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Ganpati Visarjan 2026: गणेश विसर्जन के बाद कलश के नारियल का क्या करें? जानें 4 आसान उपाय

Ganpati Visarjan 2026: गणेश उत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति विसर्जन के साथ होता है। इस दौरान भक्त विधि-विधान से भगवान गणेश को विदाई देते हैं। पूजा के समय कलश पर नारियल रखने की भी परंपरा है।

विसर्जन के बाद कई लोगों को यह समझ नहीं आता कि कलश पर रखा नारियल आखिर कहां और कैसे रखें। धार्मिक परंपराओं में पूजा में इस्तेमाल नारियल को सामान्य कचरे में फेंकने के बजाय सम्मानपूर्वक इस्तेमाल करने या उचित तरीके से विसर्जित करने की बात कही जाती है।

प्रसाद के रूप में बांट सकते हैं नारियल
अगर कलश पर रखा नारियल अच्छी स्थिति में है और खाने योग्य है, तो धार्मिक मान्यता के अनुसार उसे फोड़कर प्रसाद के रूप में परिवार और अन्य लोगों में बांटा जा सकता है।

पूजा में अर्पित नारियल को कई परंपराओं में शुभ प्रसाद माना जाता है। इसलिए इसे बेकार समझकर फेंकने के बजाय श्रद्धापूर्वक इस्तेमाल करने की परंपरा है।

खराब नारियल का क्या करें?
अगर नारियल खराब हो गया है या खाने योग्य नहीं है, तो उसे खाने के लिए इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में स्थानीय धार्मिक परंपरा के अनुसार उसे बहते जल में प्रवाहित करने की मान्यता है।

हालांकि, पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए किसी भी प्राकृतिक जलस्रोत में ऐसी वस्तु डालने से पहले स्थानीय नियमों का पालन करना जरूरी है। बेहतर विकल्प उपलब्ध हो तो जैविक सामग्री का उचित निस्तारण किया जा सकता है।

अंकुर निकल आए तो क्या करें?
अगर नारियल से अंकुर निकल आया है, तो उसे कचरे में फेंकने के बजाय मिट्टी में रोपने की परंपरा भी बताई जाती है। इसे घर के बगीचे या किसी उपयुक्त स्थान पर लगाया जा सकता है।

माता लक्ष्मी की कृपा के लिए नारियल का उपाय
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, पूजा में इस्तेमाल नारियल को लाल या पीले साफ कपड़े में लपेटकर घर के मंदिर में रखने का उपाय किया जाता है। कुछ परंपराओं में इसे मुख्य द्वार के पास रखने की भी बात कही जाती है। मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मकता और समृद्धि का वातावरण बना रहता है। हालांकि, ये धार्मिक मान्यताएं हैं, इनका वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

धन-संपत्ति के लिए नारियल का उपाय
धन-समृद्धि से जुड़े ज्योतिषीय उपायों में जटावाला पानीदार नारियल का भी उल्लेख मिलता है। प्रचलित मान्यता के अनुसार, इस पर चमेली के तेल में घोले गए सिंदूर से स्वस्तिक बनाकर इसे हनुमान मंदिर में अर्पित किया जाता है। धार्मिक मान्यता में इस उपाय को आर्थिक परेशानियों और धन से जुड़ी बाधाओं को दूर करने से जोड़ा जाता है।

कर्ज से मुक्ति के लिए क्या उपाय बताया गया है?
कर्ज से मुक्ति के लिए भी नारियल से जुड़ा एक उपाय प्रचलित है। इसके अनुसार शुक्ल पक्ष के बुधवार को जटावाला नारियल को करीब सवा मीटर पीले कपड़े में लपेटा जाता है। इसके साथ पीले मिष्ठान्न और सवा पाव मूंग की दाल रखकर इसे किसी विष्णु मंदिर में दान करने की मान्यता है।

व्यापार में उन्नति के लिए नारियल
व्यापार में उन्नति से जुड़े उपायों में नारियल को लाल या पीले साफ कपड़े में बांधकर घर या दुकान के मुख्य दरवाजे के अंदर की ओर लटकाने की परंपरा बताई जाती है। ज्योतिषीय मान्यता में इसे नकारात्मकता दूर करने और व्यापार में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने से जोड़ा जाता है।

