Delhi के RK Puram में कार ने बाइक को मारी टक्कर, 73 वर्षीय चालक Venu Gopal गिरफ्तार
दक्षिण पश्चिम दिल्ली के आरके पुरम इलाके में अफ्रीका एवेन्यू रोड पर एक कार ने सड़क किनारे खड़ी बाइक को टक्कर मार दी जिससे एक शख्स घायल हो गया। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने कार चालक 73 वर्ष आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है जिसकी पहचान वसंत कुंज निवासी वेणु गोपाल के तौर पर हुई है।
पुलिस ने बताया कि कार ने बृहस्पतिवार रात करीब 10 बजे भीकाजी कामा प्लेस से आरके पुरम मेट्रो स्टेशन की ओर जाते समय एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। उस समय मुनीरका गांव निवासी तनिष्क टोकस (21) सड़क किनारे खड़ी अपनी मोटरसाइकिल पर बैठा हुआ था। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि टक्कर के प्रभाव से टोकस मोटरसाइकिल से नीचे गिर गया और कार बाइक को कुछ दूरी तक घसीटते हुए ले गई।
पुलिस ने कहा कि टोकस खुद बाइक के साथ नहीं घसीटा गया था। पुलिस ने बताया कि उसकी मेडिकल जांच कराई गई और उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई है। पुलिस को आरके पुरम थाने में रात करीब 10:22 बजे दुर्घटना के संबंध में सूचना मिली, जिसके बाद पुलिसकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने आरके पुरम थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार को जब्त कर लिया और आरोपी वेणु गोपाल को पकड़ लिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी का भी मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें शराब पीने की पुष्टि नहीं हुई। मामले में आगे की जांच जारी है।
'वोट चोरी के बाद अब पार्टी चोरी': TMC विवाद पर Rahul Gandhi का Election Commission पर हमला
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को चुनाव आयोग के उस फ़ैसले की आलोचना की, जिसमें पश्चिम बंगाल उपचुनाव के दौरान तृणमूल कांग्रेस के विरोधी गुटों को पार्टी का नाम और उसके 'फूल और घास' वाले चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने से रोक दिया गया था। गांधी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग लोगों के जनादेश की रक्षा करने की अपनी संवैधानिक ज़िम्मेदारी निभाने में नाकाम रहा है और इसके बजाय उन ताकतों की मदद कर रहा है जो, उनके अनुसार, चुनावी नतीजों को पलटना चाहती हैं।
इसे भी पढ़ें: Pathankot जा रहे Ravneet Bittu के काफिले पर Attack! BJP ने AAP सरकार पर साधा निशाना
गांधी ने 'X' पर हिंदी में एक पोस्ट में कहा कि पहले शिवसेना, फिर NCP और अब तृणमूल कांग्रेस। हर बार एक ही पैटर्न — BJP और चुनाव आयोग मिलकर किसी पार्टी को तोड़ते हैं। फिर उसका चुनाव चिह्न छीन लिया जाता है। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि अगर पूरी की पूरी राजनीतिक पार्टी ही "चुराई" जा सकती है, तो इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है कि लाखों भारतीयों के वोट भी "चुराए" जा सकते हैं। गांधी ने कहा कि वोट की चोरी। सरकार की चोरी। अब पार्टी की चोरी — ये सब हमारे लोकतांत्रिक पतन की निशानियां बन गई हैं।
कांग्रेस ने गुरुवार को चुनाव आयोग के फ़ैसले की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को फ्रीज़ करना, चुनाव आयोग की संवैधानिक ज़िम्मेदारी से पीछे हटने जैसा है। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस फ़ैसले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए उनका देर रात का जन्मदिन का तोहफ़ा भी बताया। चुनाव आयोग ने गुरुवार रात ममता बनर्जी और अरूप रॉय के नेतृत्व वाले AITC के दो विरोधी गुटों के प्रतिनिधियों की बात सुनने के बाद एक अंतरिम आदेश जारी किया। आयोग ने कहा कि दोनों गुट पार्टी का प्रतिनिधित्व करने का दावा कर रहे थे और इस विवाद पर 'चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968' के पैरा 15 के तहत ठोस फ़ैसला लेने की ज़रूरत है।
इसे भी पढ़ें: PM Narendra Modi के जन्मदिन पर Shivraj Singh Chouhan ने दी बधाई, कहा- विकसित हो रहा भारत
आयोग ने कहा कि इस अंतरिम व्यवस्था का मकसद दोनों गुटों को बराबरी का दर्जा देना, उनके अधिकारों और हितों की रक्षा करना और विवाद पर अंतिम फ़ैसला होने तक मौजूदा उपचुनावों के लिए इसे लागू करना था। श्री अरूप रॉय (याचिकाकर्ता) और सुश्री ममता बनर्जी (प्रतिवादी) के नेतृत्व वाले दोनों में से किसी भी गुट को पार्टी के नाम 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' का इस्तेमाल करने की इजाज़त नहीं होगी।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi








