गणपति बप्पा के दरबार में टकराए एक्स कपल गौरव खन्ना-आकांक्षा चमोला, मगर एक-दूसरे से फेर ली नजरें
एकता कपूर के गणपति सेलिब्रेशन में एक्स कपल गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला टकराए, लेकिन दोनों ने एक-दूसरे से बात नहीं की. आकांक्षा ने रियलिटी शो 'लॉक अप 2' में खुलासा किया था कि वे पिछले एक साल से अलग रह रहे हैं और उनका तलाक होने वाला है.
Rishi Panchami पर सप्तऋषियों और देवी अरुंधती की पूजा, 15 सितंबर को बना शुभ संयोग
हर साल भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ऋषि पंचमी का पर्व मनाया जाता है। यह पर्व हरतालिका तीज के दो दिन बाद और गणेश चतु्र्थी के अगले दिन मनाया जाता है। इस बार आज यानी की 15 सितंबर 2026 को ऋषि पंचमी का पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन सप्तऋषियों और देवी अरुंधती की पूजा करने की परंपरा है। मान्यता के मुताबिक ऋषि पंचमी का व्रत आत्मशुद्धि और जाने-अनजाने हुए दोषों के प्रायश्चित से जुड़ा है। तो आइए जानते हैं ऋषि पंचमी की तिथि, मुहूर्त और पूजन विधि के बारे में...
तिथि और मुहूर्त
वैदिक पंचांग के मुताबिक भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि की शुरूआत सुबह 07:44 मिनट से शुरू हुई है। वहीं इस तिथि की समाप्ति अगले दिन यानी की 16 सितंबर 2026 की सुबह 08:59 पर होगा। वहीं आज पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 10:50 मिनट से दोपहर 01:18 बजे तक रहेगा।
पूजन विधि
इस दिन सुबह जल्दी स्नान आदि करने के बाद साफ कपड़े पहनें और व्रत का संकल्प लें। फिर पूजा स्थल को साफ करें और हल्दी-रोली से पूजा का मंडप बनाएं। फिर कश्यप, अत्रि, भारद्वाज, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि और वशिष्ठ इन सप्त ऋषियों के साथ देवी अरुंधती की स्थापना करें। फिर उनको अक्षत, पुष्प, गंध, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें और पूजा करें। इस व्रत में हल से जोती गई भूमि में उगने वाले अनाज का सेवन नहीं किया जाता है। इसकी जगह पर समां के चावल और शाकाहारी आहार खाने की परंपरा है।
धार्मिक महत्व
ऋषि पंचमी का पर्व सप्तऋषियों के प्रति कृतज्ञता और सम्मान व्यक्त करने का अवसर है। मान्यताओं के मुताबिक महिलाओं द्वारा मासिक धर्म के दौरान अनजाने में हुए धार्मिक नियमों के उल्लंघन के प्रायश्चित करने के लिए यह व्रत किया जाता है। वहीं इस दिन व्रत रखने और सप्तऋषियों की पूजा-अर्चना करने और कथा सुनने से मन की शुद्धि होती है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18
prabhasakshi