नारियल को कचरे में फेंकने से बचें
गणपति विसर्जन के बाद पूजा सामग्री के साथ नारियल को भी सामान्य कचरे में डालने के बजाय उसकी स्थिति के अनुसार इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है। खाने योग्य हो तो प्रसाद के रूप में उपयोग किया जा सकता है, अंकुरित हो तो पौधे के रूप में लगाया जा सकता है और खराब होने की स्थिति में स्थानीय नियमों के मुताबिक उसका उचित निस्तारण किया जाना चाहिए।

नोट: नारियल से जुड़े धन, कर्ज या व्यापार संबंधी उपाय ज्योतिषीय और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें निश्चित आर्थिक परिणाम की गारंटी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

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Lord Ganesha-Kuber Story: कुबेर के महल में पहुंचते ही बाल गणेश ने खा लिया सारा भोजन, जानें क्या था रहस्य

Bal Ganesha Story: हिंदू धर्म की पौराणिक कथाओं में देवी-देवताओं से जुड़े कई ऐसे प्रसंग मिलते हैं, जिनमें जीवन के लिए महत्वपूर्ण संदेश छिपे होते हैं। भगवान गणेश और धन के देवता कुबेर से जुड़ी एक प्रसिद्ध कथा भी ऐसी ही है। इस कथा में धन-संपत्ति से अधिक विनम्रता, श्रद्धा और अहंकार से दूर रहने का संदेश दिया गया है।

पौराणिक मान्यता के अनुसार, एक बार कुबेर देव को अपने धन और ऐश्वर्य पर काफी गर्व हो गया। अपने वैभव का प्रदर्शन करने के लिए उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती को अपने महल में भव्य भोज के लिए आमंत्रित किया।

कुबेर ने भगवान शिव को क्यों दिया भोज?
कथा के अनुसार, कुबेर चाहते थे कि भगवान शिव और माता पार्वती उनके महल की भव्यता और अपार संपत्ति को देखें। भगवान शिव कुबेर के मन में पैदा हुए इस अहंकार को समझ गए।

उन्होंने स्वयं कुबेर के भोज में जाने के बजाय बाल गणेश को वहां भेज दिया। कथा के एक प्रचलित रूप में शिवजी ने कुबेर से बाल गणेश की भूख शांत करने के लिए कहा। इसके बाद बाल गणेश कुबेर के महल पहुंच गए।

बाल गणेश ने खा लिया सारा भोजन
कुबेर ने बाल गणेश के स्वागत के लिए तरह-तरह के पकवान तैयार करवाए। उनके सामने स्वादिष्ट व्यंजनों से भरी कई थालियां परोसी गईं। कथा के अनुसार, बाल गणेश ने देखते ही देखते सारा भोजन खा लिया, लेकिन उनकी भूख शांत नहीं हुई। कुबेर लगातार उनके सामने भोजन परोसते रहे, लेकिन गणेश जी की भूख कम होने के बजाय बढ़ती ही गई।

कुछ ही समय में महल का तैयार भोजन खत्म हो गया। इसके बाद बाल गणेश ने रसोई में रखा कच्चा सामान और दूसरी वस्तुएं भी खाना शुरू कर दिया। कथा के कुछ प्रचलित रूपों में महल के बर्तनों को खाने का भी वर्णन मिलता है।

घबरा गए कुबेर, महादेव के पास पहुंचे
बाल गणेश की लगातार बढ़ती भूख देखकर कुबेर परेशान हो गए। उन्हें समझ नहीं आया कि आखिर गणेश जी की भूख कैसे शांत की जाए। जब स्थिति उनके नियंत्रण से बाहर होती नजर आई तो कुबेर भगवान शिव के पास कैलाश पहुंचे। उन्होंने महादेव से अपनी गलती के लिए क्षमा मांगी और गणेश जी की भूख शांत करने का उपाय पूछा।

महादेव ने बताया अहंकार दूर करने का उपाय
भगवान शिव ने कुबेर को समझाया कि धन और ऐश्वर्य पर अहंकार करना उचित नहीं है। कथा के अलग-अलग प्रचलित रूपों में गणेश जी की भूख शांत करने के लिए अलग-अलग प्रसाद का उल्लेख मिलता है।

एक मान्यता के अनुसार, भगवान शिव ने कुबेर को दूर्वा दी और उसे श्रद्धा के साथ गणेश जी को अर्पित करने के लिए कहा। कुबेर ने ऐसा ही किया और इसके बाद गणेश जी की भूख शांत हो गई। वहीं, कथा के कुछ अन्य रूपों में माता पार्वती द्वारा बनाए गए चावल या लड्डू को प्रेम और श्रद्धा से गणेश जी को अर्पित करने का उल्लेख मिलता है।

