़ा जवाब आते ही चीन भी अमेरिका पर टूट पड़ा और तगड़ी चेतावनी देते हुए ट्रंप की हवा निकाल कर रख दी। दरअसल पिछले कुछ समय से ट्रंप बार-बार टेररिफ वाली धमकी देकर भारत समेत कई देशों को दादागिरी दिखाने में लगे हुए हैं। लेकिन इस बार भारत की सहनशीलता ऐसा जवाब दे गई कि उसकी उम्मीद शायद ट्रंप को भी नहीं होगी। भारत ने अमेरिका और ट्रंप के लिए नई लक्ष्मण रेखा खींच दी है।
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इस रेखा को पार करने का मतलब होगा भारत अमेरिका से दूरी बनाने में कोई भी संकोच नहीं करेगा। दरअसल अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में वो बिल पास हो गया है जिससे ट्रंप को रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% तक टेरिफ लगाने की शक्तियां मिल गई। अमेरिकी संसद में इसके पक्ष में 262 और विरोध में 169 वोट पड़े। यहां गौर करने वाली बात तो यह है कि बड़ी संख्या में अमेरिका की विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने इस बिल का विरोध भी किया। इस बिल के पास होते ही अमेरिका के सीनेटर्स ने रूस से तेल खरीदने पर भारत और चीन को धमकाना शुरू कर दिया है। अमेरिका की संसद में पास हुए बिल से ज्यादा भारत की सख्त प्रतिक्रिया दुनिया की सुर्खियों में बन गई है। भारत ने इस बिल पर अमेरिका को सख्त चेतावनी दी है। अमेरिका को अल्टीमेटम दिया है और कहा है कि टेरिफ की वजह से भारत और अमेरिका गिश्तों पर बुरा असर पड़ सकता है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि जैसा कि पहले भी कई बार कहा गया है भारत अपने 140 करोड़ लोगों के लिए ऊर्जा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए अलग-अलग देशों से तेल और गैस खरीदना जारी रखेगा और बाजार में बदलाव के हिसाब से फैसले लेगा। भारत ने अमेरिका को यह भी बताया कि इन प्रतिबंधों का असर सिर्फ भारत अमेरिका संबंधों पर नहीं बल्कि पूरे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है और हम अपने व्यापार और आर्थिक हितों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएंगे। यानी कि भारत ने ट्रंप को बता दिया कि भले ही अमेरिका की संसद में रूस से तेल खरीदने वाले टॉप फाइव देशों पर 100% टेरिफ वाला बिल पास हो गया हो लेकिन इसका भारत पर कोई असर पड़ने वाला नहीं है। भारत अपने ऊर्जा हितों को ध्यान में रखते हुए रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा। साथ ही बता दिया कि धमकीबाजी अब चलने वाली नहीं है। भारत भी तगड़ा जवाब देना जानता है। भारत ही नहीं बल्कि चीन ने भी ट्रंप को हिलाकर रख दिया है। दरअसल चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि बीजिंग का किसी भी देश के साथ आर्थिक और व्यापारिक सहयोग किसी तीसरे को टारगेट नहीं करता है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जिया कु ने कहा कि चीन का किसी भी देश के साथ ट्रेड रिलेशन तीसरे पक्ष के दबाव के बिना होना चाहिए।
भीषण बम धामके से दहला पाक, उड़ गई मस्जिद, 15 की मौत
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनवा प्रांत के कोहाट जिले में आज नमाज के दौरान एक जोरदार धमाका हुआ। यह विस्फोट खैबर पख्तूनवा के ओल्ड पुलिस लाइन के पास हुआ जिसके कारण इलाके में अफरातफरी मच गई और शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक इस हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। हालांकि यह शुरुआती जानकारी है। यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। पाकिस्तानी पुलिस और चश्मदीदों के अनुसार विस्फोटक से लदा एक वाहन कथित तौर पर ओल्ड पुलिस लाइन के गेट से टकरा गया। जिसके बाद यह भयानक धमाका हुआ। विस्फोट के बाद इलाके में गोलीबारी की आवाजें भी सुनी गई। यह हमला इतना भयानक था कि मस्जिद के बाहर एक गहरा गड्ढा बन गया। मस्जिद का बाहरी हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और एक दीवार ढह गई।
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इसके अलावा आसपास की कई अन्य इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है। खैबर पख्तवा में इस घटना की सूचना मिलते ही वहां के स्थानीय टीम सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे। घायलों को कोहाट के जिला मुख्यालय अस्पताल पहुंचाया गया। जहां लगभग 25 घायलों को ले जाने के बाद अस्पताल में इमरजेंसी घोषित कर दी गई। घायलों में कई पुलिसकर्मी शामिल हुए। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया और ओल्ड पुलिस लाइंस के पास सर्च एंड क्लीयरेंस ऑपरेशन चलाया गया। एतिहादत के तौर पर कोहाट हंगूर रोड को यातायात के लिए बंद कर दिया गया और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई।
पाकिस्तानी अधिकारी फिलहाल धमाके की परिस्थितियों और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने में जुटे हैं। हालांकि आपको बता दें पाकिस्तान के लिए इस तरह के खूनी हमले अब कोई नई बात नहीं रह गई। देश के कई हिस्सों में खासकर खैबर पख्तनवा और बलूचिस्तान में इस तरह के हमले-आम बात हो चुके हैं। सुरक्षा बल,पुलिस चौकी, मस्जिद और आम नागरिक को निशाना बनाकर किए जाने वाले बम धमाके वहां की दैनिक हकीकत बन चुकी है। आतंकवाद के खिलाफ लंबी लड़ाईयों और कहीं ना कहीं यह घटना एक बार फिर इस कड़वी सच्चाई को उजागर करती है कि पाकिस्तान ने आतंकवाद को जो फंडिंग और पनाह दी थी, आज वही नासूर उसी के गले की फाज बन चुका है।
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दशकों तक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी पाकिस्तान की सरकार ने अच्छे और बुरे आतंकवादियों का खेल खेला। दूसरे देशों में अशांति फैलाने के लिए आतंकवादियों को पालापोसा और उन्हें सुरक्षित ठिकाने दिए। लेकिन अब वही आतंकी बीते कुछ सालों से पाकिस्तान में इस तरह के हमलों को अंजाम दे रहे हैं।
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