'हम इस ऐतिहासिक संबंध को एक आधुनिक साझेदारी में बदल रहे हैं', जर्मन चांसलर संग संयुक्त प्रेसवार्ता में बोले पीएम मोदी
जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज भारत के दो दिवसीय दौरे पर हैं. इस दौरान गुजरात के अहमदाबाद में हुए कार्यक्रमों में वे पीएम नरेंद्र मोदी के साथ दिखाई दिए. यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 12 से 13 जनवरी तक दो दिनों के लिए रखा गया है. इस दौरान एक संयुक्त प्रेसवार्ता में पीएम मोदी ने कहा ,'विकास, प्रवासन, गतिशीलता और कौशल संवर्धन पर विशेष जोर दिया गया है. भारत के प्रतिभाशाली युवा जर्मन अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं. आज जारी की गई वैश्विक कौशल साझेदारी पर संयुक्त घोषणापत्र इसी भरोसे का प्रतीक है.'
शिक्षा क्षेत्र में हमारी साझेदारी को एक नई दिशा देगा
पीएम ने कहा, 'स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों की आवाजाही में विशेष रूप से सुविधा होगी. वहीं हमने खेल के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं. यह युवाओं को जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम होगा. इसे विकसित किया गया उच्च शिक्षा पर व्यापक रोडमैप शिक्षा क्षेत्र में हमारी साझेदारी को एक नई दिशा देगा. मैं जर्मन विश्वविद्यालयों को भारत में अपने परिसर खोलने के लिए आमंत्रित करता हूं.'
#WATCH | Gandhinagar, Gujarat: Prime Minister Narendra Modi says, "The Indo-Pacific is a high priority for both countries. We are going to launch a consultation mechanism to enhance cooperation in this region. Today, we discussed in detail a number of global and regional issues,… pic.twitter.com/2QDmNXhxf2
— ANI (@ANI) January 12, 2026
जर्मनी के बौद्धिक जगत को एक नया दृष्टिकोण दिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "भारत और जर्मनी के बीच ऐतिहासिक और गहरे जन-संबंध हैं. रवींद्रनाथ टैगोर की रचनाओं ने जर्मनी के बौद्धिक जगत को एक नया दृष्टिकोण दिया. स्वामी विवेकानंद के दर्शन ने जर्मनी समेत पूरे यूरोप को प्रेरित किया और मैडम कामा ने जर्मनी में पहली बार भारत के स्वतंत्रता ध्वज को फहराकर हमारी स्वतंत्रता की आकांक्षाओं को वैश्विक मान्यता दी. हम इस ऐतिहासिक संबंध को एक आधुनिक साझेदारी में बदल रहे हैं."
नई परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "हम जलवायु, ऊर्जा, शहरी विकास और शहरी गतिशीलता जैसे क्षेत्रों में संयुक्त रूप से नई परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं. दोनों देशों की कंपनियों की ओर से शुरू की गई हरित हाइड्रोजन की नई मेगा परियोजना भविष्य की ऊर्जा के लिए क्रांतिकारी साबित होने वाली है. भारत और जर्मनी सुरक्षित, भरोसेमंद और सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखलाओं के निर्माण के लिए मिलकर काम कर रहे हैं. आज इन सभी विषयों पर हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापनों से हमारे सहयोग को नई गति और मजबूती मिलेगी. रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में बढ़ता सहयोग हमारे आपसी विश्वास और साझा दृष्टिकोण का प्रतीक है.
पीएम मोदी और जर्मन चांसलर ने साझा बयान जारी किया, आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने का लिया संकल्प
गांधीनगर, 12 जनवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर ने द्विपक्षीय वार्ता के बाद साझा बयान जारी किया। मीडिया को संबोधित करते हुए दोनों नेताओं ने तकनीकी, रणनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों में संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। दोनों ने आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करने का संकल्प लिया।
मर्ज का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, भारत जर्मनी के साथ अपनी दोस्ती और पार्टनरशिप को और मजबूत करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। गुजरात में हम कहते हैं ‘आवकारो मिठो आपजे रे’—यानी स्नेह और आत्मीयता से आपका स्वागत करते हैं। इसी भावना के साथ, हम चांसलर का भारत में दिल से स्वागत करते हैं।
प्रधानमंत्री और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की उपस्थिति में भारत और जर्मनी के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी किए गए।
पीएम मोदी ने कहा, हम एकमत हैं कि आतंकवाद पूरी मानवता के लिए एक गंभीर खतरा है। भारत और जर्मनी इसके विरुद्ध एकजुट होकर पूरी दृढ़ता से लड़ाई जारी रखेंगे। भारत और जर्मनी सहमत हैं कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक संस्थाओं में सुधार अत्यंत महत्वपूर्ण है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए जी4 के माध्यम से हमारा संयुक्त प्रयास इसी सोच का प्रमाण है।
प्रधानमंत्री ने चांसलर की यात्रा को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा, चांसलर मर्ज की ये यात्रा एक विशेष समय पर हो रही है। पिछले वर्ष हमने अपनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे किए और इस वर्ष हम अपने राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष भी मना रहे हैं। ये माइलस्टोन केवल समय की उपलब्धियां नहीं हैं, ये हमारी साझा महत्वाकांक्षाओं, परस्पर विश्वास और निरंतर सशक्त होते सहयोग के प्रतीक हैं...भारत और जर्मनी जैसे देशों की अर्थव्यवस्थाओं के बीच करीबी सहयोग पूरी मानवता के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने आगे कहा, भारत और जर्मनी के बीच तकनीकी सहयोग प्रति वर्ष मजबूत हुआ है, और आज इसका प्रभाव जमीन पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारत और जर्मनी की प्राथमिकताएं समान हैं।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बीच गांधीनगर के महात्मा मंदिर कनवेंशन सेंटर में द्विपक्षीय वार्ता हुई।
--आईएएनएस
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