बाल गणेश ने कुबेर को क्या सिखाया?
कथा के अनुसार, इस प्रसंग के बाद कुबेर को समझ आया कि धन-संपत्ति और वैभव से ज्यादा महत्वपूर्ण विनम्रता और सच्ची श्रद्धा है। इस पौराणिक कथा का मूल संदेश यही माना जाता है कि इंसान के पास चाहे कितना भी धन और ऐश्वर्य क्यों न हो, उसे उसका अहंकार नहीं करना चाहिए। संपत्ति का सही उपयोग और दूसरों के प्रति विनम्र व्यवहार ही उसे सार्थक बनाता है।

नोट: यह लेख धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं पर आधारित कथा का वर्णन है। इसके अलग-अलग प्रचलित संस्करणों में कुछ घटनाओं और प्रसाद से जुड़े विवरण अलग मिल सकते हैं।

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  Sports

Hardik Pandya अभी 10 ओवर नहीं फेंक सकते: Gautam Gambhir ने Team India में वापसी पर दिया बड़ा बयान

गुरुवार को अफ़गानिस्तान के ख़िलाफ़ T20I सीरीज़ में 3-0 से क्लीन स्वीप करने के बाद, भारत के हेड कोच गौतम गंभीर ने नीतीश कुमार रेड्डी के सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर के तौर पर विकास का समर्थन किया और कहा कि हार्दिक पांड्या को इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी से पहले मैच खेलने की ज़रूरत होगी। भारत ने नई दिल्ली में खेले गए तीसरे और आखिरी मैच में 127 रनों की शानदार जीत के साथ अफ़गानिस्तान के ख़िलाफ़ T20I सीरीज़ में 3-0 से क्लीन स्वीप किया।

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अभिषेक शर्मा ने 34 गेंदों पर रिकॉर्ड-तोड़ 108 रन बनाए, जिससे भारत ने 221/7 का स्कोर खड़ा किया। इसके बाद रवि बिश्नोई और रेड्डी ने तीन-तीन विकेट लेकर अफ़गानिस्तान को 94 रन पर ऑलआउट कर दिया। यह T20I में अफ़गानिस्तान की सबसे बड़ी हार थी और इस फ़ॉर्मेट में भारत के ख़िलाफ़ उनका सबसे कम स्कोर भी। मैच के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने कहा कि T20 फ़ॉर्मेट से नीतीश के हटने से उन्हें वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ ज़्यादा खेलने का मौका मिलेगा। उन्होंने 2027 के वनडे वर्ल्ड कप और भारत के साउथ अफ़्रीका दौरे से पहले सीम-बॉलिंग ऑलराउंडर तैयार करने की अहमियत पर ज़ोर दिया।

वहीं, रेड्डी को पहले एशियन गेम्स के लिए 15 सदस्यों वाली क्रिकेट टीम में शामिल किया गया था, लेकिन अब उन्हें हटा दिया गया है और उनकी जगह वे वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ भारत की वनडे सीरीज़ में खेलेंगे। मैच के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने कहा कि नीतीश के नज़रिए से यह बहुत अच्छी बात है कि उन्हें T20 फ़ॉर्मेट से हटा दिया गया है और उन्हें वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ भी खेलने का मौका मिलेगा। हम जानते हैं कि एक साल बाद और जब हम साउथ अफ़्रीका जाएंगे, तो एक सीम-बॉलिंग ऑल-राउंडर कितना अहम होगा। और जब हार्दिक वापस आएंगे, तो ज़ाहिर है कि यह अच्छा ही होगा।"

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उन्होंने आगे कहा कि भारत शायद नीतीश और हार्दिक दोनों को एक ही प्लेइंग XI में खिला सकता है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि पांड्या अभी 10 ओवर नहीं डाल सकते और IPL के बाद से उन्होंने ज़्यादा क्रिकेट नहीं खेला है। गंभीर ने कहा कि कभी-कभी हम उन दोनों को प्लेइंग 11 में खिला सकते हैं। लेकिन अभी हार्दिक 10 ओवर नहीं डाल सकते और IPL के बाद से उन्होंने ज़्यादा क्रिकेट नहीं खेला है, इसलिए हम उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट में जल्दी नहीं उतारना चाहते क्योंकि इंटरनेशनल क्रिकेट शरीर के लिए बहुत मुश्किल हो सकता है। इसलिए अगर वह इंडिया A सीरीज़ खेलते हैं, तो ज़ाहिर है कि उन्हें खेलने का मौका भी मिलेगा।

Fri, 18 Sep 2026 15:07:00 +0530

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