पन्ना में किसान की चमकी किस्मत, मिला 4.70 कैरेट का बेशकीमती हीरा, कीमत करीब 15 लाख रुपये
कब किसकी किस्मत चमक जाए, यह कोई नहीं जानता। पन्ना में एक किसान की किस्मत उस वक्त बदल गई, जब उसको खुदाई के दौरान बेशकीमती हीरा मिला। हीरा मिलते ही किसान के चेहरे पर खुशी छा गई और यह खबर इलाके में चर्चा का विषय बन गई। हालांकि इस हीरे का किसान अकेला मालिक नहीं है बल्कि हीरे पर उसके अन्य 5 साथियों का भी हक है।
बता दें कि जिले की रत्नगर्भा धरती ने किसान की नहीं बल्कि उसके साथियों की किस्मत चमका दी है। पटी क्षेत्र की खदान में बद्री पटेल और उनके 5 साथियों को 4.70 कैरेट का एक नायाब हीरा मिला है। वहीं, इस हीरे की अनुमानित कीमत बाजार में लगभग 15 लाख रुपये आंकी जा रही है। खास बात तो यह है कि बद्री पटेल और उसके साथियों ने सिर्फ कुछ दिन पहले ही खाद में काम शुरू किया था।
हीरा मिलने पर किसान बद्री पटेल ने जताई खुशी
इस खास मौके पर बद्री पटेल ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें पहले से ही विश्वास था कि भगवान की कृपा से एक दिन उन्हें हीरा जरूर मिलेगा। हीरा मिलने के बाद उन्होंने इसे आधिकारिक प्रक्रिया के तहत हीरा कार्यालय पहुंचकर जमा करा दिया है। बद्री पटेल ने बताया कि नीलामी के बाद मिलने वाली राशि से सभी भागीदार अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
बद्री पटेल का कहना है कि नीलामी से प्राप्त राशि से वे अपना नया घर बनवाएंगे। वहीं, उनके साथी रतन सिंह यादव, भीखम प्रसाद पटेल और रामचंद्र दुबे इस रकम का उपयोग अपने बच्चों की शादी और अन्य पारिवारिक जरूरतों को पूरा करने में करेंगे। इस बेशकीमती हीरे के मिलने के बाद से ही पूरे इलाके में हलचल मच गई है और इसे सुरक्षित तरीके से पन्ना के सरकारी हीरा कार्यालय में जमा करा दिया गया है।
आगामी नीलामी में रखा जाएगा हीरा
इस नायाब हीरे के बारे में जानकारी देते हुए हीरा कार्यालय के अधिकारी अनुपम सिंह ने बताया कि नियमों के अनुसार जांच के बाद हीरे को जमा कर लिया गया है। यह जेम्स क्वालिटी का हीरा है, जिसे आगामी नीलामी में रखा जाएगा।
बता दें कि पन्ना की पावन धरती से समय-समय पर इस तरह के बेशकीमती हीरे मिलने की खबरें आती रहती हैं, जिसने कई साधारण मजदूरों-किसानों को रातों-रात लखपति और करोड़पति बना दिया है। फिलहाल, हीरा मिलने के बाद किसान परिवारों में जश्न का माहौल बना हुआ है। आसपास के लोग भी बद्री पटेल एवं उसके साथियों को बधाई देने आ रहे हैं।
Nithari Case: Surinder Koli की मौत पर पीड़िता के पिता का दावा, आत्महत्या नहीं हत्या हुई
2006 के निठारी मामले में शिकार बनीं कम उम्र की लड़कियों में शामिल एक 15 साल की लड़की के पिता ने शुक्रवार को हरिद्वार में सुरेंद्र कोली की मौत पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व आरोपी की हत्या की गई थी, न कि उसने आत्महत्या की थी। झब्बू लाल (64) ने कहा कि सुरेंद्र कोली की हत्या हुई है; उसने आत्महत्या नहीं की है। उनकी बेटी भी उन बच्चों में शामिल थी जो निठारी से गायब हो गए थे और बाद में पीड़ितों में से एक के तौर पर उसकी पहचान हुई थी। शुक्रवार को हरिद्वार में सप्त सरोवर रोड पर किराए की एक चाय की दुकान पर कोली फंदे से लटका हुआ मिला। पुलिस ने बताया कि फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच की और शुरुआती तौर पर यह मामला आत्महत्या का लग रहा है। शव को कब्जे में ले लिया गया है और पंचनामा व पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चल रही है।
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हालांकि, लाल ने सवाल उठाया कि जेल से रिहा होने के बाद कई महीने बाहर बिताने के बाद कोली ऐसा कदम क्यों उठाएगा। उन्होंने कहा अगर जेल में रहते हुए उन्होंने आत्महत्या की होती, तो समझा जा सकता था कि वह डिप्रेशन में थे। लेकिन जेल से रिहा होने और बाहर कई महीने बिताने के बाद उन्होंने अपनी जान दे दी? इससे सवाल उठते हैं। लाल ने आरोप लगाया वह कोई अहम जानकारी बताने ही वाला था। इसीलिए उसकी हत्या कर दी गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि निठारी मामले में कोली मुख्य दोषी नहीं था, बल्कि मुख्य आरोपी बिज़नेसमैन मोहिंदर सिंह पंढेर था, जिसके सेक्टर 31 वाले घर में कोली घरेलू नौकर के तौर पर काम करता था।
लाल ने कहा, "कोली मुख्य दोषी नहीं था। इस मामले में मुख्य आरोपी उसका मालिक मोहिंदर पंढेर था। उसे फांसी होनी चाहिए। लाल और उनकी पत्नी सुनीता (61) ने अपनी बेटी के लिए न्याय पाने में लगभग दो दशक बिता दिए हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के उन्नाव ज़िले के रहने वाले यह दंपत्ति काम की तलाश में करीब चार दशक पहले निठारी आ गया था। लाल इलाके के लोगों के कपड़े प्रेस करके अपनी आजीविका चलाते थे।
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