Nithari Case Accused Suicide: बहुचर्चित निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली ने की खुदकुशी, नहीं मिला कोई सुसाइड नोट
वर्ष 2006 में नोएडा के निठारी गांव से सामने आए बच्चों की हत्या और यौन उत्पीड़न के सीरियल कांड के प्रमुख आरोपी सुरेंद्र कोली का अंत बेहद नाटकीय और संदिग्ध परिस्थितियों में हुआ है। अदालत से बरी होने के बाद गुमनामी की जिंदगी बिता रहे कोली का शव शुक्रवार को हरिद्वार के एक चाय के खोखे में रस्सी के सहारे फंदे से लटका हुआ पाया गया।
चाय की दुकान में फंदे से लटका मिला शव
हरिद्वार शहर कोतवाली क्षेत्र की सप्तऋषि पुलिस चौकी को सूचना मिली कि सप्त सरोवर रोड पर लालमाता मंदिर के सामने स्थित एक चाय की दुकान में किसी व्यक्ति ने फांसी लगा ली है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतारा और तलाशी ली, जिसके बाद मृतक की पहचान सुरेंद्र कोली के रूप में हुई।
किराए पर खोखा लेकर चला रहा था गुजारा
शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि सुरेंद्र कोली पिछले कुछ महीनों से उत्तर हरिद्वार क्षेत्र में रह रहा था। उसने अपनी पुरानी पहचान छुपाकर एक छोटा सा चाय का खोखा किराए पर लिया था और वहीं से अपना जीवन यापन कर रहा था।
पुलिस के अनुसार घटना स्थल और दुकान से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने अल्मोड़ा में रह रहे उसके परिजनों को सूचित कर दिया है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
निठारी कांड: फांसी की सजा से सुप्रीम कोर्ट से बरी होने तक का सफर
वर्ष 2006 में नोएडा के सेक्टर-31 स्थित मोनिंदर सिंह पंधेर की कोठी के पीछे नाले से बच्चों के कंकाल बरामद होने के बाद निठारी कांड का खुलासा हुआ था। पंधेर के नौकर सुरेंद्र कोली पर कई बच्चों के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के गंभीर आरोप लगे थे।
- सीबीआई कोर्ट और हाईकोर्ट: सीबीआई की विशेष अदालत ने कोली को कई मामलों में फांसी की सजा सुनाई थी। हालांकि, बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उसकी दया याचिका में देरी और साक्ष्यों के अभाव के आधार पर फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया था।
- सुप्रीम कोर्ट का फैसला: कानूनी लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच में पाई गई गंभीर खामियों, साक्ष्यों की कमी और प्रक्रियात्मक कमियों का हवाला देते हुए सुरेंद्र कोली को सभी मामलों में बरी कर तुरंत रिहा करने का आदेश दिया था।
मामले की हर एंगल से पड़ताल में जुटी पुलिस
रिहाई के बाद से ही कोली मुख्यधारा और मीडिया की नजरों से दूर गुमनाम जिंदगी जी रहा था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि खुदकुशी के पीछे कोई मानसिक तनाव, व्यक्तिगत कारण या कोई बाहरी दबाव तो नहीं था। पुलिस शव का पोस्टमार्टम करवाकर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
क्या था देश को झकझोरने वाला बहुचर्चित निठारी कांड
दिसंबर 2006 में नोएडा के सेक्टर-31 स्थित निठारी गांव में बिजनेसमैन मोनिंदर सिंह पंधेर की कोठी (D-5) के पीछे नाले से अचानक बच्चों के कंकाल और इंसानी अवशेष बरामद हुए थे, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था।
जांच में सामने आया था कि पंधेर का नौकर सुरेंद्र कोली बहला-फुसलाकर मासूम बच्चों को कोठी के अंदर ले जाता था, जहां उनके साथ कुकर्म करने के बाद उनकी बेरहमी से हत्या कर दी जाती थी और शवों के टुकड़ों को नाले में फेंक दिया जाता था।
