पासपोर्ट नियमों में बड़ा बदलाव, 15 साल से कम बच्चों का पासपोर्ट अब 5 साल तक रहेगा वैध
15 साल से कम उम्र के बच्चों को जारी होने वाले साधारण भारतीय पासपोर्ट अब पांच साल या बच्चे के 18 साल का होने तक, जो भी पहले हो, तक वैध रहेंगे. विदेश मंत्रालय द्वारा अधिसूचित नए नियमों के तहत यह बदलाव किया गया है. पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026, गुरुवार को भारत के राजपत्र में प्रकाशित किया गया है, जो पासपोर्ट नियम, 1980 में संशोधित करता है.
संशोधित नियम 12(1ए) के तहत, 15 साल से कम उम्र के बच्चे को जारी किया गया 36 पन्नों वाला साधारण पासपोर्ट जारी होने की तारीख से पांच साल की अवधि तक, या बच्चे के 18 साल की उम्र पूरी होने तक, जो भी पहले हो, वैध रहेगा. 15 सितंबर की अधिसूचना में पासपोर्ट आवेदन शुल्क से संबंधित नियम 8 में भी संशोधन किया गया है, जिसमें कहा गया है कि आवेदन की प्रत्येक श्रेणी के लिए देय शुल्क नियमों की अनुसूची IV में निर्दिष्ट के अनुसार होगा. संशोधित नियम आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से लागू हो गए हैं. विदेश मंत्रालय ने 1 जुलाई से पासपोर्ट से जुड़ी सेवाओं के शुल्क में बढ़ोतरी की थी. बढ़ा हुआ शुल्क नए पासपोर्ट आवेदन, नवीनीकरण, तत्काल सेवाओं, खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट के बदले नए पासपोर्ट, पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (पीसीसी) और अन्य पासपोर्ट से जुड़ी सेवाओं पर लागू है.
आठ साल से कम उम्र के बच्चों और 60 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए नए पासपोर्ट आवेदन पर 10 प्रतिशत की छूट जारी रहेगी. हालांकि, यह छूट पासपोर्ट के पुनः जारी आवेदनों पर लागू नहीं होगी. वयस्कों के मामले में, 36 पन्नों वाले नए पासपोर्ट या नवीनीकरण के लिए सामान्य आवेदन पर शुल्क मौजूदा 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दिया गया है. 60 पन्नों वाले पासपोर्ट (वयस्क, सामान्य) के लिए शुल्क 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये कर दिया गया है. तत्काल योजना के तहत 36 पन्नों वाले वयस्क पासपोर्ट के लिए शुल्क 3,500 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दिया गया है, जबकि इस श्रेणी में 60 पन्नों वाले पासपोर्ट के लिए शुल्क 4,000 रुपये से बढ़कर 6,000 रुपये हो गया है.
तत्काल श्रेणी में 60 पन्नों वाले वयस्क पासपोर्ट के रिप्लेसमेंट के लिए शुल्क 5,500 रुपये से बढ़ाकर 8,500 रुपये कर दिया गया है. 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए भी पासपोर्ट सेवाएं महंगी हो गई हैं. नाबालिगों के लिए 36 पन्नों वाले नए या पुनः जारी (सामान्य) पासपोर्ट के मामले में, शुल्क 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,750 रुपये कर दिया. तत्काल श्रेणी में नाबालिगों के लिए 36 पन्नों वाले नए या पुनः जारी पासपोर्ट के मामले में, शुल्क 3,000 रुपये से 4,250 रुपये किया गया.
INPUT: ANI
पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत 30 लाख लाभार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया: जीतनराम मांझी
नई दिल्ली, 18 सितंबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत अब तक 30 लाख लाभार्थियों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है, जिनमें से लगभग 24.50 लाख लोगों को बेसिक स्किल ट्रेनिंग मिल चुकी है।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम (एमएसएमई) मंत्री जीतन राम मांझी के अनुसार, इंडिया पोस्ट के जरिए 18.15 लाख आधुनिक टूलकिट बांटे गए हैं। साथ ही, 6.18 लाख विश्वकर्माओं को 5 फीसदी सालाना की रियायती ब्याज दर पर 1 लाख रुपये तक का लोन मिला है, जो कुल मिलाकर 5,297 करोड़ रुपये है।
मांझी ने पीएम विश्वकर्मा योजना की उपलब्धियों के बारे में बताया। इस योजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर, 2023 को पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को स्किल ट्रेनिंग, आधुनिक टूलकिट, क्रेडिट और मार्केट सपोर्ट देकर सशक्त बनाने के लिए शुरू किया था।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) ने कोलकाता के धोनों धान्यो ऑडिटोरियम में पीएम विश्वकर्मा योजना की तीसरी वर्षगांठ मनाई। इस मौके पर पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों की आजीविका, कौशल और उद्यमिता क्षमताओं को मजबूत करने के लिए सरकार की लगातार कोशिशों पर जोर दिया गया।
सभा को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को कौशल प्रशिक्षण और क्रेडिट सहायता देने के महत्व पर जोर दिया।
पश्चिम बंगाल में पीएम विश्वकर्मा योजना की प्रगति के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 7 लाख से अधिक आवेदन मिले हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विश्वकर्माओं को इस योजना का लाभ उठाने में मदद करने के लिए जरूरी सहायता तेजी से उपलब्ध कराएगी।
एमएसएमई के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने लाभार्थियों को बधाई दी और उनके उद्यमी सफर के लिए शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने उन्हें पीएम विश्वकर्मा के तहत मिलने वाले मौकों और सहायता का पूरा फायदा उठाने और सफल उद्यमी बनने की कोशिश करने के लिए प्रोत्साहित किया।
करंदलाजे ने कहा कि यह कार्यक्रम पश्चिम बंगाल के लिए बहुत अहम है, क्योंकि राज्य हाल ही में पीएम विश्वकर्मा योजना से जुड़ा है और यह पश्चिम बंगाल में इस योजना के तहत एमएसएमई मंत्रालय का पहला कार्यक्रम है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिला उद्यमियों को सशक्त बनाना मजबूत परिवारों, समुदायों और एक समृद्ध विकसित भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा।
--आईएएनएस
ओपी/एएस
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