UNSC में रूस-चीन ने ईरान से निभाई दोस्ती, अमेरिकी प्रतिबंध निगरानी प्रस्ताव पर लगाया वीटो
UNSC Veto Power: अमेरिका और ईरान में पिछले 6 महीनों से चल रहे संघर्ष के बीच ईरान के लिए बड़ी राहत है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में ईरान को रूस और चीन का साथ मिला. स्थायी सदस्य होने के नाते दोनों देशों ने अमेरिकी प्रतिबंध निगरानी प्रस्ताव पर वीटो लगा दिया है. इससे निगरानी समिति का कार्यकाल खत्म हो गया.
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, रूस और चीन ने ईरान के खिलाफ प्रतिबंधों की निगरानी से जुड़े अमेरिका समर्थित प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वीटो कर दिया. इस प्रस्ताव का मकसद ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों की निगरानी कर रहे संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों का कार्यकाल आगे बढ़ाना था. गुरुवार को हुए मतदान में प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल सकी.
क्या था प्रस्ताव में?
इन प्रतिबंधों को पिछले साल पश्चिमी देशों ने दोबारा लागू किया था. पश्चिमी देशों ने ईरान पर 2015 के परमाणु समझौते की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था. हालांकि, ईरान लगातार इन आरोपों को खारिज करता रहा है. तेहरान का कहना है कि वह न तो परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है और न ही परमाणु समझौते का उल्लंघन किया है.
क्या बोला रूस?
मतदान के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस के राजदूत वासिली नेबेंजिया ने पश्चिमी देशों को ईरान के मुद्दे पर सावधानी बरतने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों की मौजूदा कार्रवाइयां फारस की खाड़ी में तनाव बढ़ा सकती हैं और संकट के समाधान की कोशिशों को और मुश्किल बना सकती हैं. उन्होंने पश्चिमी सहयोगियों से ऐसी कार्रवाइयों को रोकने की अपील की.
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