नोएडा में कॉलेज के बाहर छात्रों में घमासान, लात-घूंसों और डंडों से हुई जमकर मारपीट; VIDEO वायरल
चमत्कार: जब बोलने की क्षमता खो चुके शख्स ने कहा- ‘I Love You’, मस्क बोले- ‘A Beautiful Surprise’
एलन मस्क ने न्यूरालिंक के एक वीडियो पर प्रतिक्रिया दी है। वीडियो में ALS से पीड़ित एक व्यक्ति, जो अपनी बोलने की क्षमता खो चुका है, ब्रेन इम्प्लांट की मदद से दोबारा बोलता नजर आया। इस दौरान उसने अपने पार्टनर से ‘I Love You’ कहा। इस वीडियो को देखकर मस्क ने इसे ‘A Beautiful Surprise’ यानी ‘एक खूबसूरत सरप्राइज’ बताया।
कैसे वापस आई बोलने की क्षमता?
न्यूरालिंक के इस वीडियो में एक ऐसे व्यक्ति को दिखाया गया है, जो बीमारी की वजह से सामान्य तरीके से बोल नहीं सकता। उसके दिमाग में N1 ब्रेन इम्प्लांट लगाया गया है।
यह इम्प्लांट दिमाग से मिलने वाले संकेतों को समझकर उन्हें आवाज में बदलने में मदद करता है। इसके जरिए व्यक्ति अपने विचारों को शब्दों में बदलकर संवाद कर सकता है।
I love you https://t.co/EXullBPoE7
— Elon Musk (@elonmusk) September 17, 2026
अपनी पुरानी आवाज में बोला ‘I Love You’
इस प्रदर्शन की सबसे खास बात यह रही कि व्यक्ति ने अपने पार्टनर से ‘I Love You’ कहा। खास बात यह थी कि कंप्यूटर से बनाई गई आवाज को उसकी बीमारी से पहले की आवाज से मिलाने की कोशिश की गई।
यानी तकनीक का मकसद सिर्फ व्यक्ति को बोलने में मदद करना नहीं है, बल्कि उसे उसकी अपनी आवाज जैसी आवाज में संवाद करने का मौका देना भी है।
मस्क को किस बात ने किया प्रभावित?
न्यूरालिंक के वीडियो पर एलन मस्क ने बहुत छोटी लेकिन भावनात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा- ‘A Beautiful Surprise’।
वीडियो में व्यक्ति को दोबारा अपने पार्टनर से बात करते देखना इस प्रतिक्रिया की मुख्य वजह माना जा सकता है। यह दिखाता है कि ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस का इस्तेमाल केवल कंप्यूटर चलाने या कमांड देने तक सीमित नहीं हो सकता।
अभी प्रायोगिक है न्यूरालिंक की यह तकनीक
न्यूरालिंक के अनुसार, उसके ब्रेन इम्प्लांट अभी प्रायोगिक चरण में हैं। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसके डिवाइस को अभी FDA या किसी अन्य नियामक संस्था से सामान्य इस्तेमाल के लिए मंजूरी नहीं मिली है।
इसके अलावा, एक मरीज में दिखा परिणाम यह साबित नहीं करता कि यही नतीजा हर मरीज में भी मिलेगा। इस तकनीक की क्षमता और सुरक्षा को समझने के लिए अभी और क्लिनिकल ट्रायल की जरूरत है।
सिर्फ बोलना नहीं, संवाद की क्षमता लौटाने की कोशिश
न्यूरालिंक का यह प्रदर्शन ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस के एक महत्वपूर्ण संभावित इस्तेमाल को दिखाता है। ऐसी तकनीक का उद्देश्य उन लोगों को संवाद करने में मदद करना हो सकता है, जिन्होंने बीमारी या अन्य कारणों से बोलने की क्षमता खो दी है।
इस मामले में खास बात यह है कि तकनीक सिर्फ शब्दों को आवाज में बदलने तक सीमित नहीं दिखती, बल्कि व्यक्ति की पुरानी आवाज जैसी आवाज के जरिए संवाद कराने की दिशा में भी काम कर रही है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi











