मिनेसोटा प्रकरण पर ट्रंप ने आईसीई का लिया पक्ष, मारी गई महिला निकोल गुड के व्यवहार को बताया गलत
वाशिंगटन, 12 जनवरी (आईएएनएस)। अमेरिका के मिनेसोटा के मिनियापोलिस के मामले ने काफी तूल पकड़ लिया है। सड़क से गोल्डन ग्लोबल अवॉर्ड्स तक में विरोध जताया जा रहा है। शुरू से ही देश के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन विरोध प्रदर्शनों की मुखालफत करते आए हैं। पत्रकारों ने जब उनसे एयरफोर्स वन में सवाल किया तो उन्होंने आव्रजन और सीमा शुल्क विभाग (आईसीई) अधिकारी की गोली का शिकार हुई रेनी निकोल गुड के व्यवहार को ही इसका दोषी बताया।
ट्रंप ने कहा, हमें अपने लॉ एनफोर्समेंट (कानून लागू करने वाली एजेंसियों) का सम्मान करना होगा। कम से कम, उस महिला ने लॉ एनफोर्समेंट के साथ बहुत, बहुत बुरा बर्ताव किया। आप लॉ एनफोर्समेंट के साथ ऐसा नहीं कर सकते, चाहे वह पुलिस हो, या आईसीई, या बॉर्डर पेट्रोल हो या फिर कोई और हो।
उन्होंने कहा कि मारी गई महिला का आईसीई अधिकारी के साथ व्यवहार बहुत असम्मानजनक था। मुझे लगता है वो प्रोफेशनल एजिटेटर्स (विद्रोही) थीं, और मैं पता लगाऊंगा कि उन्हें इस काम के लिए कौन पैसे दे रहा है।
बता दें कि एक आईसीई अधिकारी ने बुधवार को मिनेसोटा राज्य के मिनियापोलिस शहर में एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी थी जिसके बाद से ही पूरे राज्य के लोगों में भारी गुस्सा है। लोग सड़क पर इसका विरोध कर रहे हैं। अमेरिकी महिला की हत्या राष्ट्रपति ट्रंप की सख्त इमिग्रेशन नीतियों के बीच हुई है।
37 साल की रेनी निकोल गुड को 34वीं स्ट्रीट और पोर्टलैंड एवेन्यू के चौराहे के पास गोली मारी गई थी। तब वो अपनी एसयूवी में थीं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम शुरू से ही मौत का दोषी उसे ही बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिला मौके पर मौजूद आईसीई एजेंट्स के काम में दखल दे रही थी जो कि उकसावे वाला था।
ट्रंप के सख्त प्रवासन मुहिम की प्रमुख चेहरा मानी जाने वाली नोएम ने कहा था कि जब अधिकारियों ने गुड से गाड़ी से बाहर निकलने की दरख्वास्त की तो उन्होंने बात नहीं मानी और जानबूझकर एसयूवी को हथियार की तरह इस्तेमाल करते हुए अधिकारी को टक्कर मारने की कोशिश की, जिसके बाद एजेंट ने आत्मरक्षा में तीन गोलियां चलाईं।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
पहला वनडे मैच जीतने के बाद टीम इंडिया के लिए आई बुरी खबर, वॉशिंगटन सुंदर हुए टीम से बाहर : REPORTS
IND vs NZ: न्यूजीलैंड के साथ खेले गए पहले वनडे मैच के दौरान भारतीय स्टार ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर चोटिल हो गए थे. हालांकि, मैच खत्म होने के बाद कप्तान शुभमन गिल ने बताया था कि उन्हें स्कैन के लिए ले जाया जाएगा और फिर उसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है. अब रिपोर्ट्स के हवाले से खबर सामने आई है कि सुंदर की इंजरी गंभीर है और वह इस सीरीज के बचे हुए 2 मैचों से बाहर हो गए हैं.
वॉशिंगटन सुंदर हुए बचे हुए मैचों से बाहर
भारत और न्यूजीलैंड के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज खेली जा रही है. सीरीज के पहले मैच में टीम इंडिया ने जीत तो दर्ज की, लेकिन टीम के स्टार क्रिकेटर वॉशिंगटन सुंदर को चोट लगी थी. BCCI के एक सोर्स ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि, न्यूजीलैंड के साथ खेली जा रही वनडे सीरीज से वॉशिंगटन सुंदर साइट स्ट्रेन के कारण बाहर हो गए हैं. वह 14 जनवरी और 18 जनवरी को खेले जाने वाले वनडे मैचों का हिस्सा नहीं होंगे.
???? BIG BLOW FOR INDIA ????
— Johns. (@CricCrazyJohns) January 12, 2026
Washington Sundar has been ruled out of the ODI series vs New Zealand. [Abhishek Tripathi]
Earlier, Tilak Varma has been ruled out of the first 3 T20I vs New Zealand.
T20 World Cup starts in February, lots of injury headaches for Gambhir. pic.twitter.com/VjhMHJsf1F
कैसे चोटिल हुए वॉशिंगटन सुंदर?
न्यूजीलैंड के साथ खेले गए पहले वनडे मैच में टीम इंडिया पहले बॉलिंग करने उतरी थी. जहां, बॉलिंग करते हुए वॉशिंगटन सुंदर चोटिल हो गए थे. इसके चलते वह सिर्फ 5 ओवर बॉलिंग कर मैदान से बाहर चले गए थे. उनकी जगह ध्रुव जुरेल सब्स्टीट्यूट के रूप में फील्डिंग करने आए. सुंदर की इंजरी गंभीर थी, जिसके चलते उनसे पहले हर्षित राणा को बल्लेबाजी के लिए भेजा गया.
मगर, जब हर्षित 29 रन बनाकर आउट हो गए, तो फिर सुंदर दर्द के साथ ही मैदान पर उतरे. बैटिंग करते समय सुंदर को भागने में काफी तकलीफ हो रही थी, इसलिए वह लगातार बाउंड्री की तलाश कर रहे थे, लेकिन कीवी खिलाड़ी उनकी कोशिशों को नाकाम कर रहे थे.
पहले ODI में सुंदर ने बनाए थे 7 रन
न्यूजीलैंड के साथ खेले गए पहले वनडे मैच में वॉशिंगटन सुंदर ने 5 ओवर गेंदबाजी की थी, जिसमें उन्होंने 27 रन लुटाए थे. उन्हें एक भी विकेट नहीं मिला था. वहीं, बल्ले से उन्होंने 7 गेंदों पर 7 रन बनाए और टीम इंडिया की जीत के दौरान नॉन स्ट्राइक एंड पर मौजूद रहे.
ये भी पढ़ें: ये हैं इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-5 बल्लेबाज, नंबर-2 पर पहुंच गए हैं विराट कोहली
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation


















