Delhi Police Special Cell ने 12 करोड़ रुपये की हेरोइन समेत गोदारा गिरोह का सदस्य पकड़ा
दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ और गुजरात पुलिस की वडोदरा अपराध शाखा ने संयुक्त अभियान में कथित मादक पदार्थ-रंगदारी वसूली गिरोह के एक प्रमुख सदस्य को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से पाकिस्तानी मूल की करीब दो किलोग्राम हेरोइन बरामद की है, जिसकी कीमत करीब 12 करोड़ रुपये बताई गई है। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। दिल्ली पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजस्थान के चूरू के कुलदीप स्वामी (31) के रूप में हुई है।
पुलिस का कहना है कि कुलदीप गैंगस्टर रोहित गोदारा और महेंद्र देलाना गिरोह से जुड़ा है तथा गुजरात के वडोदरा में दर्ज 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में वांछित है। पुलिस ने बताया कि 12 सितंबर को शाम करीब साढ़े पांच बजे कुलदीप को चांदनी चौक के कूचा घासी राम में बीकानेर स्वीट्स के पास पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार उसके पास से हवाला राशि की पहचान के लिए इस्तेमाल एक मुद्रा नोट और कार की चाबियां मिलीं।
बाद में उसकी निशानदेही पर नजफगढ़ के जय विहार फेज-1 से कार जब्त कर ली गई। पुलिस के मुताबिक कार की डिक्की में अतिरिक्त पहिये के पास विशेष रूप से बनाए गए गुप्त खाने में चार पैकेटों में करीब दो किलोग्राम हेरोइन छिपाकर रखी गई थी। इसके बाद 13 सितंबर को विशेष प्रकोष्ठ थाने में स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
पुलिस ने एक बयान में बताया कि जांच में सामने आया कि गिरोह रंगदारी वसूलने और मादक पदार्थों की तस्करी के लिए एक बहुस्तरीय नेटवर्क चला रहा था। पुलिस के अनुसार, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम के जरिये पहले से तय संकेत शब्दों, ‘लाइव लोकेशन’ और मुद्रा नोटों की तस्वीरों का इस्तेमाल पहचान की पुष्टि के लिए किया जाता था। पुलिस ने बताया कि कुलदीप मुख्य सहयोगी के तौर पर दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान में पांच लाख से 50 लाख रुपये तक की रंगदारी की रकम पहुंचाता था तथा उसे प्रत्येक काम के लिए 15 से 20 हजार रुपये दिए जाते थे।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पांच सितंबर को महेंद्र देलाना के निर्देश पर कुलदीप मादक पदार्थों की खेप लेने अमृतसर गया था और अगले दिन उसने दो अज्ञात लोगों से दो किलोग्राम हेरोइन ली एवं उसे कार के गुप्त खाने में छिपाकर दिल्ली लौट आया। उन्होंने बताया कि कुलदीप पहले सरदारशहर की कृषि मंडी में कृषि जिंसों का कारोबार करता था और 2022 में कारोबार में 50 लाख रुपये से अधिक का नुकसान होने के बाद उसने कर्ज चुकाने के लिए इंस्टाग्राम के जरिये महेंद्र देलाना से संपर्क किया था। पुलिस के अनुसार, महेंद्र देलाना गैंगस्टर रोहित गोदारा का सहयोगी है और विदेश से गिरोह की गतिविधियां संचालित करता है।
महेंद्र देलाना तीन राज्यों में पांच से अधिक आपराधिक मामलों में शामिल रहा है और वांछित है। पुलिस ने बताया कि रोहित गोदारा और महेंद्र देलाना उत्तर भारत में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात में हत्या तथा रंगदारी के लिए गोलीबारी जैसी गतिविधियों से जुड़े हैं। पुलिस ने बताया कि मामले में दो मोबाइल फोन और कार भी बरामद की गई है।
पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी हिरासत में है और उसके अन्य सहयोगियों की पहचान करने, हवाला के रास्तों का पता लगाने तथा महेंद्र देलाना और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।
AAP ने BJP की Nasha Mukt Punjab Yatra पर दागे सवाल, 10 साल के शासन का मांगा हिसाब
पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) ने BJP की प्रस्तावित 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' को लेकर उस पर हमले तेज़ कर दिए हैं। पार्टी ने 2007 से 2017 के बीच राज्य सरकार का हिस्सा रहने के दौरान ड्रग्स से निपटने में BJP के कामकाज पर सवाल उठाए हैं। चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, AAP पंजाब के मीडिया इंचार्ज और 'नशा मुक्ति मोर्चा' के मुख्य प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने कहा कि BJP को यह बताना चाहिए कि पंजाब सरकार में सहयोगी के तौर पर अपने दस साल के कार्यकाल के दौरान उसने क्या कदम उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान ड्रग्स की समस्या, खासकर 'चिट्टा' का प्रसार, एक बड़ी चिंता का विषय बन गया था।
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पन्नू ने ड्रग नेटवर्क की जांच में बीजेपी की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने अधिकारी निरंजन सिंह की अगुवाई में हुई प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच का ज़िक्र करते हुए पूछा कि जांच कथित तौर पर क्यों रोकी गई और जब जांच में नाम सामने आ रहे थे, तो सिंह का तबादला क्यों किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि 2014 से 2017 के बीच केंद्र में बीजेपी सत्ता में थी। पन्नू ने पंजाब पर बीजेपी के चुनिंदा फ़ोकस की भी आलोचना की। उनकी यह टिप्पणी तब आई जब केंद्र सरकार ने अपने 'ड्रग-फ़्री इंडिया' रोडमैप के तहत पूरे भारत में 73 ज़िलों को 'अति-संवेदनशील' (ultra-sensitive) घोषित किया, जिनमें पंजाब के छह ज़िले भी शामिल हैं। ये छह ज़िले अमृतसर, गुरदासपुर, तरनतारन, फ़ाज़िल्का, फ़िरोज़पुर और लुधियाना हैं।
उन्होंने सवाल किया कि बीजेपी अपना कैंपेन सिर्फ़ पंजाब पर ही क्यों केंद्रित कर रही है, जबकि ड्रग्स से जुड़ी चिंताएं दूसरे राज्यों में भी मौजूद हैं। पन्नू ने सीमा पार से होने वाली ड्रग तस्करी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जिन संवेदनशील ज़िलों पर चर्चा हो रही है, उनमें कई सीमावर्ती ज़िले भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और बॉर्डर सिक्योरिटी फ़ोर्स (BSF) को यह बताना चाहिए कि पंजाब में ड्रग्स की एंट्री रोकने के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं।
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ये बातें ऐसे समय में कही गई हैं जब राज्य में ड्रग्स की समस्या की ज़िम्मेदारी को लेकर BJP और AAP के बीच राजनीतिक खींचतान चल रही है। BJP अपनी ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ शुरू करने वाली है और इस कैंपेन के तहत राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों को कवर किया जाएगा। पन्नू ने कहा कि 2022 में सत्ता में आई भगवंत मान सरकार ने 'युद्ध नशियां विरुद्ध' अभियान शुरू किया और ड्रग नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई जारी रखी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीमा पार तस्करी से निपटने के लिए BSF के साथ भी काम कर रही है और अपनी कोशिशों के तहत एंटी-ड्रोन सिस्टम भी तैनात किए हैं।
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