शरीर और मन को संतुलित रखने के लिए करें ताड़ासन, जानिए इसके लाभ
नई दिल्ली, 18 सितंबर (आईएएनएस)। आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में घंटों एक ही जगह बैठकर काम करने से हमारा शारीरिक पोस्चर बिगड़ जाता है। ऐसे में शरीर और मन को संतुलित रखने के लिए योगासन सबसे सरल और प्रभावी उपाय है। योग के विभिन्न आसनों में से एक प्रमुख आसन है ताड़ासन, जो देखने में भले ही सहज लगे, लेकिन इसके स्वास्थ्य लाभ अनेक हैं।
ताड़ासन को समस्थिति भी कहा जाता है। ताड़ शब्द का अर्थ संस्कृत में पर्वत होता है, जिसके ऊपर इस आसन का नाम रखा गया है। ताड़ासन योग का एक मूलभूत आसन है क्योंकि यह आसन अनेक आसनों का आधार है और योग साधना में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। एक्सपर्ट के अनुसार यह बेहद आसान और फायदेमंद योगासन है, जिसे करने से हाइट भी बढ़ने लगती है।
भारत सरकार का आयुष मंत्रालय बताता है कि ताड़ासन करने से एक-दो नहीं, कई फायदे मिलते हैं। इसे करने के लिए सबसे पहले पैरों को 2 इंच की दूरी पर रखकर सीधे खड़े हों। उंगलियों को आपस में फंसा लें और कलाई को बाहर की ओर मोड़ें। सांस लेते हुए बाजुओं को सिर के ऊपर कंधों की सीध में उठाएं। इसके बाद, एड़ियों को जमीन से ऊपर उठाकर पंजों पर संतुलन बनाएं। इस मुद्रा में 10-15 सेकंड तक रहना चाहिए।
आमतौर पर हम अपनी छाती और पीठ की मांसपेशियों में कम-कम खिंचाव ला पाते हैं, लेकिन ताड़ासन करने से छाती, कंधे और पीठ की मांसपेशियों में भी खिंचाव आता है। इस आसन के नियमित अभ्यास से शरीर का कद बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है और स्लिप डिस्क की संभावना नहीं रहती है।
एक्सपर्ट का कहना है कि ताड़ासन एक ऐसा योगासन है जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। हालांकि, सावधानियां बरतनी जरूरी हैं। लो ब्लड प्रेशर या चक्कर की समस्या वाले लोग पंजों पर संतुलन बनाते समय सतर्क रहें। गर्भवती महिलाओं को योग प्रशिक्षक की देखरेख में यह आसन करना चाहिए। अधिक समय तक मुद्रा में रहने से पैरों पर दबाव पड़ सकता है, इसलिए शरीर की क्षमता के अनुसार अभ्यास करें।
--आईएएनएस
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सेमिकॉन 2026 आज दूसरा दिन, 500 से ज्यादा कंपनियों ने सेमीकंडक्टर प्रोडक्शन को लेकर कमर कसी
Semicon 2026: अब दो दिन दूर नहीं जब भारत सेमीकंडक्टर के छेत्र में अमेरिका, चीन, जापान, ताइवान को कड़ी टक्कर देने के लिए अपनी तकनीक का लोहा दुनिया में मनवाएगा, जहाँ न सिर्फ चिप की मैनुफैक्टरिंग का रास्ता साफ़ होगा बल्कि उसे सुरक्षित और गुणवत्ता को भी बेहतर करेगा.
दिल्ली के यशोभूमि में चल रहे सेमीकंडक्टर मिशन सेमिकॉन 2026 का लक्ष्य 5 साल का रखा गया है जिसे पीएम मोदी ने शुरू किया, दुनियाभर से दिग्गज कंपनियों ने इसमें हिस्सा लिया है और अगले 5 साल में 12 लाख करोड़ का निवेश भी इसमें होना है.
चिप उत्पादन के खतरों को AI की मदद से पता लगाना
दिल्ली के यशोभूमि में आज से तीन दिनों तक आयोजित Semicon में एक ऐसा टेक्नोलॉजी है जो कंपनी को करोड़ो के नुकसान से बचाती है। तकनीक का नाम है मल्टी सेंसर मोड्यूल. RayVector का wafer handling टेक्नोलॉजी। ये छोटे से छोटे चिप में गड़बड़ी को सेकेंडों में पकड़ लेता है और कंपनी को बड़े नुकसान से बचाता है.
सेमीकंडक्टर निर्माण अब केवल चिप बनाने तक सीमित नहीं रह गया है। इसमें सटीक imaging, intelligent sensing और AI आधारित analysis की भूमिका लगातार बढ़ रही है। RayVector इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए research और वास्तविक दुनिया में इस्तेमाल होने वाली technology के बीच की दूरी कम करने पर काम कर रही है।
क्या बोले एक्सपर्ट?
RayVector के Founder और CEO श्रीकांत के. अवधानी ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य जटिल semiconductor ideas को research से निकालकर वास्तविक products में बदलना है। उन्होंने कहा कि कंपनी अब sensor और vision innovation के क्षेत्र में अपनी proprietary technologies और products विकसित करने पर विशेष ध्यान दे रही है, ताकि भारत से globally relevant semiconductor technologies तैयार की जा सकें। Research से लेकर Intelligence, Design, Engineering, Product Development और Scale तक फैला है. AI, high-precision imaging, sensor technology और physics-based engineering को एक साथ जोड़कर semiconductor inspection, intelligent sensing, automated analysis और AI-enabled manufacturing जैसे क्षेत्रों के लिए समाधान विकसित किए जा रहे हैं।
RayVector के CTO क्या बोले?
RayVector के CTO चक्रवर्ती एलुमलाई के मुताबिक, कंपनी का जोर innovation को laboratory तक सीमित रखने के बजाय उसे practical और scalable products में बदलने पर है। भारत के साथ अमेरिका में भी कंपनी की मौजूदगी है। Oregon के Tualatin में उसका engineering presence है। कंपनी के मुताबिक भारत की R&D क्षमताओं और अमेरिकी semiconductor ecosystem के साथ सहयोग को जोड़कर वह अपने वैश्विक विस्तार को आगे बढ़ा रही है। RayVector अब अपने अगले चरण में R&D और engineering capabilities के साथ-साथ अपने नाम से proprietary semiconductor technologies और products विकसित करने की दिशा में बढ़ रही है।
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