DUSU चुनाव में नियम तोड़ने पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, जीत के जुलूस पर रोक
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ यानी DUSU चुनाव को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सख्त रुख अपनाया. कोर्ट ने चुनाव के दौरान नियमों के कथित उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए उम्मीदवारों और छात्र संगठनों से जवाब मांगा है.अदालत ने यह भी साफ कर दिया कि चुनाव नतीजे आने के बाद किसी भी तरह का विजय जुलूस नहीं निकाला जाएगा.
उम्मीदवारों को नोटिस जारी किया
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने छात्र संगठनों और उम्मीदवारों को नोटिस जारी कर पूछा है कि चुनावी नियमों के उल्लंघन के लिए उनके खिलाफ सामूहिक चुनावी हर्जाना क्यों न लगाया जाए. कोर्ट ने कहा कि पिछले चुनावों के दौरान भी नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आए थे और बार-बार ऐसी स्थिति दोहराई नहीं जा सकती.
एफआईआर और गिरफ्तारियां
सुनवाई के दौरान अदालत के सामने प्रचार के दौरान वाहनों के काफिले, बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियों और कथित तौर पर हथियारों के प्रदर्शन जैसे मुद्दे उठे. पुलिस की ओर से अदालत को बताया गया कि उल्लंघनों के संबंध में चालान किए गए हैं, वाहनों को जब्त किया गया है और कुछ मामलों में एफआईआर और गिरफ्तारियां भी हुई हैं.
अवमानना की कार्रवाई भी
अदालत ने खास तौर पर विजय जुलूस को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए. नतीजे घोषित होने के बाद उम्मीदवार, छात्र या उनके समर्थक सड़कों के अलावा विश्वविद्यालय परिसर और छात्रावासों में भी विजय जुलूस नहीं निकाल सकेंगे. दिल्ली पुलिस को इस आदेश का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है. कोर्ट ने यह भी कहा कि आदेश का उल्लंघन होने पर आपराधिक और प्रशासनिक कार्रवाई के साथ अदालत की अवमानना की कार्रवाई भी हो सकती है.
किसी तरह की झिझक नहीं
कोर्ट ने यह भी कहा कि केवल छात्र होने के आधार पर पुलिस को कार्रवाई करने में किसी तरह की झिझक नहीं होनी चाहिए. अदालत के मुताबिक चुनाव से जुड़े नियमों का पालन सभी उम्मीदवारों और संगठनों को करना होगा.
चुनावी हर्जाना क्यों नहीं लगाया जाना चाहिए
अब छात्र संगठनों और उम्मीदवारों को अदालत के नोटिस का जवाब देना होगा. याचिकाकर्ता पक्ष को कथित उल्लंघनों से जुड़े दस्तावेज और अन्य सामग्री दो सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने को कहा गया है. इसके बाद संबंधित पक्षों से यह पूछा जाएगा कि उनके खिलाफ चुनावी हर्जाना क्यों नहीं लगाया जाना चाहिए.
दिल्ली हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद DUSU चुनाव के नतीजों के बाद होने वाले जश्न को लेकर स्थिति साफ हो गई है. परिणाम आने के बाद सड़कों, कैंपस और छात्रावासों में विजय जुलूस पर रोक रहेगी और दिल्ली पुलिस को इसे लागू कराने के निर्देश दिए गए हैं.
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