70% बच्चों को नींद न आने की समस्या, 7 साल के बच्चों को घेर रहा अकेलापन; नई रिसर्च में हुआ खुलासा
One in seven learners aged 7-11 report clinically significant emotional difficulties: हर सात में से एक बच्चा टेंशन, अकेलेपन और डर जैसी भावनात्मक परेशानियों से गुजर रहा है, जो इतनी गंभीर हैं कि उन्हें डॉक्टरों की मदद की जरूरत पड़ रही है.वहीं, 70% बच्चे नींद न आने की समस्या से जूझ रहे हैं.ये बातें 50000 बच्चों पर हुई नई रिसर्च में सामने आईं हैं।
दरअसल, ये रिसर्च अमेरिका के वेल्स में स्थित करीब 500 प्राइमरी स्कूलों में की गई है.जहां बच्चों से उनकी दिनचर्या, खानपान की आदतों और रूटीन में आने वाली मानसिक व शारीरिक परेशानियों के बारे में सवाल किए गए.
Anxiety, loneliness and low self-esteem in children as young as seven https://t.co/KqXg1QaGZt
— BBC Wales News (@BBCWalesNews) January 10, 2026
भावनात्मक परेशानियों से गुजर रहे बच्चों को पड़ रही डॉक्टर की मदद की जरूरत
शोध के बाद जारी हुई रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं.रिपोर्ट के मुताबिक जिन बच्चों पर शोध किया गया उनमें से हर सात में से एक बच्चा (लगभग 14%) ऐसी भावनात्मक परेशानियों से गुजर रहा है, जो इतनी गंभीर हैं कि उन्हें पेशेवर (डॉक्टर) मदद की जरूरत है.यानी औसतन हर क्लास में चार बच्चे इस श्रेणी में आते हैं.
हर तीन में से 1 बच्चा उदासी और परेशानी महसूस करता है
रिसर्च के अनुसार रिसर्च में शामिल तीन में से एक बच्चा नियमित रूप से चिंता, उदासी और परेशानी महसूस करता है.70% बच्चे अक्सर नींद की समस्या से जूझते हैं.वहीं, आधे से ज्यादा बच्चों ने स्कूल में धमकाए जाने (बुलिंग) किए जाने की शिकायत की.वहीं, आधे से कम बच्चे ही रोजाना फल-सब्जियां खाते हैं।
पहली बार है प्राइमरी स्कूल के बच्चों ने इतने बड़े स्तर पर की अपनी परेशानी शेयर
रिसर्च से पता चला है कि प्राइमरी स्कूल के बच्चों में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां बढ़ी हैं.7 से 11 साल के बच्चों ने इस तरह की समस्या होने की बात कही है.बता दें अमेरिका की कार्डिफ यूनिवर्सिटी के डिसिफर प्रोग्राम के तहत स्कूल हेल्थ रिसर्च नेटवर्क (SHRN) द्वारा ये रिसर्च की गई थी.यह रिपोर्ट इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये पहली बार है जब प्राइमरी स्कूल के बच्चों से इस तरह की परेशानी होने की बात कही है।
फोन पर ज्यादा टाइम बीताने वाले बच्चे फियर ऑफ मिसिंग आउट से पीड़ित
रिपोर्ट में बताया गया कि बच्चों के परिजनों से भी बात की गई.एक बच्चे की मां ने बताया कि 11 साल की उनकी बेटी स्कूल में बहुत सामान्य लगती है, लेकिन घर पर वो हर छोटी-बड़ी बात को लेकर बहुत आगे-आगे की सोचती है.उसे लगता है कि जो होने वाला है, वो सबसे बुरा होगा.एक परिजन ने कहा कि उनका 10 साल का बेटा रात भर फोन पर मैसेज देखता है और वह FOMO (फियर ऑफ मिसिंग आउट) से ग्रस्त है।
एक्सपर्ट ने बताए बदलाव के तरीके
इस बारे में दिल्ली के एक सरकारी स्कूल में टीचर और मोटिवेशनल स्पीकर खविंद्र चौधरी का कहना है कि बच्चों को पढ़ाने की नीति में कुछ बदलाव करने की जरूरत है.अगर पढ़ाने के तरीके और व्यवहार में जल्द बदलाव नहीं किए गए तो कम उम्र में बच्चों में देखा जा रहा अकेलापन, गुस्सा और डर जैसे समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं.
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वैभव सूर्यवंशी इस मामले में छोड़ देंगे विराट कोहली को पीछे, बनाने होंगे सिर्फ 6 रन
Vaibhav Suryavanshi: 15 जनवरी से अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत होने वाली है. इस टूर्नामेंट में टीम इंडिया अपना पहला मैच यूएसए के खिलाफ खेलेगी. एक बार फिर सभी की नजरें 14 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर टिकी होंगी. छक्के-चौकों की झड़ी लगाने वाले वैभव इस मैच में 6 रन बनाते ही भारतीय दिग्गज विराट कोहली का एक रिकॉर्ड तोड़ देंगे. आइए इस आर्टिकल में आपको उस रिकॉर्ड के बारे में बताते हैं...
6 रन बनाते ही वैभव निकल जाएंगे Virat Kohli से आगे
अब आप भी सोच रहे होंगे कि भला 14 साल के वैभव सूर्यवंशी, भला विराट कोहली से किस मामले में आगे निकल सकते हैं? दरअसल, विराट कोहली ने अंडर-19 में यूथ ODI में 28 मुकाबले खेले थे, जिसकी 25 पारियों में उन्होंने 46.57 के औसत से 978 रन बनाए थे. वहीं, वैभव ने अब तक इसमें 18 मैच खेले हैं, जिसमें 54.05 के औसत से उन्होंने 973 रन बना लिए हैं. इस तरह वह 6 रन बनाते ही अंडर-19 यूथ ओडीआई में विराट कोहली द्वारा बनाए रनों से आगे निकल जाएंगे.
नंबर-1 पर हैं विजय जोल
अंडर-19 यूथ ओडीआई में सबसे अधिक रन बनाने का वाले भारतीय बल्लेबाज का नाम है विजय जोल. विजय ने 2012-2014 में 36 मुकाबले खेले, जिसमें 42.54 के औसत और 73.12 की स्ट्राइक रेट से 1404 रन बनाए थे. वह एकमात्र भारतीय हैं, जिसने अंडर-19 यूथ ODI में 1400 रनों का आंकड़ा पार किया.
शुभमन और यशस्वी के रिकॉर्ड भी निशाने पर
On the back of impressive centuries from captain Vaibhav Sooryavanshi and Aaron George, India U19 registered a convincing 2⃣3⃣3⃣-run victory in the 3rd Youth ODI against South Africa ????
— BCCI (@BCCI) January 7, 2026
With that, they clean sweep the series 3⃣-0⃣ ???? pic.twitter.com/zo3LctigJs
वैभव सूर्यवंशी जब-जब मैदान पर उतरते हैं, तब-तब सभी की निगाहें उनपर टिकी रहती हैं और लगभग हर मैच में ही वह कोई न कोई रिकॉर्ड अपने नाम करते हैं. ऐसे में अब सिर्फ विराट कोहली ही नहीं, जल्द ही वैभव सूर्यवंशी शुभमन गिल और यशस्वी जायसवाल को भी पीछे छोड़ सकते हैं. वैभव कमाल के फॉर्म में हैं और इन दोनों ही सीनियर प्लेयर्स को पीछे छोड़ने के लिए उन्हें 400 रन के करीब ही बनाने हैं.
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