इस वीभत्स मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने कोली को कई मामलों में फांसी की सजा सुनाई थी। हालांकि, लंबी कानूनी लड़ाई के बाद साक्ष्यों की कमी और जांच में पाई गई गंभीर खामियों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने उसे बरी कर दिया था।
Samsung Galaxy Forever प्लान: ₹6,997 की मंथली EMI पर खरीदें Galaxy Z Fold 8 Ultra, जानें पूरी डिटेल
Samsung ने भारत में अपने नए फोल्डेबल स्मार्टफोन्स के लिए नए फाइनेंसिंग विकल्प पेश किए हैं। इसके तहत ग्राहक Galaxy Z Fold 8 Ultra, Galaxy Z Fold 8 और Galaxy Z Flip 8 को आसान मासिक किस्तों में खरीद सकेंगे।कंपनी ने Galaxy Z Fold 8 Ultra और Galaxy Z Fold 8 के लिए 24 महीने का Galaxy Forever प्लान पेश किया है। इसके अलावा तीनों मॉडल पर 30 महीने का No-Cost EMI विकल्प भी उपलब्ध है।
Galaxy Z Fold 8 Ultra और Fold 8 की EMI हुई कम
Samsung के अनुसार, Galaxy Z Fold 8 Ultra और Galaxy Z Fold 8 को अब 24 महीने के Galaxy Forever प्लान के तहत खरीदा जा सकता है। इस प्लान में Galaxy Z Fold 8 Ultra की मासिक EMI ₹9,417 से घटकर ₹6,997 हो जाती है। वहीं, Galaxy Z Fold 8 की EMI ₹8,584 से घटकर ₹6,416 रह जाती है।
Galaxy Forever प्लान के तहत 24 महीनों के दौरान फोन की कीमत का 60 प्रतिशत हिस्सा और Galaxy Forever प्रोग्राम फीस EMI के जरिए चुकानी होती है। बाकी 40 प्रतिशत रकम 24 महीने पूरे होने के बाद एकमुश्त यानी बुलेट पेमेंट के रूप में देनी होगी।
24 महीने बाद क्या होगा?
Galaxy Forever प्लान की अवधि पूरी होने के बाद ग्राहकों के पास तीन विकल्प होंगे। वे अपना मौजूदा फोन वापस करके नए Galaxy मॉडल में अपग्रेड कर सकते हैं, बाकी 40 प्रतिशत रकम देकर फोन अपने पास रख सकते हैं या डिवाइस वापस करके प्रोग्राम से बाहर निकल सकते हैं। Samsung ग्राहकों को तय अवधि से पहले भी फोन वापस करने और अपग्रेड करने का विकल्प देता है। कंपनी के अनुसार, अलग-अलग अवधि के आधार पर Buyback Value इस प्रकार है:
- 10 से 11 महीने बाद वापसी पर 55% तक
- 12 से 13 महीने बाद वापसी पर 50% तक
- 14 से 18 महीने बाद वापसी पर 45% तक
- 19 से 25 महीने बाद वापसी पर 40% तक
ये भी पढ़े-ः iQOO Pad Ultra: 29 सितंबर को होगा लॉन्च, 8.8-इंच डिस्प्ले और PC-ग्रेड कूलिंग फैन से होगा लैस; देखें खासियत
Galaxy Forever में Samsung Care+ भी शामिल
Galaxy Forever प्लान के साथ Samsung Care+ भी मिलता है। इसके तहत फोन को accidental damage और liquid damage से सुरक्षा मिलती है और कंपनी के अनुसार इसके लिए claim processing fee नहीं ली जाती।
Galaxy Z Fold 8 की कीमत
Samsung Galaxy Z Fold 8 की भारत में शुरुआती कीमत ₹1,79,999 है। यह कीमत 12GB RAM और 256GB स्टोरेज वेरिएंट की है। इसके 16GB RAM और 1TB स्टोरेज वाले टॉप मॉडल की कीमत ₹2,39,999 तक जाती है। Galaxy Z Fold 8 को Graphite, Cream और Lavender कलर में खरीदा जा सकता है। इसके अलावा Pistachio कलर Samsung के ऑनलाइन स्टोर के लिए एक्सक्लूसिव है।
Galaxy Z Fold 8 Ultra की कीमत और कलर
Galaxy Z Fold 8 Ultra की शुरुआती कीमत ₹1,99,999 है। यह कीमत 12GB RAM + 256GB स्टोरेज मॉडल की है।वहीं, 16GB RAM + 1TB स्टोरेज वाले टॉप वेरिएंट की कीमत ₹2,59,999 है। Galaxy Z Fold 8 Ultra को Graphite, Cream और Violet Shadow कलर में पेश किया गया है। इसके अलावा Green Shadow कलर ऑनलाइन एक्सक्लूसिव है।
30 महीने का No-Cost EMI विकल्प भी उपलब्ध
Samsung ने Galaxy Z Fold 8 Ultra और Galaxy Z Fold 8 के अलावा Galaxy Z Flip 8 के लिए भी 30 महीने का No-Cost EMI विकल्प पेश किया है। इससे ग्राहक अपनी पसंद के फोल्डेबल फोन को लंबी EMI अवधि में खरीद सकते हैं।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi











