लखीमपुर में बदलते मौसम से पशुओं को खतरा, डॉ. ने दी पशुपालकों को सावधानी बरतने की सलाह, जानें बचाव के उपाय
डॉ. हेमंत सिंह के अनुसार मौसम में बदलाव के दौरान पशुओं में बुखार की समस्या अधिक देखने को मिल रही है. पशुओं के शरीर का तापमान बढ़ने, सुस्ती आने, चारा कम करने या पानी कम पीने जैसे लक्षण दिखाई दें तो पशुपालकों को इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. पशु के व्यवहार में अचानक बदलाव भी बीमारी का संकेत हो सकता है. यदि पशु सामान्य दिनों की तुलना में कम सक्रिय दिखाई दे, चारा खाने में रुचि न ले या लगातार एक ही स्थान पर बैठा रहे तो पशुपालक को तुरंत उसकी जांच करानी चाहिए.
Business Idea: चित्रकूट के किसान नथूराम ने रासायनिक खेती छोड़ जैविक खेती अपनाई, नींबू के साथ कई फसलें उगाईं, सालाना 4 लाख रुपये कमाए
किसान नथूराम पहले सरकारी शिक्षक थे. सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने खेती को अपना मुख्य काम बनाया है.और वर्ष 2022 से उन्होंने करीब 18 बीघे जमीन पर जैविक खेती की शुरुआत की है,उनके खेत में इस समय 150 से अधिक नींबू के पेड़ हैं. खास बात यह है कि इन पेड़ों को उन्होंने महज 5 रुपये प्रति पौधे की कीमत पर खरीदा था.इसके साथ ही उन्होंने कई अन्य फसलों को भी अपने खेतों में लगा रखे है. उनका कहना है कि जैविक खेती की प्रेरणा उन्हें झांसी के चिरगांव स्थित राजकीय कृषि विद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण से मिली थी.
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